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ओ बो परिवार को नए साल की मंगल कामना - 'बरवै' छंद में

नया साल है आवा अस संजोग

ओ बी ओ मदिरायित हर्षित लोग

 

हवा भई है ‘बागी’ मन मुस्काय

‘योगराज’ शिव बैठे भस्म रमाय

 

‘प्राची’ ने दिखलाया आज कमाल

नए साल का सूरज निकसा लाल

 

ठहरा सा है मारुत ‘सौरभ’-भार

नवा ओज भरि लाये ‘अरुण कुमार’

‘राणा’–राव महीपति अरु ‘राजेश’

बदले बदले दिखते हैं ‘मिथिलेश’    

 

तना खड़ा है अकडा अब ‘गिरिराज’

हर्ष न देह समाये इसके आज

 

कुहरे में है सूरज अरुणिम बिंदु

नभ में सिहरे-सिहरे से ‘शरदिंदु’

 

‘शिज्जु‘ हमारे हँसमुख अति लहरांय

रहि-रहि बांछे उनकी खिलि –खिलि जांय

 

यह परिवारु हमारा खासम-ख़ास

नए साल से सबका है बड़ि आस

 

छोट बड़ा तो भैया हियाँ न कोय

नया साल यहु सबका मंगल होय

 

 (मौलिक / अप्रकाशित )

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 3, 2018 at 10:54pm

बहुत खूब

Comment by Kalipad Prasad Mandal on January 2, 2018 at 9:37am

बहुत सुन्दर प्रस्तुति आ गोपाल  नारायण  श्रीवास्तव जी , आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

Comment by नाथ सोनांचली on January 1, 2018 at 1:59pm

आद0 गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी सादर अभिवादन। आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। 

Comment by नादिर ख़ान on January 1, 2018 at 12:27pm

सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय डॉ गोपाल नारायन जी, नया वर्ष मंगलमय हो। ...

Comment by ram shiromani pathak on January 1, 2018 at 8:23am

सुंदर बरवै छंद आदरणीय।।हार्दिक बधाई

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on January 1, 2018 at 12:55am

नव वर्ष मंगलमय हो। बहुत बढ़िया सृजन के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी। समस्त ओबीओ परिवार को नववर्ष की हार्दिक बधाइयां और शुभकामनाएं।

Comment by Mohammed Arif on December 31, 2017 at 7:39pm

आदरणीय गोपाल नारायण जी आदाब,

                                       नववर्ष की मुबारकबाद के साथ ही बरवै छंद रचना की हार्दिक बधाई स्वीकार करेंं ।

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