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कोरोना काल पर छन्न पकैया

छन्न पकैया छन्न पकैया, दूषित है हर कोना
जिसको दुनिया बोल रही है कोरोना -कोरोना।।

छन्न पकैया छन्न पकैया, हिम्मत तनिक न खोना
यह केवल इक असुर शक्ति है, चीनी जादू टोना।।

छन्न पकैया छन्न पकैया, सबको यह समझाएँ
अपने-अपने घर रह कर ही, आओ इसे हराएँ।।

छन्न पकैया छन्न पकैया, हो सामाजिक दूरी
मास्क लगाकर घर से निकलें, जब हो बहुत जरूरी।।

छन्न पकैया छन्न पकैया, सबको बात बताना
हाथ जोड़कर करें नमस्ते, हाथ न कभी मिलाना।।

छन्न पकैया छन्न पकैया, आया क्रूर दरिंदा
बार-बार सब हाथ धोइये, रहना है यदि जिंदा।।

छन्न पकैया छंद पकैया, तनिक नहीं घबराएँ
साफ सफाई घर में बरतें, कहीं न बाहर जाएँ।।

छन्न पकैया छन्न पकैया, करें नहीं मनमानी
काल व्याल सिर पर नाचेगा, लेगा वो कुर्बानी

(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on May 12, 2020 at 10:26am

आ. भाई सुरेन्द्र जी सादर अभिवादन ।आज के हालात पर अच्छे सार छंद लिखे हैं । हार्दिक बधाई ।

Comment by नाथ सोनांचली on May 11, 2020 at 7:31am

आद0 तेजवीर जी सादर अभिवादन। आपकी आत्मीय प्रतिक्रिया के लिए आभार

Comment by नाथ सोनांचली on May 11, 2020 at 7:30am

आद0 समर कबीर साहब सादर प्रणाम। आपकी प्रतिक्रिया मिलने के बाद सन्तुष्टि मिलती है। बहुत बहुत आभार आपका।

Comment by TEJ VEER SINGH on May 9, 2020 at 5:38pm

हार्दिक बधाई आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी। बेहतरीन रचना।

छन्न पकैया छंद पकैया, तनिक नहीं घबराएँ
साफ सफाई घर में बरतें, कहीं न बाहर जाएँ।।

Comment by Samar kabeer on May 9, 2020 at 2:46pm

जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,आज के हालात पर अच्छे सार छंद लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by नाथ सोनांचली on May 9, 2020 at 7:20am

आद0 अवनीश जी सादर अभिवादन। ओ बी ओ पर इस तरह की फेसबुक या व्हाट्सएप जैसी प्रतिक्रिया का चलन नहीं है आदरणीय। बहरहाल आभार आपका

Comment by Awanish Dhar Dvivedi on May 8, 2020 at 10:52pm
बहुत सुन्दर छन्नपकैया।

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