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मंच-दाँ रहनुमा

तुम हुए मंच-दाँ जब से मन निहाई हो गया

यों मगर खाली निहाई पीटने से क्या हुआ |

सोन-माटी के कबाड़े क्यों नजर आते नहीं

सिर्फ़ बातों की हथौड़ी से धरा सब रह गया |

           

तुम हुए रहनुमा मकसद घर से बाहर चल पड़े   

पर तुम्हारी रहबरी ने क्या-क्या जिल्लत ना दिया |

लूटने का हुनर दौलत की हवस बढ़ती गई  

आबरू पे भी निगाहें जीना मुश्किल कर दिया |

 

तुम सियासत के सदन से निकलकर बागी हुए

दर्द का मारा लगा हम सब के ख़ातिर आ गया |

तेंदुए की चाल लेकिन तुम छिपा पाए नहीं   

देखकर बस्ती का हर घर खौफ़ से सहम गया |

 

खूँ-पसीने की कमाई उजले कालिख में फँसी

हर फसल अच्छी रही पर हाथ कुछ भी ना मिला |

मंच से बोली लगाया बनके तुमने खेतिहर

चौधरी फिर खुद ही बन खलिहान सारा ले लिया |

 

 

(मौलिक व अप्रकाशित)

 -- संतलाल करुण 

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Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on August 20, 2014 at 10:36am

रचना के चारों ही भाव असहाय, गरीब और शरीफ इन्सान पर पर उन चौधरियों द्वारा हथोडा चलाने और लूटने वालों पर गहरा 

व्यंग करते है | - यहाँ दिनकर जी की रचना के उलट आजकल यही देखने में आता है -

क्षमा न करते वे भुजंग जिनके पास गरल है 

मरते रहते वे सदा जो दीन हीन और सरल है |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on August 20, 2014 at 9:57am

आदरणीय स६त लाल जी , खूब सूरत रचना , आज के समय पर चोट करती हुई , बधाइयाँ प्रेषित हैं |

Comment by वेदिका on August 20, 2014 at 1:50am
बेहतरीन रचना!सामयिक व्यंग्मयी रचना पर बधाई!
Comment by JAWAHAR LAL SINGH on August 19, 2014 at 8:52pm

आदरणीय श्री संतलाल जी, सादर अभिवादन!

हर पंक्ति लाजवाब! पर मेरे हिशाब से चिह्नित करने योग्य - 

सोन-माटी के कबाड़े क्यों नजर आते नहीं

सिर्फ़ बातों की हथौड़ी से धरा सब रह गया | सादर!

Comment by Pawan Kumar on August 19, 2014 at 2:31pm

Pranam sir ji ......... Sundar prastuti ke liye saadar badhai

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 19, 2014 at 11:18am

आ० भाई संतलाल जी , मुखौटे पहने लोगों पर अच्छी चोट की है . हार्दिक बधाई स्वीकारें .

Comment by kalpna mishra bajpai on August 18, 2014 at 8:36pm

मंच से बोली लगाया बनके तुमने खेतिहर

चौधरी फिर खुद ही बन खलिहान सारा ले लिया |................ बहुत सुंदर ... बधाई आप को श्रीमान!

Comment by Meena Pathak on August 18, 2014 at 7:25pm

bahut sundar ..saadar badhai 

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