For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

माँ   .... 

बताओ न
तुम कहाँ हो
माँ

दीवारों में
स्याह रातों में
अकेली बातों में
आंसूओं के
प्रपातों में
बताओं न
आखिर
तुम कहाँ हो
माँ

मेरे जिस्म पर ज़िंदा
तुम्हारे स्पर्शों में
आँगन में गूंजती
आवाज़ों में
तुम्हारी डाँट में छुपे
प्यार में
बताओं न
आखिर
तुम कहाँ हो
माँ

बुझे चूल्हे के पास
या
रंभाती गाय के पास
पानी के मटके के पास
बताओं न
आखिर तुम
कहाँ हो
माँ

माँ
तुम जब से गयी हो
मेरा अस्तित्व
शून्य की परिभाषा
बन गया है


माँ
मैं तो सदा से
तुझ में समाया रहा
पहले गर्भ में
फिर आँचल के गर्भ में
फिर तेरी ममता के गर्भ में
फिर तेरी धुंधलाती दृष्टि के गर्भ में
बता न माँ
तू मुझे

गर्भाश्रय से वंचित क्यों कर गई

माँ
तू मुझे दीवार पर
अच्छी नहीं लगती
मुझे तस्वीर नहीं
माँ चाहिए
जो मुझे
अपने हाथों से मुझे
स्पर्श स्नान करा दे
मुझे अपने आँचल में छुपा ले
अपनी लोरियों से मुझे सुला दे
माँ
तू अपनी लाल का रुदन
सुन रही है न
मैं थक गया हूँ
तुम्हें पुकारते पुकारते
अब तो बताओं न
आखिर तुम
कहाँ हो
माँ
ए........क

बा.........र तो
आ  जाओ
माँ ाँ ाँ ाँ ाँ ाँ 


सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 69

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on July 17, 2018 at 5:48pm

आदरणीय बृजेश जी सृजन पर आपकी स्नेहिल प्रशंसा के लिए दिल से आभार।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on July 13, 2018 at 5:43pm

उत्तम बहुत ही उत्तम रचना आदरणीय..

Comment by Sushil Sarna on July 12, 2018 at 7:59pm

आदरणीय   vijay nikore  जी सृजन को अपनी आत्मीय प्रशंसा से मान देने का हार्दिक आभार ।

Comment by vijay nikore on July 12, 2018 at 1:05pm

माँ के प्रति इतनी कोमल भावनाएँ आपकी रचना में अच्छी उतरी हैं। हार्दिक बधाई, भाई सुशील जी।

Comment by Sushil Sarna on July 11, 2018 at 7:17pm

आदरणीय समर कबीर साहिब , आदाब ... सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभारी है।

Comment by Samar kabeer on July 11, 2018 at 11:32am

जनाब सुशील सरना जी आदाब,माँ को समर्पित बहुत जज़्बाती कविता हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Sushil Sarna on July 10, 2018 at 7:34pm

आदरणीय  TEJ VEER SINGH जी सृजन को अपनी आत्मीय प्रशंसा से मान देने का हार्दिक आभार ।

Comment by Sushil Sarna on July 10, 2018 at 7:34pm

आद0 Neelam Upadhyaya जी सृजन को अपनी आत्मीय प्रशंसा से मान देने का हार्दिक आभार ।

Comment by Sushil Sarna on July 10, 2018 at 7:33pm

आदरणीय  Mohammed Arif जी सृजन को अपनी आत्मीय प्रशंसा से मान देने का हार्दिक आभार ।

Comment by TEJ VEER SINGH on July 10, 2018 at 6:05pm

हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना साहब जी।बहुत मार्मिक और भावुक कविता लिखी है आपने।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

डॉ छोटेलाल सिंह commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "तारतम्यता"
"उम्दा भाव के साथ सुंदर सृजन का प्रयास किया है आदरण…"
11 minutes ago
Samar kabeer commented on Harihar Jha's blog post अच्छे दिन थे
"मुझे भी यही एक कविता नज़र आ रही है आपकी ।"
14 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on rajesh kumari's blog post नाभी में लेकर कस्तूरी  तय करता मृग कितनी दूरी (गीत राज )
"आदरणीया राजेश कुमारी जी बहुत ही उम्दा भाव के साथ ग…"
16 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on santosh khirwadkar's blog post बीते लम्हों को चलो .....संतोष
"आदरणीय सन्तोष जी उम्दा भाव के साथ आकर्षक पंक्तियां आपने…"
19 minutes ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post ईमान- लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ मिर्ज़ा जावेद बेग जी"
1 hour ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post ईमान- लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ तेज वीर सिंह जी"
1 hour ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post सौदागर
"आदरणीय लक्ष्मण जी आदरणीय समर सर , भाई ब्रिजेश जी , आदरणीय विजय सर आप सबकी प्रतिक्रिया से उत्साहित…"
1 hour ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post सौदागर
"आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी जी आपके मशविरे मेरे लिए बेशकीमती होते हैं लघु कथा बिधा पर लिखने का प्रयास…"
1 hour ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post परवाह- लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ तेज वीर सिंह जी"
1 hour ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post परवाह- लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप जी"
1 hour ago
डॉ छोटेलाल सिंह posted a blog post

जनहित में

जनहित मेंअप शब्दों से बचना सीखेंसबके दिल में बसना सीखेंगम की सारी खायी पाटेंहिल मिलकर के हँसना…See More
2 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएं :
"आदरणीय सुशील सरना जी जीवंत क्षणिकाएं पढ़कर बहुत आनन्द की अनुभूति हुई दिली मुबारकबाद"
3 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service