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वेदना संवेदना अपाटव कपट
को त्याग बढ़ चली हूँ मैं
हर तिमिर की आहटों का पथ
बदल अब ना रुकी हूँ मैं
साथ दो न प्राण लो अब
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।

निश्चल हृदय की वेदना को
छुपते हुए क्यों ले चली मैं
प्राण ये चंचल अलौकिक
सोचते तुझको प्रतिदिन
आह विरह का त्यजन कर
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।

अपरिमित अजेय का पल
मृदुल मन में ले चली मैं
तुम हो दीपक जलो प्रतिपल
प्रकाश गौरव  बन चलो अब
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।

मौन कर हर वितथ पनघट
साथ नौका की धार ले चली मैं
मृत्यु की परछाई में सुने हर
पथ की आस ले चली मैं
दूर से ही साथ दो अब
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।

--- दीप्ति शर्मा

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Comment

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Comment by Rekha Joshi on August 1, 2012 at 6:58pm

आपकी रचना प्राण प्रिये को माह की सर्वश्रेष्ठ रचना का सम्मान मिलने पर बहुत बहुत बधाई दीप्ति जी 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on August 1, 2012 at 6:01pm
प्रिय दीप्ति जी, आपकी रचना प्राण प्रिये को माह की सर्वश्रेष्ठ रचना का सम्मान मिलने पर आपको बहुत बहुत हार्दिक बधाई.. 
Comment by deepti sharma on July 20, 2012 at 10:39pm

आदरणीय अरुण श्रीवास्तव जी बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Arun Sri on July 19, 2012 at 1:46pm

सुन्दर कविता ! शब्द संयोजन महादेवी वर्मा जी की  याद दिलाते हैं !

Comment by deepti sharma on July 19, 2012 at 1:27pm

आदरणीय अविनाश जी ,, आपकी सराहना मिली मेरा प्रयास सफल हुआ बहुत बहुत शुक्रिया

Comment by AVINASH S BAGDE on July 14, 2012 at 11:18pm

हर तिमिर की आहटों का पथ
बदल अब ना रुकी हूँ मैं
साथ दो न प्राण लो अब
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।

दीप्ती जी, सुन्दर रचना के लिए  बधाई...

Comment by deepti sharma on July 11, 2012 at 6:59pm

आदरणीय मनोज कुमार झा  जी , आपका बहुत बहुत आभार

Comment by deepti sharma on July 11, 2012 at 6:59pm

आदरणीया सवी जी , आपका बहुत बहुत आभार

Comment by savi on July 10, 2012 at 5:56pm

प्रिय दीप्ती जी, 


मौन कर हर वितथ पनघट
साथ नौका की धार ले चली मैं
मृत्यु की परछाई में सुने हर
पथ की आस ले चली मैं
दूर से ही साथ दो अब
चलने दो मुझे ओ प्राण प्रिये ।
 
सुन्दर रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें|
Comment by deepti sharma on July 9, 2012 at 1:57am

आदरणीय कवी राज बुन्देली जी आपका बहुत आभार आपको कविता पसंद आई यूँही मार्गदर्शन करते रहियेगा

कृपया ध्यान दे...

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