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कुण्डलियाँ छंद...

चलो बचायें देश!
******************

बुनियादें  मज़बूत  हों , सुदृढ़  रहे  मकान.

श्रीमन कभी न दीजिये , अफवाहों पर ध्यान.
अफवाहों पर ध्यान , तोड़ने की है साजिश.
अन्दर-बाहर दुश्मन , खड़ा है लेकर माचिस!!
कहता है अविनाश , ताड़कर गलत इरादें.
चलो बचायें देश , थाम लें फिर बुनियादें..........
--------------------------------------------------
अविनाश बागडे...

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Comment by AVINASH S BAGDE on August 18, 2012 at 10:25am

 rajesh kumari mam,सूबे सिंह सुजान ji ,  Rekha Joshi mam , Dr.Prachi Singh mam aur  Laxman Prasad Ladiwala ji

मेरी इस रचना  ने आपके ह्रदय   को स्पर्श किया 
लेखन सार्थक हुआ...

 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on August 18, 2012 at 9:51am
हार्दिक बधाई अविनाशजी, जो किया सावधान 
कुण्डलियाँ है सामयिक, हो इनका प्रचार साधन 
हो प्रचार इनका बहुत, बुला पत्रकार सम्मलेन 
सम्मलेन से पा सन्देश,सावधान हो जन जन 

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on August 17, 2012 at 6:32pm

अफवाहें दीमक की तरह नीँव को खोखला न कर दें, ऐसी साजिशों से देश को बचने का सशक्त आह्वाहन करती सार्थक कुण्डलिया के लिए बधाई आ. अविनाश जी.

Comment by Rekha Joshi on August 17, 2012 at 4:58pm

बहुत बढ़िया कुण्डलियाँ आदरणीय अविनाश जी ,बधाई 

Comment by सूबे सिंह सुजान on August 17, 2012 at 4:38pm

वाह...बहुत अच्छा छंद है।।। बधाई


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 17, 2012 at 1:18pm

वाह अविनाश जी बहुत बढ़िया कुण्डलियाँ

कृपया ध्यान दे...

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