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दोहे--नव वर्षाभिनंदन

ख़ुशियों से हो ये भरा,नया हमारा साल ।
मेल जोल सबसे बढ़े, बदले सबकी चाल ।।

घर आँगन में हो ख़ुशी,चले हास-परिहास ।
पीड़ाओं की आँधियाँ, फटकें कभी न पास ।।

साल नया ख़ुश हाल हो,सब हों माला माल ।
जीवन में दुख का कभी,आये नहीं सवाल ।।

नये साल में हम करें,कोई अच्छा काम ।
युग -युग तक जपते रहें,लोग हमारा नाम ।।

माँगूँ रब से ये दुआ,रहें सभी आबाद ।
बीते दिन कोई यहाँ, करे न'आरिफ़' याद ।।

मौलिक एवं अप्रकाशित ।।

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Comment by Mohammed Arif on January 4, 2018 at 8:50am

बहुत-बहुत आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । लेखन सार्थक हो गया ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 4, 2018 at 8:18am

आ. भाई आरिफ जी, नववर्ष पर बेहतरीन भावपूर्ण दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई।

Comment by Mohammed Arif on January 3, 2018 at 11:21pm

बहुत-बहुत आभार आदरणीय बृजेश कुमार जी ।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on January 3, 2018 at 10:45pm

उत्तम दोहे प्रस्तुति आदरणीय..सादर

Comment by Mohammed Arif on January 2, 2018 at 11:03pm

बहुत-बहुत शुक्रिया जनाब सलीम रज़ा साहब । यह सब आपकी दुआआओं का नतीजा है ।

Comment by SALIM RAZA REWA on January 2, 2018 at 9:13pm
वाह आरिफ साहिब वाह... क्या खूब दोहे हुए हैं...मुबारकबाद. आप तो हर विधा के क़लमकार हैं ..
Comment by Mohammed Arif on January 2, 2018 at 8:20pm

बहुत-बहुत शुक्रिया आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब ।आपकी टिप्पणी से लेखन सार्थक हो गया ।

Comment by Samar kabeer on January 2, 2018 at 5:42pm

जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब आदाब,नव वर्ष के स्वागत में बहुत उम्दा दोहे लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Mohammed Arif on January 2, 2018 at 2:02pm

बहुत-बहुत शुक्रिया जनाब अफरोज़ सहर साहब ।नया साल मुबारक हो ।

Comment by Mohammed Arif on January 2, 2018 at 2:01pm

बहुत-बहुत आभार आदरणीय पंकज कुमार मिश्रा जी । नववर्ष मंगलमय हो ।

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