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बारिश के हाइकु


(1) ख़त्म तपन
हरा हुआ चमन
मचले मन ।
******
(2) भीगी है रात
बादलों की बारात
हो मुलाक़ात ।
******
(3) खेत-मैदान
हरियाली मचले
जीवन चले ।
******
(4) कहीं बरसे
मन मौजी बादल
धरा को बल ।
******
(5) नदियों में है
लहरों का यौवन
जल का धन ।
******
(6) घर-आँगन
जल की मनमानी
जीने की ठानी ।
******
(7)ककड़ी-भुट्टे
मन को ललचाते
सबको भाते ।
*******
(8) बूँदें सुनाती
हमें राग मल्हार
आई बहार ।
******
(9) आओ बदरा
स्वागत ,वंदन है
तन-मन है ।
*****
(10) खूब बरसो
गाँव ,महानगर
भीगे डगर ।
*****
मौलिक एवं अप्रकाशित ।


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Comment

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Comment by Neelam Upadhyaya on July 5, 2018 at 10:59am

आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी, नमस्कार।  बारिश के मौसम पर शानदार हाइकू रचे हैं आपने।  हार्दिक बधाई। 

Comment by Mohammed Arif on July 4, 2018 at 8:31pm

दिली शुक्रिया आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी ।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on July 4, 2018 at 8:29pm

मुहतरम जनाब आरिफ साहिब आ दाब  , बरसात के मौसम पर ज़बर्दस्त हाइकु हुए हैं, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं |

Comment by Mohammed Arif on July 4, 2018 at 8:20pm

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी ।

Comment by Mohammed Arif on July 4, 2018 at 8:20pm

हार्दिक आभार आदरणीय सुशील सरना जी ।

Comment by Mohammed Arif on July 4, 2018 at 8:19pm

हार्दिक पटेल आभार आदरणीय श्याम नारायण जी ।

Comment by Mohammed Arif on July 4, 2018 at 8:18pm

बहुत-बहुत शुक्रिया आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on July 4, 2018 at 7:52pm

आ. भाई आरिफ जी, बेहतरीन हाइकू हुए है । बहुत बहुत बधाई ।

Comment by Sushil Sarna on July 4, 2018 at 4:52pm

जनाब मो.आरिफ साहिब , आदाब। ... बरसात के मौसम पर बहुत ही सुंदर और सारगर्भित हाइकु बने हैं। दिल से बधाई सर।

Comment by Shyam Narain Verma on July 4, 2018 at 3:27pm
इस खूबसूरत  रचना की हार्दिक बधाई

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