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मुकरियाँ- 'वोट' (मताधिकार) प्रक्रिया पर प्रकाश

मुख भोला है भली पोशाक |

मैं भी तत्पर हुई बेबाक |                          बेबाक= निर्भीक|

किसे पता की मन में खोट|

कह सखि साजन ? ना सखि वोट |

 

कमरे में घुसते ही जाँचै |

उलटि पलटि वह ठहि के बाँचै |                  ठहि= स्थिर, इत्मीनान; बाँचै= निरखना, पढ़ना |

आँखों से मारै जस चोट |

कह सखि साजन ? ना सखि वोट |

 

ना छोड़ै जब अवसर आवे |

अंगुली पकड़त दाग लगावे |

ना पहचानै बड़ा न छोट |

कह सखि साजन ? ना सखि वोट |

 

यही दाग जो देखै दुनिया |

लगा न अहमक, लगै त गुनिया |                अहमक= मंदबुद्धि; गुनिय= अक्लमंद (गुणवान) | 

न छूटै देख्यो रगड़ निकोट |

कह सखि साजन ? ना सखि वोट |

 

एक दूजे से नजर बचावै |

चिन्ह देख कइ बटन दबावै |

उहँईं दबावै जहँ पै ओट |                           ओट= आड़ (पर्दे इत्यादि का ओट)     |

कह सखि साजन ? ना सखि वोट |

.

शरद सिंह “विनोद”

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 913

Comment

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Comment by रमेश कुमार चौहान on January 1, 2015 at 8:13pm

सुंदर मुकरिया, बधाई आदरणीय


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 1, 2015 at 8:06pm
बेहद उम्दा प्रस्तुति आदरणीय शरद भाई जी आपको हार्दिक बधाई।
Comment by Hari Prakash Dubey on January 1, 2015 at 7:51pm

आदरणीय  "शरद सिंह “विनोद” जी ...बेहतरीन अभिवयक्ति…..नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये

Comment by SHARAD SINGH "VINOD" on January 1, 2015 at 7:41pm

आदरणीय "शकूर" जी प्रेरणात्मक बधाई के लिये धन्यवाद...सादर...

Comment by SHARAD SINGH "VINOD" on January 1, 2015 at 7:39pm

आदरणीय डॉ गोपाल नारायन जी अनुमोदन हेतु धन्यवाद|

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 1, 2015 at 7:35pm

प्रयास  अच्छा हुआ है i


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on January 1, 2015 at 7:12pm

कहमुकरियों पर अच्छा प्रयास हुआ है आदरणीय बधाई स्वीकार करें

कृपया ध्यान दे...

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