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फरियाद कोई उनसे सुनाई नहीं जाती ।
आंखों से मगर ,बात छुपाई नहीं जाती ।

मैं जानता हूं ,तू मेरे हक में नहीं है पर
दिल से तेरी तस्वीर मिटाई नहीं जाती ।

जो बात जला देती है दिल को मेरे अक्सर
वो बात किसी से भी बताई नहीं जाती।

तुझपे न असर होगा किसी बात का मेरी
फिर भी मेरे होठों से दुहाई नहीं जाती ।

बारिश में बिखर जाते हैं जिनके सभी खुश रंग
तस्वीर वो अश्कों से सजाई नहीं जाती।

मौलिक और अप्रकाशित

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Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on April 9, 2019 at 9:10am

वाह आदरणीय मनोज जी बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही है...

Comment by Samar kabeer on April 7, 2019 at 6:07pm

जनाब मनोज अहसास जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

'फरियाद कोई उनसे सुनाई नहीं जाती'

इस मिसरे में 'उनसे' की जगह "उनको" कर लें ।

Comment by Sushil Sarna on April 5, 2019 at 2:55pm

फरियाद कोई उनसे सुनाई नहीं जाती ।

आंखों से मगर ,बात छुपाई नहीं जाती ।

मैं जानता हूं ,तू मेरे हक में नहीं है पर

दिल से तेरी तस्वीर मिटाई नहीं जाती ।

आदरणीय इस बेहतरीन ग़ज़ल के लिए दिल से बधाई। हर शेर लाज़वाब है।

कृपया ध्यान दे...

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