For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Deepak Sharma Kuluvi's Blog – August 2012 Archive (13)

आखिर

(१)

कभी फुर्सत में चले आना,हँस के जी लेंगे

ज़िक्र उनका न करेंगे होंठ सी लेंगे

दिल तो आखिर दिल है उदास भी हो सकता है

दर्द गर बढ़ भी गया दिल का,जाम पी लेंगे

 

(२)

हम मुहब्बत के पुजारी हैं इश्क करते हैं

ग़म के सहरा पे चलनें का दम भरते है

दर्द का रिश्ता तो इस दिल पुराना है दोस्त

हम तो तन्हाई में जीने का हुनर रखते हैं

(3)

 

बेगुनाही का सबूत हमसे न मांगो यारो

हमने तो चाहा,खता इतनी सी थी…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 31, 2012 at 11:00am — 5 Comments

बेवफा ही रहो

बेवफा ही रहो

बेवफा थे बेवफा हो बेवफा ही रहो

यह मुहब्बत नहीं बस की यूँ न इज़हार करो
बेवफा थे बेवफा हो बेवफा...........
यह वोह जज़्वा है जो आशिक़ को अमर करता है
वोह तो हँसते हुए सब कुछ ही फनां करता है
जो उम्र भर किया तुमनें हर बार करो
बेवफा थे बेवफा हो बेवफा...........
दीपक 'कुल्लुवी' को मुहब्बत यहाँ कोई कम न…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 29, 2012 at 12:39pm — 5 Comments

हाहाकर

हाहाकर
मानसून की पड़ रही मार
मचा हुआ है हाहाकर
चारों तरफ  है पानी ही पानी
उफनती नदियाँ  बाढ़  ही बाढ़
परिणाम स्वरूप महँगाई बढ़ गयी
गरीब की हंडिया ख़ाली रह गयी
घर टूट गए खेत उजड़ गए  
बेबस अखियाँ मन है उदास 
दीपक…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 28, 2012 at 4:54pm — No Comments

ख्याल

ख्याल
  जीवन भर तो फ़क़ीर रहे
अब करोड़पति हुए साईं बाबा
चार दिनों में भक्तों ने चढ़ाया
पाँच करोड़ का चढ़ावा
भारत में करोड़ों लोग हैं रहते
बिन रोटी, कपड़ा,…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 23, 2012 at 10:29am — 3 Comments

जश्न-ए-ईद रिपोर्ट : दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'

जश्न-ए-ईद

 

रिपोर्ट : दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'

Photo:Deepak kulluvi,Jawed naqvi sahib,Krishna,Md.Hamid Khan Sahib,Arundhati Roy,Yasmin Khan,Kumud,Zoya & her friends

जश्न-ए-ईद मनाने का खूबसूरत मौक़ा हमें इस बार फिर हिन्दोस्तान की जानी मानी हस्तियों के साथ हिदो'स्तानी शास्त्रीय संगीत के मशहूर गायक 'मोहम्मद…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 22, 2012 at 1:02pm — 3 Comments

सब कहते बेकार

सब कहते बेकार
 
सब कहते बेकार लिखा
क्या सब कुछ सब बेकार लिखा ?
वोह शे-र वोह ग़ज़ल वोह भजन वोह दोहे…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 20, 2012 at 12:32pm — 3 Comments

अब सब छूटा जाए

अब सब छूटा जाए
मोहे मिला था सब कुछ जग में,अब सब छूटा जाए
याद तिहारी भूल न पाएँ-2 याद बहुत आए
मोहे मिला  था सब  ..........
(1 )'दीपक'थे जले दीप से हर पल,सबनें ही तो जलाया
नीर बहे न आँखों से पर,अपनों नें तो रुलाया
इस दुनियाँ की रीत निराली-2,समझ नहीं पाए
याद बहुत आए.........
मोहे मिला  था सब ..........
(2) नादाँ थे हम नादाँ है और अब का…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 18, 2012 at 2:46pm — No Comments

सब कुछ छूटा जाए

सब कुछ छूटा जाए
 

मोहे मिला था सब कुछ लेकिन सब कुछ छूटा जाए

याद तिहारी भूल न पाएँ-2 याद बहुत आए
मोहे मिला  था सब  ..........
(1) 'दीपक'थे जले दीप से हर पल सबनें ही तो जलाया
नीर बहे न आँखों से पर,अपनों नें तो रुलाया
इस दुनियाँ की रीत निराली,समझ नहीं पाए
याद बहुत आए.........
मोहे मिला  था सब ..........
(2) नादाँ थे हम नादाँ है और अब का समझेंगे
किससे करेंगे…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 17, 2012 at 11:00am — 4 Comments

स्वतंत्रता दिवस पर बिशेष (जोश-ओ-जनूँ की हद) रिपोर्ट : दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'

स्वतंत्रता दिवस पर बिशेष
(जोश-ओ-जनूँ की हद)
रिपोर्ट : दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
जोश-ओ-जनूँ की हद ही नहीं
हौंसलों की अजब है उड़ान
अरमान वतन की खुशियों का
देश भक्ति के…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 16, 2012 at 3:40pm — 2 Comments

कब तक

कब तक
करोड़ों ऑलंपिक तेय्यारी में लगे
करोड़ों वांटनें में लग जाएँगे
हम एक सो इकीस करोड़ मूर्ख
यूँ ही खुश हो जाएँगे
इस गरीब देश के लिए
यह नाज़ बहुत महंगा है
कब तक छह तगमों के लिए
हम इतना जश्न…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 14, 2012 at 2:39pm — 3 Comments

इंतहा

इंतहा


किसी वैश्या को देख
मुझे नफरत नहीं होती
देख उसकी बेबसी
मेरी आँख है रोती
लुटे अरमान उसके
दिल से में महसूस करता हूँ
दर्द की ऐ-दोस्तों
कोई इंतहा नहीं होती
कभी देखा…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 14, 2012 at 12:41pm — 2 Comments

कहानी ( जज़्बातों का जनाज़ा )

कहानी
 
जज़्बातों का जनाज़ा
6 अगस्त 2012 को मेरी प्यारी नानी का चवर्ख कुल्लू हिमाचल में होना निश्चित हुआ था I हम लोग देहली में रहते हैं , दफ्तर के कार्यों की…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 4, 2012 at 4:54pm — 5 Comments

कहानी (अपनी शर्म के लिए )

कहानी 
 
अपनी शर्म के लिए 

आज राखी का पावन त्यौहार था I बेचारा गरीब सुबह से ही नहा धोकर नई टी शर्त पहन कर बैठ गया किसी कोरियर वाले या डाकिए के इंतज़ार में क्योंकि उसकी कहने को तो चार बहनें थी लेकिन उनकी राखी उसे अब तक न मिली थी लेकिन उसे पूरी उम्मीद थी की आज तो राखी आएगी ज़रूर जिन्हें वह अपनी कलाई में पहनेगा I

दोपहर हो गई  लेकिन किसी कोरियर वाले या डाकिए ने दस्तक…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on August 1, 2012 at 12:04pm — 4 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

JAWAHAR LAL SINGH commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post कुण्डलिया छंद
"बेहतरीन कुण्डलिया और सार्थक सन्देश भी. बहु बहुत बधाई आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह जी!"
1 hour ago
JAWAHAR LAL SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post भिड़े प्रहरी न्याय के - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"समसामयिक घटनाओं पर बेहतरीन दोहे आदरणीय लक्ष्मण धामी जी! बहुत बहुत बधाई!"
1 hour ago
JAWAHAR LAL SINGH left a comment for TEJ VEER SINGH
"हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी!"
2 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post कैसा घर-संसार?
"आदरणीय सुश्री उषा जी , आज के घोर सांसारिकता पूर्ण युग में एक अत्यंत संवेदन शील मानवीय विषय पर लिखी…"
9 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
10 hours ago
TEJ VEER SINGH left a comment for pratibha pande
"आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
10 hours ago
TEJ VEER SINGH left a comment for योगराज प्रभाकर
"आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
10 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
10 hours ago
Usha posted a blog post

क्षणिकाएँ

दिन ढलते, शाम चढ़ते, उसका डर बढ़ने लगता है, क़िस्मत, दस्तक भी देगी और भीनी यादें तूफान भी उठायेंगी…See More
10 hours ago
vijay nikore posted blog posts
10 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय समर कबीर साहब, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। हृदय से आपका आभार। जी ज़रूर सर, 'मेरे और…"
11 hours ago
Usha commented on Usha's blog post कैसा घर-संसार?
"आदरणीय समर कबीर साहब, मेरी लघु कथा का प्रयास आपको पसंद आया, मेरे लिए हर्ष का विषय है। जी सर अवश्य…"
11 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service