For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लिखी गई फिर पल्लव पर नाखून से कहानियां   

खिलखिलाई गुलशन में नृशंसता की निशानियां  

छिपे शिकारी जाल बिछाकर ,चाल समझ में आई 

उड़ती चिड़िया ने नभ से न  आने की  कसमें खाई 

बिछी नागफनी देख बदरिया मन ही मन घबराई 

गर्भ से निकली ज्यों ही बूँदे,  झट उर से चिपकाई 

सकुचाई ,फड़फडाई तितली देख देख ये सोचे 

कहाँ छिपाऊं पंख मैं अपने कौन कहाँ कब नोचे 

देख  सामाजिक ढांचा आज हर  मादा शर्मिंदा है 

एक सवाल अपने अस्तित्व से, री तू क्यूँ जिन्दा है ??

****************************************************

Views: 684

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 25, 2012 at 11:04pm

सुरेन्द्र कुमार भ्रमर जी हार्दिक आभार रचना पर  अपनी प्रतिक्रिया देने हेतु ,बस यही इन्तजार है की न्याय हो और ऐसा कभी दुबारा ना हो 

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on December 25, 2012 at 10:45pm

सकुचाई ,फड़फडाई तितली देख देख ये सोचे 

कहाँ छिपाऊं पंख मैं अपने कौन कहाँ कब नोचे 

आदरणीया राजेश कुमारी जी मर्माहत करने वाली घटनाएँ हर तरफ चिंता शोक कुशल क्षेम की दुवाएं अत्याचारी जल्द मिटें यही कामना ....बहुत सुन्दर रचना समाज को जागना होगा ....बुलबुल उड़ें गीत गायें परियां आयें स्वागत करना है ...

भ्रमर 5 

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 25, 2012 at 7:43pm

आदरणीय अशोक रक्ताले जी आपका हार्दिक आभार रचना के मर्म ने दिल को छुआ 

Comment by Ashok Kumar Raktale on December 25, 2012 at 7:33pm

आदरेया राजेश कुमारी जी सादर, बहुत सुन्दर एक हृदयविदारक रचना. हार्दिक बधाई स्वीकारें.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 22, 2012 at 8:06pm

आदरणीय विजय निकोरे जी आज देश में हर कोई शर्मसार है हर दिल की एक ही पुकार है फांसी ,पर हमारी सरकार कब जागेगी यही देख रहे हैं हम भी और आप भी 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 22, 2012 at 8:03pm

प्रिय महिमा जी आवाज में आवाज मिलाने के लिए हार्दिक आभार 

Comment by vijay nikore on December 22, 2012 at 6:32pm

आदरणीया राजेश कुमारी जी:

दिल्ली में हुए कुकर्म से मन उदास रहा, कि जैसे गला रुँध गया हो।

मेरी भावनाओं को आपकी कविता ने आवाज़ दे दी .. इसके लिए

आपका धन्यवाद, और अच्छी कविता के लिए बधाई।

यह पीड़ा हम सभी की पीड़ा है।

सादर,

विजय निकोर

Comment by MAHIMA SHREE on December 22, 2012 at 5:19pm

एक सवाल अपने अस्तित्व से, री तू क्यूँ जिन्दा है ??..

आदरणीया राजेश दी .आपकी संवेदनाओ को नमन !!!!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 21, 2012 at 8:28pm

कभी कभी मौन ही सब कुछ कह देता है सीमा जी हम सभी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं ,अभी अभी मन का आक्रोश बाहर निकाल कर आ रही हूँ उत्तराखंड महिला एसोसिएशन के मार्च प्रदर्शन(डेल्ही रेप केस के विरुद्ध) में जाकर आई हूँ फेस बुक पर फोटोज डाल  दिए हैं।  हार्दिक आभार आपका ।

Comment by seema agrawal on December 21, 2012 at 7:25pm

बहुत कुछ कहा जाचुका है इस विषय में इसलिए शांत  रहते हुए बस यही कहूंगी ..... मन को छू गयी रचना आपकी 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
9 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
yesterday
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service