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कविता---बेबस क़लम और हम

क़लम लाचार है
विरोध की तेज़ धार है
घोषणाएँ जारी हैं
ग़रीब का भूखा पेट भी आभारी है
झोंपड़ियों के ऐब सारे ढँक गए
ग़रीब के घर बेबसी की बीमारी है
संसद में भूख का आँकड़ा गरमा रहा है
रहनुमा विकास का तराना गुनगुना रहा है
धर्म के ठेकेदारों की दबंगई है
ईमान की बोली सस्ती लगी है
दहशत में सबकुछ फलफूल रहा है
मदारी ख़ुद झूठ के बाँस पर चल रहा है
बहुत तरक़्की हो चुकी है
चैन की बाँसुरी भी सुर खो चुकी है
सरकार का चरित्र साफ़-साफ़ नज़र आ रहा है
विज्ञापन अख़बार को निगलता जा रहा है
झूठा नारा लगाना सबकी आदत बन गई है
दुर्घटना में मरना भी शहादत हो गई है
घर से निकलते हैं दबंगों के हाथों मरने के लिए
मज़बूरी में अवैध काम करने के लिए

मौलिक एवं अप्रकाशित ।

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Comment by vijay nikore on July 13, 2018 at 9:57am

समसायिक मुद्दों पर आप बहुत अच्छा लिखते हैं ... इस अच्छी रचना पर बधाई।

Comment by Mohammed Arif on July 1, 2018 at 7:51am

हार्दिक आभार आदरणीय बृजेश कुमार जी ।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on June 30, 2018 at 1:59pm

बड़ी अच्छी धारधार प्रस्तुति आदरणीय आरिफ जी...

Comment by Mohammed Arif on June 29, 2018 at 2:38pm

हार्दिक आभार आदरणीया बबीता गुप्ता जी ।

Comment by babitagupta on June 28, 2018 at 9:09pm

वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, प्रशासनिक व्यवस्था को वयां करती रचना, हार्दिक बधाई आदरणीय सर जी. 

Comment by Mohammed Arif on June 28, 2018 at 8:13am

हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी ।

Comment by Mohammed Arif on June 28, 2018 at 8:12am

हार्दिक आभार आदरणीय महेंद्र कुमार जी ।

Comment by TEJ VEER SINGH on June 27, 2018 at 6:46am

हार्दिक बधाई आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ जी। बेहतरीन कविता।

Comment by Mahendra Kumar on June 26, 2018 at 10:18pm

“विज्ञापन अख़बार को निगलता जा रहा है” बिल्कुल सच कहा आपने आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ जी। समसायिक परिदृश्य पर बढ़िया कविता हुई है। इस प्रस्तुति पर ढेर सारी बधाई स्वीकार कीजिए। सादर। 

Comment by Mohammed Arif on June 26, 2018 at 6:20pm

आदरणीय चेतन प्रकाश जी आदाब,

                             काश ! आपने अपनी प्रतिक्रिया हिंदी में दी होती तो अच्छा होता । कितने आश्चर्य की बात है कि आप कविता के मर्म को तो समझ रहे हैं मगर प्रतिक्रिया अंग्रेज़ी में दे रहे हैं । यह हिंदी मंच है । हार्दिक आभार ।

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