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औरत के पास तो सिर्फ बदन होता है

Muslim_man : Muslim Arabic couple inside the modern mosque Stock Photostock photo : Young brunette beauty or bride, behind a white veil

मर्द बोला हर एक फन मर्द में ही होता है ,
औरत के पास तो सिर्फ बदन होता है .

फ़िज़ूल बातों में वक़्त ये करती जाया ,
मर्द की बात में कितना वजन होता है !

हम हैं मालिक हमारा दर्ज़ा है उससे ऊँचा ,
मगर द्गैल को ये कब सहन होता है ?

रहो नकाब में तुम आबरू हमारी हो ,
बेपर्दगी से बेहतर तो कफ़न होता है .

है औरत बस फबन मर्द के घर की 'नूतन'
राज़ औरत के साथ ये भी दफ़न होता है .

शिखा कौशिक 'नूतन'

[द्गैल -धोखेबाज़ , फबन-सज सज्जा ]

 

 

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Comment by seema agrawal on December 1, 2012 at 12:35pm

अप्रत्यक्ष रूप से आप जो संप्रेषित करना चाह रहीं हैं ,हो रहा है इस नवल प्रयास के लिए बधाई 

Comment by shikha kaushik on November 29, 2012 at 3:00pm
shayam ji ,venus ji ,chandresh ji ,shalini ji ,nilansh ji ,rajesh ji v vashudha ji -bahut bahut aabhar anmol tippani hetu
Comment by Vasudha Nigam on November 29, 2012 at 9:59am

रहो नकाब में तुम आबरू हमारी हो ,
बेपर्दगी से बेहतर तो कफ़न होता है .

कड़वी सच्चाई व्यक्त करती एक बेहतरीन रचना पर बधाई। 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on November 29, 2012 at 9:47am

शिखा जी एक कडवी सच्चाई से रूबरू कराती  हुई प्रस्तुति बहुत खूब बधाई आपको 

Comment by Nilansh on November 28, 2012 at 12:06pm
बहुत अच्छा लिखा है आपने
Comment by shalini kaushik on November 28, 2012 at 12:01am

रहो नकाब में तुम आबरू हमारी हो ,
बेपर्दगी से बेहतर तो कफ़न होता है .

बहुत सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति  .बधाई

Comment by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on November 27, 2012 at 11:35pm

बहुत खूब, आपको बधाई || 

पहले पद को बदल कर ऐसे भी कर सकते हैं कि

उसने बोला मर्द में ही हर फन होता है ,
औरत के पास तो सिर्फ बदन होता है .

Comment by वीनस केसरी on November 27, 2012 at 6:26pm

सुन्दर प्रयास

Comment by Shyam Narain Verma on November 27, 2012 at 4:00pm
प्रनाम जी

बहुत खूब । परन्तु आज के बदलते जमाने के हिसाब से दोनों एक से बढ़कर एक हैं ।

धन्यवाद ।

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