For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कैसा होगा नया साल यह, कहना शायद मुश्किल है ......... (८ )

कैसा होगा नया साल यह, कहना शायद मुश्किल है 
मनोकामना सम्भव है पर , अच्छी हो सबकी ख़ातिर | 
***
लिखा नियति ने जो इस पर है निर्भर क्या हो अगले पल | 
कृपा बरस जाये प्रभु की या जीवन से हो जाये छल | 
लेकिन अच्छा सोचोगे तो होगा जीवन में अच्छा 
बुरा अगर सोचा तो वैसा सम्भव है हो जाये कल | 
ज्योतिष-ज्ञान सभी की ख़ातिर रखना शायद मुश्किल है 
सदा प्रार्थना सम्भव है पर, अच्छी हो सबकी ख़ातिर | 
***
कैसा होगा नया साल यह......
***
क्या आतंकी नए साल में मंशा अपनी छोड़ेंगे ?
क्या नेता भड़काने वाली माला जपनी छोड़ेंगे ?
क्या दुश्मन कोई छोड़ेगा अपनी चालों को चलना 
क्या निर्धन भी आग ठण्ड में सारे तपनी छोड़ेंगे ?
लगता है आगत में ऐसा होना शायद मुश्किल है 
ईश ! याचना सम्भव है पर, अच्छी हो सबकी ख़ातिर | 
***
कैसा होगा नया साल यह......
***
नव संकल्प किये जाते हैं साल नए जब जब आते | 
यह भी देखा लोग अधिकतर इसी काम में जुट जाते | 
छोड़ दिए जाते ज्यादातर साल गुजरने से पहले 
ऐसे क्यों संकल्प करें हम पूर्ण नहीं जो हो पाते | 
बिन संकल्प मगर लोगों का रहना शायद मुश्किल है 
मित्र ! भावना सम्भव है पर, अच्छी हो सबकी ख़ातिर | 
***
कैसा होगा नया साल यह, कहना शायद मुश्किल है 
मनोकामना सम्भव है पर , अच्छी हो सबकी ख़ातिर | 
***
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' बीकानेरी 
०१/०१/२०१९

( मौलिक और अप्रकाशित )

Views: 596

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on January 4, 2019 at 8:56pm
Comment by Mahendra Kumar on January 4, 2019 at 7:37pm

कैसा होगा नया साल यह, कहना शायद मुश्किल है 
मनोकामना सम्भव है पर , अच्छी हो सबकी ख़ातिर | 

इस बढ़िया रचना पर हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत जी. सादर.

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on January 2, 2019 at 3:48pm

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप जी ,

हार्दिक आभार और अभिनंदन आपका।

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on January 2, 2019 at 3:48pm

आदरणीय Samar kabeer साहेब आदाब ,रचना पर आपके उद्गार पढ़कर मन प्रसन्न हुआ | सादर आभार | 

Comment by नाथ सोनांचली on January 2, 2019 at 3:20pm

आद0 गिरधारी सिंह गहलोत जी सादर अभिवादन। बढिया गीत रचा आपने। बधाई स्वीकार कीजिये

Comment by Samar kabeer on January 2, 2019 at 2:53pm

जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब,नववर्ष पर अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on January 2, 2019 at 1:42pm

भाई राज़ नवादवी जी ,आदाब और नव वर्ष की हार्दिक बधाई | रचना की सराहना कर उत्साहवर्धन के लिए दिल से आभार | आग तापना होता है वैसे तो सही वाक्य | मैंने सिर्फ आग को स्त्रीलिंग मानते हुए केवल तुक मिलाने के लिए तपनी का प्रयोग किया है और कोई शब्द मिल नहीं रहा था | हिंदी में कवि इतनी छूट ले लेते हैं | इशारा तो ये है कि नए साल में क्या गरीबी मिट पाएगी ? 

Comment by राज़ नवादवी on January 2, 2019 at 1:19pm

आदरणीय  गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत साहब, नमस्कार. नववर्ष पर सुन्दर कविता की प्रस्तुति पे बधाईयाँ, बहुत सुन्दर लिखा आपने. कृपया इसे देख लें- 

'क्या निर्धन भी आग ठण्ड में सारे तपनी छोड़ेंगे'. मेरी जानकारी के अनुसार सही पदावलि होगी-

क्या निर्धन भी आग ठण्ड में सारे तपना छोड़ेंगे ?

सादर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

बरसात

बरसात घन गरजे अंधियारी छाई,बिजली अम्बर पर इठलाई  बूँदें टपकी टप-टप भाईरिमझिम रिमझिम बारिश आई पत्ते…See More
Sunday
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"Dear respected Admin team: A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was…"
Saturday
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"..."
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Jun 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Jun 12
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Jun 12
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Jun 11

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service