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ARVIND BHATNAGAR
  • Male
  • Varanasi, Uttar Pradesh
  • India
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Profile Information

Gender
Male
City State
VARANASI, UTTAR PRADESH
Native Place
VARANASI
Profession
GOVERNMENT JOB

ARVIND BHATNAGAR's Blog

तान्या :फिर मिलना कभी

मैं सोचता था

कि वह खो गया है कहीं

मगर

गुनगुनी धूप से धुली

उस सुबह

एक मोड़ पर

वह अचानक मिला

मैं जानता था

कि वह रुकेगा

वह रुक गया

मैं

यह भी जानता था

कि वह

मुझसे बातेँ करेगा

और वह

मुझ से बातेँ करने लगा

और तभी मैंने चाहा कि

मैं

उन अचानक मिले

कुछ पलों में

वे सारे स्वप्न साकार कर लूं

जो मैंने संजोये थे

मगर

उसके लिए ये पल तो

सिर्फ

कुछ पल थे ,

और वह…

Continue

Posted on January 27, 2015 at 11:00pm — 8 Comments

तान्या : तुम्हे पा कर

तुम आये

मै खुश था

बहुत खुश /

मुझे घेर लेते थे

या कहो

कोशिश करते थे

घेर लेने की /

कुछ अहसास

उल्लास ,दर्प , ईर्ष्या ,द्धेष

सम्मान / कुछ मखमली से

कुछ अनजाने से भी

और मैं उड़ता था / परी कथाओं के

नायक की तरह

पंखों वाले सफ़ेद घोड़े पर

खुशगवार मौसम में

चमकीली धूप में

नीले आसमान में /

सर-सर चलती हवाएं से आगे

और आगे ।

और फिर

जैसा कि सुनता आया था सबसे/

कि ऐसा ही होता है /…

Continue

Posted on May 3, 2014 at 8:00am — 11 Comments

तान्या : तुम बिन

दरवाज़ा तो मैंने ही खुला छोड़ा था 

कि तुम भीतर आओगे

और बंद कर दोगे /

मगर

खुले दरवाज़े से आते रहे

सर्द हवाओं के झोंके

और ठिठुरता रहा मैं /

चेतनाशून्य होने ही वाला था कि

किसी ने

भीतर आ के

दरवाज़ा बंद कर लिया /

अधमुंदी आँखों से मैंने देखा

वो तुम नहीं थे /

मगर वो गर्मी कितनी सुखद थी /

और फिर

ना जाने कैसे

कब से

पेड़ कि फुनगी पर

बैठा चाँद

चुपके से उतर कर

मेरी आँखों में…

Continue

Posted on January 30, 2014 at 8:30pm — 14 Comments

तान्या : उन खामोश क्षणों में

इन खामोश क्षणों में

चाहा था

तुमको न याद करूँ /

लेकिन

बरखा की बूँदो के साथ

मेरा मन

भीग  गया /

और याद आये वो बादल ,

जो आये , छाये

और लौट गए

बिन बरसे ही /

लेकिन

मन के आँगन में

फूटी एक नन्ही कोंपल

मुरझाई नहीं

कुछ ज्यादा हरी हुई /

और याद आया

वो सपना

जिसमे तुम थे

मै भी न था

क्योंकि

वह मेरी आँखों का ही सपना था /

और याद आई

वो सूनी, गरम दोपहरी

करती ख़ामोशी से

इंतज़ार…

Continue

Posted on November 6, 2013 at 10:30pm — 8 Comments

Comment Wall (4 comments)

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At 9:12am on February 5, 2014,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

आपकी सदशयता के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय. यों, रचनाओं पर हुई टिप्पणियों पर धन्यवाद रचनाओं के पन्नों पर दें तो वह रचनाओं पर किसी सनद की तरह सदा उपलब्ध रहेगा.

सादर

At 3:03pm on August 22, 2013, Abhinav Arun said…

हार्दिक स्वागत और शुभकामनायें आदरणीय श्रीअरविन्द जी !!

At 5:31pm on August 19, 2013, विजय मिश्र said…
बेहद प्यारी और खूबसूरत गजल ,मिजाज उम्दा अन्दाज भी उम्दा ,काश दो-चार बंद और बढे होते तो हमारा दिल भी भरता . ढेर सारी शुभकामनाएँ शेखरजी
At 5:30pm on August 19, 2013, विजय मिश्र said…
बेहद प्यारी और खूबसूरत गजल ,मिजाज उम्दा अन्दाज भी उम्दा ,काश दो-चार बंद और बढे होते तो हमारा दिल भी भरता . ढेर सारी शुभकामनाएँ शेखरजी
 
 
 

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