For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बाल साहित्य Discussions (213)

← Back to बाल साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

अपना भारत देश महान : नीरज नीर

उत्तर में हिमालय इसके है पश्चिम मे पाकिस्तान । हिन्द महासागर दक्षिण में, अपना भारत देश महान । पूरब में बंगाल की खाड़ी पश्चिम सागर अरब विशाल…

Started by Neeraj Neer

2 Oct 4, 2014
Reply by Neeraj Neer

एक प्रार्थना

मुझे ईश्वर ने सिखाया, मुझे अल्लाह ने बताया अंधकार को कर दें रोशन वाहेगुरु ने समझाया | मैं बनूँ प्रकाश अंधकार में, प्रेम फैलाऊं इस संसार मे…

Started by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani

0 Oct 4, 2014

सदस्य टीम प्रबंधन

आज्ञा-पालन (बाल-गीत) // --सौरभ

कद्र करें हम उन लोगों की जिनने जीवन सफल जिया दिन-प्रतिदिन के कष्ट नकारे सुधा-हलाहल सहज पिया  ॥ कद्र करें हम.. ॥ ऐसे में माँ-पिता हमारे…

Started by Saurabh Pandey

14 Oct 4, 2014
Reply by Neeraj Neer

'बंद करो सब शोर'.....बाल गीत

'बंद करो सब शोर' चंदा संग है चाँदनी जगमग चारो और मुन्ना प्यारा सोएगा बंद करो सब शोर। निंदियाँ रानी आएगी परी देश ले जाएगी खेलेगा नन्हा मुन…

Started by seemahari sharma

0 Oct 1, 2014

तेरा नन्हा सा बेटा मैं/कविता

तेरे आँचल की ले सुगंध माँ दूर गगन तक जाऊँगा तेरा नन्हा सा बेटा मैं जब बहुत बड़ा हो जाऊँगा हाँ कभी कभी मन कहता है मैं अन्तरिक्ष में उड़ जाऊँ…

Started by seema agrawal

1 Sep 30, 2014
Reply by Shyam Narain Verma

सदस्य टीम प्रबंधन

स्वतंत्रता दिवस की 68वीं वर्षगाँठ पर कुछ प्रण

आजादी के पथ पर मिलकर, तब तक चलना है अविराम कष्टों से व्याकुल जन-जीवन, जब तक ना पाए आराम ***** अच्छी-गंदी दो बातों के, अंतर का रखूँगा भान बस…

Started by Dr.Prachi Singh

4 Sep 15, 2014
Reply by Dr. Vijai Shanker

मेरा टेडी

गोलू मोलू गोलम गोल मेरा टेडी गोल मटोल. क्यों मुँह बनाकर  बैठा है लगता है  मुझसे  रूठा है. तू खायेगा  टॉफ़ी नरम या पीएगा कॉफी गरम   बाजार लेक…

Started by Neeraj Neer

0 Sep 6, 2014

क्यों रोता इंसान ///// बाल-कविता

गुडिया बोली –‘डैड मै, पूंछू एक सवाल I सदा किस तरह से रहें काले मेरे बाल II * डैडी ने हंसकर कहा यह तो है आसान I बेटी तुम भी आंवले के गुण को…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

4 Sep 2, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

बाल साहित्य - कह-मुकरियाँ ........ इमरान खान

सुन्दर गबरू छैल छबीला, प्यारी काया बदन गठीला, भागै खाकर मेरा कोड़ा, ऐ सखि साजन? न सखि घोड़ा।  (१) नाचै गावै सबको भावै, कभी किसी के हाथ न…

Started by इमरान खान

4 Aug 28, 2014
Reply by Pawan Kumar

!!! आ जा रे आ जा निंदियां रानी री !!!

!!! लोरी  !!! आ जा रे आ जा निंदियां रानी री, भइया को सुला जा निंदियां रानी। चन्दा की चांदनी चहुं दिश तुम्हारी, रश्मि औ किरने सगी बहने तुम…

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'

6 Feb 4, 2014
Reply by केवल प्रसाद 'सत्यम'

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service