For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

 

कल फिर किसी चट्टान को फोड़ने की कोशिश होगी 
कल फिर किसी ईमान को निचोड़ने की कोशिश होगी 
सूरज तो दिन में हर रोज की तरह दमकेगा 
कल फिर  अँधेरे में सच को मरोड़ने की कोशिश होगी 
एक और बुलंद आव़ाज का शीशा चट्केगा 
कल फिर तिलस्मी वादों से जोड़ने की कोशिश होगी
फूट रहा क्रोध का लावा बनकर हर्दय में जो 
कल फिर उसी सैलाब को मोड़ने की कोशिश होगी 
फिर तमाश्बीन  की तरह बैठे रहेंगे हम 
कल फिर किसी जांबाज को तोड़ने की कोशिश होगी 
(कल आर्मी चीफ जनरल वी के  सिंह का क्या होगा मुझे नहीं पता पर आज मेरे मन में जो संशय उभर रहा है वही उद्दगार आप लोगों से साँझा  कर रही हूँ.)

Views: 569

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 8, 2012 at 9:42am

Surendra kumar shukla ji aapki beshkeemti tippani se aabhari hoon shayad yeh aapne meri doosri rachna peel ka ped ke liye di hai.

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on April 7, 2012 at 11:46pm

दर्द का इतना गरल पी चुका हूँ 

कि जड़ हो चुका हूँ !

अब किसी की व्यथा से 

विह्वल नहीं होता ..

दर्द और मर्म को समझाती रचना ...खूबसूरत भाव ..हो जाया करता है ऐसे   झेलते   झेलते 
भ्रमर 5



सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 3, 2012 at 11:33am

meri rachna ke marm ko samajhne ke liye Asheesh Yadav ji aabhar.

Comment by आशीष यादव on April 3, 2012 at 11:26am

कुछ ऐसे ही दिखते ये जो हालत हैं आज के|

राजनीति में यही होता है|
सामयिक रचना हेतु बधाई|

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 3, 2012 at 11:15am

tahe dil se shukria Avinash ji.

Comment by AVINASH S BAGDE on April 3, 2012 at 10:04am

कल फिर किसी चट्टान को फोड़ने की कोशिश होगी 

कल फिर किसी ईमान को निचोड़ने की कोशिश होगी ....kya aakrosh hai Rajesh kumari ji .....
सूरज तो दिन में हर रोज की तरह दमकेगा 
कल फिर  अँधेरे में सच को मरोड़ने की कोशिश होगी ..... सच को मरोड़ने की कोशिश ...kya shabd chayan hai....eksashakt gazal...sadhuwad Rajesh kumari ji.

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on March 30, 2012 at 8:58am

Pradeep Kumar ji hardik dhanyavaad.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on March 30, 2012 at 8:26am

जी हाँ अशोक कुमार जी आप सही कह रहे हैं यह सरकार अंग्रेजों की ही नीति चला रही है जो हक की बात करे उसकी आवाज दबा दो जो सच्चाई की बात करे उसे लाठियां दो अब तो हद हो गई जनरल वी पी  सिंह को ही झूठा साबित करने पर तुली है सरकार दुसरे देशों को क्या सन्देश जा रहा है इसका कोई अंदाजा है इस सरकार को !!

Comment by Ashok Kumar Raktale on March 30, 2012 at 7:58am

राजेश कुमारी जी,
                       जब रामदेव जी के विरुद्ध सरकार ने चाले चलीं तो सह लिया जब अन्ना को देश द्रोही बताने का प्रयास किया तो सह लिया अब एक वफादार सेनाध्यक्ष को गद्दार बताने में जुटी ये सरकार और जन सुमुदाय की खामोशी मन को उदास कर रही है जिस सेनाध्यक्ष ने सुपर कमांडो की तरह कार्य किया हो जिसने १९७१ के युद्ध में सराहनीय भूमिका निभाई हो. ऐसे तमगो से भरे पड़े सीने को आज सरकारी घावो ने जख्मी कर दिया है. बहुत अफ़सोस है. सरकार की कार्य शैली पर आपकी रचना के लिए बधाई.

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on March 29, 2012 at 11:18pm

roj roj koi na koi toda ja raha hai. vastvikta darshne ke liye badhai.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
yesterday
Admin posted discussions
Tuesday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 175

 आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey posted a blog post

नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ

   जिस-जिस की सामर्थ्य रही है धौंस उसी की एक सदा से  एक कहावत रही चलन में भैंस उसीकी जिसकी लाठी…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आपने कहे को सस्वर किया इस हेतु धन्यवाद, आदरणीय  //*फिर को क्यों करने से "क्यों "…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना को आपने अनुमोदित कर मेरा उत्साहवर्धन किया, आदरणीय विजत निकोर जी हार्दिक आभार .. "
Tuesday
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"आदरणीय जी सादर प्रणाम -  अद्भुत सृजन - हृदय तटों को छूती गहन भावों की अभिव्यक्ति ने अहसासों की…"
Tuesday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"प्रिय अशोक कुमार जी,रचना को मान देने के लिए हार्दिक आभार। -- विजय"
Monday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सौरभ जी। आपने सही कहा.. मेरा यहाँ आना कठिन हो गया था।       …"
Monday
vijay nikore commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"प्रिय सौरभ भाई, नमस्ते।आपका यह नवगीत अनोल्हा है। कई बार पढ़ा, निहित भावना को मन में गहरे उतारा।…"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
Jan 10
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
Jan 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service