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Alok Mittal's Blog – December 2014 Archive (2)

इक ग़ज़ल (आईने भी ज़बान रखते हैं !! )

आज हम भी मकान रखते है

साथ अपना जहान रखते है !!



प्यार से देख लो जरा तुम भी

आईने भी ज़बान रखते हैं !!



जिंदगी में कमी नहीं कोई

इसलिए कुछ  गुमान रखते है !!



तुम हमें छोड़ कर नहीं जाना |

तुम में* हम अपनी*जान रखते हैं ||



साथ उनके रहे सभी अपने,

खास सबका भी* मान रखते है !!



फूल कितने खिलाय आँगन में

वो बहुत घर का* ध्यान रखते है !!



है सभी काम का पता उनको !

वो तजुर्बा तमाम रखते है !!  



(अप्रकाशित और मौलिक…

Continue

Added by Alok Mittal on December 27, 2014 at 5:44pm — 17 Comments

ग़ज़ल " है नहीं अभिमान जिसमे "

जिंदगी में क्या कमी है !

हर ख़ुशी मेरी ख़ुशी है !!

है नहीं कोई हुनर तो !

जिंदगी किसकी सगी है !!

इल्म कोई है अगर तो !

नौकरी फिर आपकी है !!

आजकल फन का जमाना !

फेन बिना क्या आदमी है !!

हर कला को जानता वो !

इसलिए तो मतलबी है !!

तैरना तुम जानते हो !

साथ चल आगे नदी है !!

चाहिए क्या और मुझको !

जब खुदा में बंदगी है !!

है नहीं अभिमान मुझको !

जिंदगी में सादगी…

Continue

Added by Alok Mittal on December 13, 2014 at 1:00pm — 12 Comments

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