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कोई मुझे नेता बना दे---डॉo विजय शंकर

काश कोई मुझे नेता बना दे ,
अपने हाथों से उठाये
और भीड़ में गिरा दे |
फिर देखना , कैसे उठता हूँ मैं ,
हाय कोई एक बार तो गिरा दे ,
कोई तो मुझे नेता बना दे |
मेरा प्रोफाइल देख ले,
रिज्यूमे भेज देता हूँ ,
फोटो भी लगा देता हूँ,
क्या-क्या किया है , बता देता हूँ ,
ऐसा क्या है , मैं कर नहीं सकता ,
लोग हैरत में आ जायेंगें ,
जो कर के दिखा सकता हूँ |
बस एक बार , एक बार ,
मुझे उठाओ , एक बार मुझे उछालो ,
फिर देखना , क्या क्या दिखाऊंगा ,
बस मैं ही मैं नज़र आऊंगा।
जागतों को नज़र आऊंगा ,
सोतों के सपने में आऊंगा ,
मेरे ही , बस मेरे ही चर्चे होंगें ,
मेरे बैनर , मेरी ही तस्वीरें होगीं ,
मेरे ही बुत होंगें ,
सब मुझको ही जानेगें ,
तब सब मुझको पहचानेगें।
मैं होऊंगा , मैं होऊंगा ,
बस मैं ही मैं होऊंगा।
एक बार , बस , एक बार ,
कोई मुझे नेता बना दे ,

मौलिक एवं अप्रकाशित
डॉo विजय शंकर

Views: 721

Comment

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Comment by Dr. Vijai Shanker on February 6, 2015 at 11:08am
आदरणीय लक्षमण रामानुज लडीवाला जी, रचना को पसंद करने के लिए आभार, बधाई के लिए ह्रदय से धन्यवाद, सादर।
Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 6, 2015 at 10:57am

काश कोई मुझे नेता बना दे -  वाह वह  !  भावपूर्ण कथ्य रचित रचना के लिए  बधाई श्री विजय शंकर जी 

Comment by Dr. Vijai Shanker on February 5, 2015 at 8:01pm
आदरणीय अनुराग गोयल जी, बहुत बहुत धन्यवाद, सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on February 5, 2015 at 7:59pm
आदरणीय हरी प्रकाश दुबे जी, आपकी सद्भावनाओं को नमन , रचना पसंद आने और आपकी बधाई हेतु बहुत बहुत धन्यवाद, सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on February 5, 2015 at 7:39pm
आदरणीय विनय कुमार सिंह जी, रचना पसंद आने और आपकी बधाई हेतु धन्यवाद, सादर।
Comment by Anurag Goel on February 5, 2015 at 5:39pm

तथ्यों का सुन्दर मिश्रण बधाई 

Comment by Hari Prakash Dubey on February 5, 2015 at 3:25pm

 वैसे गिरिराज सर की बात सही है...."आप ऐसे ही अच्छे हैं , काहे नेता वेता बनना चाह रहे हैं ".....हा हा हा ...सुन्दर रचना आदरणीय डॉ विजय शंकर सर हार्दिक बधाई आपको ! सादर

Comment by विनय कुमार on February 5, 2015 at 12:43pm

सुन्दर रचना आदरणीय डॉ विजय शंकर जी , बधाई..

Comment by Dr. Vijai Shanker on February 4, 2015 at 11:02pm
प्रिय मिथिलेश जी, रचना को पसंद करने लिए आभार, बधाई के लिए धन्यवाद ,सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on February 4, 2015 at 11:00pm
आदरणीय मोहन बेगोवाल जी, रचना स्वीकारने एवं उसकी प्रशस्ति के लिए आभार, बधाई के लिए धन्यवाद ,सादर।

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