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बृजेश कुमार 'ब्रज''s Blog – October 2016 Archive (4)

ग़ज़ल...तड़प बेबसी बेमुरब्बत की बातें

इस्लाह के लिए



बहरे मुतकारिब मुसमन सालिम

फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन फऊलुन्

122  122   122   122

तड़प बेबसी बेमुरब्बत की बातें

न हमसे करो ये मुहब्बत की बातें



बयां है तुम्हारी अदब बामुल्ह्जा

कहानी सितम औ नजाकत की बातें



फँसाना ए उल्फत दफ़न सरज़मीने

परिष्तिश ए बुत ये इबादत की बातें



न बाकी अमन भाई चारे के रिश्ते

नजर आए हर सू अदावत की बातें



बसर इस तरह है सफ़र मुफलिसी का

ज़लालत के किस्से हिकारत की बातें

(मौलिक एवं… Continue

Added by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 29, 2016 at 12:00am — 2 Comments

ग़ज़ल....ऐ मुहब्बत मैं तेरा सजदा करूँ

बहरे रमल मुसद्दस् महज़ूफ़
फाइलातुन फाइलातुन फाइलुन
2122 2122 212
ऐ मुहब्बत मैं तेरा सजदा करूँ
रुख बदलती ज़िन्दगी है क्या करूँ

मोड़ पे रुकना पलट कर देखना
हाय उनकी सादगी का क्या करूँ

कुछ घड़ी बैठो हमारे रूबरू
भूल कर जग को तुम्हें देखा करूँ

थरथराती धड़कनों को थाम लो
दर्द को रख ताक पर जलसा करूँ

दूरियाँ हों लाख पर मुमकिन नहीं
नाम लूँ उनका उन्हें रुसवा करूँ

(मौलिक एवं अप्रकाशित)
बृजेश कुमार'ब्रज'

Added by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 23, 2016 at 12:14am — 8 Comments

ग़ज़ल...हादसा गुजर गया

बहरे हज़ज़ मुसम्मन मक्बुज.....

मुफ़ाइलुन मुफ़ाइलुन  मुफ़ाइलुन मुफ़ाइलुन 

1212      1212       1212      1212

सरे निगाह शाम से ये क्या नया ठहर गया 

​​कदम बढ़ा सके न थे कि हादसा गुजर गया

ये कौन सीं हैं मंजिलें ये क्या गज़ब है आरजू 

जिसे सँभाल कर रखा वही समा बिखर गया

अभी है वक़्त बेवफा अभी हवा भी तेज है 

अभी यहीं जो साथ था वो हमनवा किधर गया

ये वादियाँ ये बस्तियाँ ये महफ़िलें ये रहगुजर 

हज़ार गम गले पड़े…

Continue

Added by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 12, 2016 at 9:53pm — 8 Comments

ग़ज़ल ....हर सू तुम्हारा नाम है आ जाइये

2212       2212      2212

ढलती सुहानी शाम है आ जाइये 
हर सू तुम्हारा नाम है आ जाइये

ये वादियाँ ये खुश्बुएं हैरान हैं 
हर फूल पे इल्जाम है आ जाइये

कैसी चुभन है ये दिले नासाज़ की
दिल टूटना तो आम है आ जाइये

उजड़ा हुआ है मुद्दतों से आशियाँ
सूनी तभी से बाम है आ जाइये

नासूर बन जो रूह पे आयद हुआ 
उस ज़ख्म का पैगाम है आ जाइये

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

©बृजेश कुमार 'ब्रज'

Added by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 2, 2016 at 3:00pm — 14 Comments

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