For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Amod shrivastav (bindouri)'s Blog – April 2016 Archive (3)

दिनरात चिरागों सा जला अपने वतन में

बह्र:-221-1221-1221-122



रुतबा -ए-उजाला है मिया अपने वतन में।

अब चैन मुहब्बत ओ मजा अपने वतन में।



अनपढ़ सा अंधेरा है मिटा अपने वतन में।

जैसे कोई खलिहान सजा अपने वतन में।।



वो रोज मुझे याद है वो ख़ूनी नजारा।

जब जुल्म से इन्सान लड़ा अपने वतन में।।



मुश्किल से हवा देश में लौटी है अमन की।

मजहब की न अब आग लगा अपने वतन में।।



बस चैन मुहब्बत -ओ-दुआ फर्ज के खातिर।

दिन रात चिरागों को जला अपने वतन में।।



आमोद… Continue

Added by amod shrivastav (bindouri) on April 15, 2016 at 12:00am — 9 Comments

लो ये खिलते गुलाब ले जाओ

बह्र:-2122-1212-22

क्या नही है जनाब ले जाओ।
लो ये खिलते गुलाब ले जाओ।।

अब नही मेरा वास्ता उससे।
याद-ए-दौर-ए-शबाब ले जाओ।।

मुझको चाहो तो छोड़ दो तन्हा।
ये न करना की ख्वाब ले जाओ।।

जो भी आगोश में तेरी गुजरे।
उन पलों का हिसाब ले जाओ।।

मेरी तक़दीर में अंधेरे हैं।
आप यह माहताब ले जाओ।

है अगर मुझको छोड़कर जाना।
जिंदगी की किताब ले जाओ।।

आमोद बिन्दौरीमैलिक /अप्रकाशित

Added by amod shrivastav (bindouri) on April 3, 2016 at 1:35pm — 7 Comments

मय वो दौलत है जो जन्नत से यहाँ तक पहुँचे

बह्र:-2122-1122-1122-22



उसने ख़त लिख्खे रूमानी, वो कहाँ तक पहुँचे।।

मेरा दावा है रकीबों की ,जुबाँ तक पहुँचे।।



आह मत ले तु गरीबों की ,अमीराँ हो कर।

छोड़ दौलत को दुआयें ही, वहाँ तक पहुँचे।।



दौरे हाजिर में मुकाबिल है कहीं भी बेटी।

मेरी ख्वाहिस है बुलंदी के मकाँ तक पहुँचे।।



खुद खुदा ने ही खुदाई की खिलाफत करदी।

बे समय पानी ये पत्थर भी किसां तक पहुचे।।



नाम लेना भी गुनाहों में गिना क्यों तुमने।

मय वो दौलत है जो जन्नत से… Continue

Added by amod shrivastav (bindouri) on April 3, 2016 at 1:32pm — 6 Comments

Monthly Archives

2019

2018

2017

2016

2015

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
16 minutes ago
TEJ VEER SINGH left a comment for pratibha pande
"आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
16 minutes ago
TEJ VEER SINGH left a comment for योगराज प्रभाकर
"आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
18 minutes ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
20 minutes ago
Usha posted a blog post

क्षणिकाएँ

दिन ढलते, शाम चढ़ते, उसका डर बढ़ने लगता है, क़िस्मत, दस्तक भी देगी और भीनी यादें तूफान भी उठायेंगी…See More
31 minutes ago
vijay nikore posted blog posts
32 minutes ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय समर कबीर साहब, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। हृदय से आपका आभार। जी ज़रूर सर, 'मेरे और…"
1 hour ago
Usha commented on Usha's blog post कैसा घर-संसार?
"आदरणीय समर कबीर साहब, मेरी लघु कथा का प्रयास आपको पसंद आया, मेरे लिए हर्ष का विषय है। जी सर अवश्य…"
1 hour ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय विजय शंकर सर, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। उनपर आपके द्वारा दी गयी टिप्पणी से हर्ष हुआ कि…"
1 hour ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुशील सरना साहब, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। हृदय से आपका आभार। सादर।"
1 hour ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय समर कबीर साहब, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। हृदय से आपका आभार। जी ज़रूर सर, 'मेरे और…"
1 hour ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव posted an event

OPEN BOOKS ONLINE LUCKNOW CHAPTER at KAIFEE AAJMEE ACADEMY , NISHATGANJ, LUCKNOW

November 24, 2019 from 3pm to 6pm
DISCUSSIONS , CRITICISM , CULTURAL ACTIVITY  AND RECITING OF POEMS etc.See More
10 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service