For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Shyam Narain Verma's Blog – June 2013 Archive (6)

बूँद बूँद से सागर भरता | विनय - अतुकांत |

आगे आओ हाथ बढाओ , साथी फँसे मुसीबत में |
बूँद  बूँद से सागर भरता , हाथ बँटाओ आफत में |  
एक चना भाड़ नहीं फोड़े , मदद चाहिए विपदा में |   
हर देशवाशी दें सहारा , आगे आयें…
Continue

Added by Shyam Narain Verma on June 22, 2013 at 11:22am — 4 Comments

खुशी कहीं गम |

है रुत मन भावन , वर्षा पावन , आयें हैं घन , खुश दिल से |
जब आये फुहार , भिगे दिल तार , गावें मल्हार , सब दिल से | 
हरे भये उपवन , खिले बाग़ वन , खुश हैं हर जन , सब दिल से | …
Continue

Added by Shyam Narain Verma on June 18, 2013 at 12:52pm — 13 Comments

वक़्त लगता है गहरा जख्म भरने में |

वक़्त लगता है गहरा जख्म भरने में |
वर्षों लगता है जिन्दगी सँवरने में |
जिन्दगी के मोड़ पर मिलते हैं  राही ,
पर सभी हिचकते हैं मदद  करने  में |…
Continue

Added by Shyam Narain Verma on June 14, 2013 at 1:28pm — 10 Comments

मेरा प्यारा भारत

मेरा देश स्वर्ग से सुन्दर, जग में सबसे महान है |

वक्ष पर शोभें गंगा यमुना, प्रहरी हिमालय शान है |

जलधि हिन्द आ पाँव पखारे, सागर करें नित गान हैं |

हरदम रहे सुहाना मौसम, खेत की फसलें जान हैं |

सब मिलकर हर पर्व मनाते, भेद भाव का नाम नहीं |

साथ साथ रहते जनु भाई, मिलकर करते काम कहीं…

Continue

Added by Shyam Narain Verma on June 8, 2013 at 3:30pm — 3 Comments

जल से भरा सरोवर |

एक मीन गंदा करती है  , पर सारे होते बदनाम | 
सच्चाई कोई ना जानें , लग जाता  सब पर इलजाम |
नकली ही बन जाता असली ,  झूम कर  घूमे खुलेआम |
पुलिस वाले ढूढते रहते , असली का ना…
Continue

Added by Shyam Narain Verma on June 6, 2013 at 12:30pm — 12 Comments

मेहनत |

हार जीत का खेल अजब है , यारों निराश ना होना |
मेहनत से कभी  ना डरना ,  देखो  साहस ना खोना | 
बिना पसीना खेती ना हो ,  फिर बदले मौसम का रोना | 
बिना पसीना खेती ना हो , …
Continue

Added by Shyam Narain Verma on June 5, 2013 at 6:01pm — 5 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari and आशीष यादव are now friends
yesterday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
yesterday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रबंधन समिति से आग्रह है कि इस पोस्ट का लिंक उस ब्लॉक में डाल दें जिसमें कैलंडर डाला जाता है। हो…"
yesterday
आशीष यादव posted a blog post

गन्ने की खोई

पाँच सालों की उम्र,एक लोहे के कोल्हू में दबी हुई है।दो चमकदार धूर्त पत्थर (आंखें) हमें घुमा रहे…See More
yesterday
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत अच्छे दोहे रचे गए हैं।  हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए।"
yesterday
आशीष यादव commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"एक बेहतरीन ग़ज़ल रचा है आपने। बिलकुल सामयिक।  इस बढ़िया रचना पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
yesterday
आशीष यादव commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"सदियों से मनुष्य प्रकृति का शोषण करता रहा है, जिसे विकास समझता रहा है वह विनास की एक एक सीढ़ी…"
yesterday
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .अधर
"वाह। "
yesterday
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .विविध
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत बढ़िया दोहों की रचना हुई है।  बधाई स्वीकार कीजिए।"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service