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वक़्त मुसाफिरी का है ,गुजार ले-- डॉo विजय शंकर

ये तू , ये मैं ,
ये साथ , ये अकेलापन,
सब यहीं है ,
यहीं का है,
एक बार यहां से गए ,
तो तू कौन,
मैं कौन,
एक नाम ही है,
सब यहीं रह जाएगा ,
बहती हवा में बह जाएगा ,
द्रव्य, दृश्य,शब्द, स्मृतियाँ, सब,
कुछ मिटटी में , कुछ
वायु में विलीन हो जाएगा ,
नष्ट नहीं होगा ,
पर साथ नहीं जाएगा ,

ये तू, ये मैं , ये साथ ,
ये रिश्ते , ये बंधन ,
ये सब यहीं के हैं ,
यहीं तक हैं ,
यहीं रह जाएंगे ,
समय में खो जाएंगे ,
साथ नहीं जाएंगे।
ये वक़्त मुसाफिरी का है ,
खुश रह के गुजार ले ,
सफर का लुफ्त ले ,
जो जा रहा है उसे छोड़ दे ,
जो आ रहा है,
उसे स्वीकार ले ,
हँस के या रो के
ये सफर गुजार ले ,
भव है , स्वयं को
भव के पार उतार ले ।।

मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 685

Comment

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Comment by Dr. Vijai Shanker on May 15, 2015 at 8:23pm
आदरणीय सुश्री सविता मिश्रा जी, आभार एवं धन्यवाद, सादर।
Comment by savitamishra on May 14, 2015 at 10:38pm

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति है। हार्दिक बधाई भैया | सादर नमस्ते

Comment by Dr. Vijai Shanker on May 14, 2015 at 9:14pm
आदरणीय विजय निकोर जी, आपको रचना पसंद आई , आभार , आपकी बधाई हेतु धन्यवाद, सादर।
आज मैं भारत वापस जा रहा हूँ.
Comment by Dr. Vijai Shanker on May 14, 2015 at 9:13pm
प्रिय कृष्ण मिश्रा जी, आपको रचना पसंद आई , आभार , आपकी बधाई हेतु धन्यवाद, सादर।
Comment by vijay nikore on May 14, 2015 at 4:37pm

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति है। हार्दिक बधाई, आदरणीय विजय जी।

Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on May 14, 2015 at 3:51pm

वाह ! दार्शनिक विचार लिए सार्थक रचना! आ० vijai shanker सर हार्दिक बधाई निवेदित है!

Comment by Dr. Vijai Shanker on May 14, 2015 at 9:57am
आदरणीय श्री सुनील जी, आपको कविता पसंद आई, अच्छा लगा, आपका आभार , आपकी बधाई के लिए ह्रदय से बहुत बहुत धन्यवाद, सादर.
Comment by shree suneel on May 14, 2015 at 9:25am
जीवन के सबसे बड़े सत्य के प्रति सावधान करती और एक संदेश देती कविता.
आदरणीय डॉ विजय शंकर सर, इस सार्थक प्रस्तुति के लिए बहुत-बहुत बधाई.
Comment by Dr. Vijai Shanker on May 14, 2015 at 9:03am
आदरणीय मोहन सेठी जी, आपका आभार, रचना के लिए बधाई हेतु धन्यवाद, सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on May 14, 2015 at 9:02am
प्रिय मिथिलेश जी, आपका आभार, रचना के लिए बधाई हेतु धन्यवाद, सादर।

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