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मफ़ऊल फ़ाइलातुन मफ़ऊल फ़ाइलातुन

ख़ुशियों का इस जहाँ में फ़ुक़दान हो न जाये

ग़म अपनी ज़िन्दगी का उन्वान हो न जाये

नफ़रत का आज कंकर जो तेरी आँख में है

इक रोज़ बढ़ते बढ़ते चट्टान हो न जाये

मज़लूम की कहानी सुनकर तू हँस रहा है

तेरा भी हाल ऐसा नादान हो न जाये

सारे अदू लगे हैं,यारो इसी जतन में

पूरा हमारे दिल का अरमान हो न जाये

दोनों तरफ़ की फ़ौजें होने लगीं इकट्ठा

सरहद पे आज फिर से घमसान हो न जाये

आये न मौत मुझको,यारब यही दुआ है

जब तक कि आख़िरत का सामान हो न जाये

पढ़ते हैं छन्द मेरे,कहते हैं भाई 'सौरभ'

इस दौर का "समर"भी रस खान हो न जाये

--------

फ़ुक़दान-- कमी

उन्वान--शीर्षक

अदू--दुश्मन

घमसान--लड़ाई,जंग

आख़िरत--ज़िन्दगी में नेक काम करना

---

समर कबीर

मौलिक/अप्रकाशित

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Comment

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Comment by Nilesh Shevgaonkar on February 21, 2018 at 7:58pm

वाह सर,
हमेशा की तरह शानदार..
बधाई

Comment by पीयूष कुमार द्विवेदी on February 21, 2018 at 6:33pm

बेहद उम्दा ग़ज़ल हुई है जनाब,

दिली मुबारकबाद

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on February 21, 2018 at 3:52pm

वाह आदरणीय बेहतरीन ग़ज़ल पढ़ने को मिली..सभी शेर एक से बढ़कर एक..आखरी तो लाजबाब है..

Comment by Balram Dhakar on February 21, 2018 at 2:36pm

बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है, जनाब समर साहब।

बधाई आपको।

सादर।

Comment by vijay nikore on February 21, 2018 at 2:16pm

सब से पहले ... आप को वापस देख कर जो खुशी हुई है... भगवान का शुक्र है... समर जी, आपकी सेहत अच्छी रहे।

अब आपकी इस शानदार गज़ल पर दिल से बधाई।

//आये न मौत मुझको,यारब यही दुआ है

जब तक कि आख़िरत का सामान हो न जाये// ... वाह, वाह!

शेर दर शेर मुबारकबाद, समर भाई।

Comment by नादिर ख़ान on February 21, 2018 at 12:54pm

नफ़रत का आज कंकर जो तेरी आँख में है

इक रोज़ बढ़ते बढ़ते चट्टान हो न जाये

मज़लूम की कहानी सुनकर तू हँस रहा है

तेरा भी हाल ऐसा नादान हो न जाये  जनाब समर साहब खूबसूरत गजल के लिए मुबारकबाद.....

अल्लाह आपको सेहतमंद रखे और हम लोग आपसे  ताउम्र  सीखते रहे ....

Comment by Mohammed Arif on February 21, 2018 at 8:53am

मज़लूम की कहानी सुनकर तू हँस रहा है

तेरा भी हाल ऐसा नादान हो न जाये   वाह! वाह!! बहुत ही सच्चा शे'र कहा ।औरों पर या मज़बूर हँसने वाले एक दिन ख़ुद ग़म के शिकार हो सकते हैं 

शे'र दर शे'र दिद के साथ मुबारकबाद आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब ।

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