For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

साथियों,
"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -1) अत्यधिक डाटा दबाव के कारण पृष्ठ जम्प आदि की शिकायत प्राप्त हो रही है जिसके कारण "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2) तैयार किया गया है, अनुरोध है कि कृपया भाग -1 में केवल टिप्पणियों को पोस्ट करें एवं अपनी ग़ज़ल भाग -2 में पोस्ट करें.....

कृपया मुशायरे सम्बंधित अधिक जानकारी एवं मुशायरा भाग 2 में प्रवेश हेतु नीचे दी गयी लिंक क्लिक करें 

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)

Views: 33522

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

आदरणीय अजीत जी आपका तहे दिल से शुक्रिया|

आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी लाजबाब गजल लिखने के लिए बहुत बहुत बधाई

आदरणीय छोटे लाल जी आपका हार्दिक आभार|

आ. भाई राणा प्रताप जी, उम्दा गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

आदरणीय लक्ष्मण धामी साहब ..आपका तहे दिल से शुक्रिया|

राणा भाई, तरही मुशायरे के सौवें आयोजन की हार्दिक बधाइयाँ   इस बार का आयोजन ओबीओ के मंच के लिए मील का पत्थर है. और आप अपनी अकथ व्यस्तता के बावज़ूद जिस लगन और निरंतरता के साथ मुशायरे को आयोजित करते जा रहे हैं यह हम सभी के लिए गर्व की बात है. 

उस पर इस आयोजन के माध्यम से आपकी एक उम्दा ग़ज़ल पढ़ने को मिल रही है. मतलब सोने पर सुहागा. 

दिन ब दिन मैं रहा सवालों में

और वो जांचता गया है मुझे .. .....

इस शेर पर कुछ भी कहा जाय कम होगा. आपके अब तक के सबसे क़ामयाब शेरों में से यह शेर हुआ है. अतिशय बधाइयाँ. 

शुभ-शुभ

आदरणीय सौरभ सर ..१०० वें तरही मुशायरे की आपको भी बधाइयां ..यक़ीनन यह मील का पत्थर है और लगातार आठ से अधिक सालों से यह आयोजन ओ बी ओ की सफलता की एक अनूठी बानगी है.......आपने ग़ज़ल पसंद की इस हेतु हार्दिक आभार|

छोटी बह्र होने के बावजूद इस ज़मीन पर ग़ज़ल कहना मुश्किल है। पर आपकी ग़ज़ल में जो लय है वो शानदार है। ख़ूबसूरत अशआर से सजी इस बेहद उम्दा ग़ज़ल के लिए दिल से ढेर सारी बधाई स्वीकार कीजिए आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी। सादर।

आदरणीय महेन्द्र जी ग़ज़ल पर अपना समय और प्रतिक्रया देने के लिए हार्दिक आभार|

आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी बढ़ियाग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।

राह जब भी तुम्हारी देखी है 

वो बिजी हैं कहा गया है मुझे 

कृपया अन्यथा न लें 100 वे मुशायरे की खुशाी है फिल बदीह शेर भी हो रहे हे । गजल के  लिए बधाई स्वीकार करें

आदरणीय रवि शुक्ला साहब , ग़ज़ल पसंद करने के लिए हर्दिक आभार| लीजिये ओ बी ओ की शान में एक फिल्बदीह शेर हमारी तरफ से भी|

दूर इससे मैं जा नहीं सकता 

अपना हिस्सा बना गया है मुझे 

वाह वाह ।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"बौर से फल तक *************** फागुन आया ऐसा छाया, बाग़ आम का है बौराया भरी मंजरी ने तरुणाई, महक रही…"
1 hour ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
" दिल रुलाना नहीं कि तुझ से कहें  हम ज़माना नहीं कि  तुझ से…"
2 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" दिल रुलाना नहीं कि तुझसे कहें  हम ज़माना नहीं कि तुझसे कहें   फ़क़त अहसास है…"
2 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"भाई अजय गुप्ता जी, मेरी नजर में बहुत शनदार रचना हुई है। इसके लिए बहुत बहुत बधाई। अनुष्टुप छंद तो…"
2 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"यह रचना #अनुष्टुप_छंद में रचने का प्रयास किया है। हिन्दी में इस छंद का प्रयोग कम है लेकिन मेरा…"
20 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"झूठों ने झूठ को ऊँचे, रथ पर बिठा दिया और फिर उसे खूब, सुंदर सा सजा दिया   पहिये भी गवाहों के,…"
20 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"कृपया गिरह में // वो ज़माना // को //अब ज़माना// पढ़ा जाए। धन्यवाद "
22 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"शुक्रिया मनजीत जी, बहुत आभार। ।  //तरही मिसरे पर आपका शेअर कमाल है।// हा हा हा, तिलकराज…"
22 hours ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
" आदरणीय अजय गुप्ता जी ग़ज़ल की मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए। तरही मिसरे पर आपका शेअर कमाल है।"
22 hours ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय ऋचा जी ग़ज़ल की मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए, विद्वानों की राय का इंतज़ार करते हैं।"
22 hours ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी पटल पर ग़ज़ल का शुभारंभ करने की बहुत बहुत बधाई , विद्वान मार्गदर्शन करेंगे।"
22 hours ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया अजय जी , जी बिल्कुल गुणीजनों की बारीकियों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है…"
22 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service