For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आदरणीय काव्य-रसिको,

सादर अभिवादन !

 

चित्र से काव्य तक छन्दोत्सव का आयोजन लगातार क्रम में इस बार छियासीवाँ आयोजन है.   

 

आयोजन हेतु निर्धारित तिथियाँ  

22 जून 2018 दिन शुक्रवार से 23 जून 2018 दिन शनिवार तक
 
इस बार के छंद हैं - 

शक्ति छंद और चौपई छंद  

हम आयोजन के अंतरगत शास्त्रीय छन्दों के शुद्ध रूप तथा इनपर आधारित गीत तथा नवगीत जैसे प्रयोगों को भी मान दे रहे हैं.  छन्दों को आधार बनाते हुए प्रदत्त चित्र पर आधारित छन्द-रचना तो करनी ही है,  चित्र को आधार बनाते हुए छंद आधारित नवगीत या गीत या अन्य गेय (मात्रिक) रचनायें भी प्रस्तुत की जा सकती हैं.

साथ ही, रचनाओं की संख्या पर कोई बन्धन नहीं है. किन्तु, उचित यही होगा कि एक से अधिक रचनाएँ प्रस्तुत करनी हों तो छन्द बदल दें.   

केवल मौलिक एवं अप्रकाशित रचनाएँ ही स्वीकार की जायेंगीं.

शक्ति छंद के मूलभूत नियमों से परिचित होने के लिए यहाँ क्लिक करें

चौपई छंद के मूलभूत नियमों से परिचित होने के लिए यहाँ क्लिक करें

जैसा कि विदित है, अन्यान्य छन्दों के विधानों की मूलभूत जानकारियाँ इसी पटल के  भारतीय छन्द विधान समूह में मिल सकती है.

********************************************************

आयोजन सम्बन्धी नोट 

फिलहाल Reply Box बंद रहेगा जो 22 जून 2018 दिन शुक्रवार से 23 जून 2018 दिन शनिवार तक यानी दो दिनों के लिए रचना-प्रस्तुति तथा टिप्पणियों के लिए खुला रहेगा.

 

अति आवश्यक सूचना :

  1. रचना केवल स्वयं के प्रोफाइल से ही पोस्ट करें, अन्य सदस्य की रचना किसी और सदस्य द्वारा पोस्ट नहीं की जाएगी.
  2. नियमों के विरुद्ध, विषय से भटकी हुई तथा अस्तरीय प्रस्तुति को बिना कोई कारण बताये तथा बिना कोई पूर्व सूचना दिए हटाया जा सकता है. यह अधिकार प्रबंधन-समिति के सदस्यों के पास सुरक्षित रहेगा, जिस पर कोई बहस नहीं की जाएगी.
  3. सदस्यगण संशोधन हेतु अनुरोध  करेंआयोजन की रचनाओं के संकलन के प्रकाशन के पोस्ट पर प्राप्त सुझावों के अनुसार संशोधन किया जायेगा.
  4. अपने पोस्ट या अपनी टिप्पणी को सदस्य स्वयं ही किसी हालत में डिलिट न करें। 
  5. आयोजनों के वातावरण को टिप्पणियों के माध्यम से समरस बनाये रखना उचित है. लेकिन बातचीत में असंयमित तथ्य न आ पायें इसके प्रति संवेदनशीलता आपेक्षित है.
  6. इस तथ्य पर ध्यान रहे कि स्माइली आदि का असंयमित अथवा अव्यावहारिक प्रयोग तथा बिना अर्थ के पोस्ट आयोजन के स्तर को हल्का करते हैं.
  7. रचनाओं पर टिप्पणियाँ यथासंभव देवनागरी फाण्ट में ही करें. अनावश्यक रूप से रोमन फाण्ट का उपयोग  करें. रोमन फ़ॉण्ट में टिप्पणियाँ करना एक ऐसा रास्ता है जो अन्य कोई उपाय न रहने पर ही अपनाया जाय.
  8. रचनाओं को लेफ़्ट अलाइंड रखते हुए नॉन-बोल्ड टेक्स्ट में ही पोस्ट करें. अन्यथा आगे संकलन के क्रम में संग्रहकर्ता को बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

छंदोत्सव के सम्बन्ध मे किसी तरह की जानकारी हेतु नीचे दिये लिंक पर पूछताछ की जा सकती है ...
"ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" के सम्बन्ध मे पूछताछ

"ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" के पिछ्ले अंकों को यहाँ पढ़ें ...

विशेष :

यदि आप अभी तक  www.openbooksonline.com  परिवार से नहीं जुड़ सके है तो यहाँ क्लिक कर प्रथम बार sign up कर लें.

 

मंच संचालक
सौरभ पाण्डेय
(सदस्य प्रबंधन समूह)
ओपन बुक्स ऑनलाइन डॉट कॉम

Views: 1834

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव अंक-86 में आपका स्वागत है ।

आपका भी हार्दिक स्वागत है, आदरणीय।

धन्यवाद  आदरणीय , छंदोत्सव अंक-86  का आयोजन रविवार रात्रि 12  तक जारी रखना सही निर्णय है कुछ और अच्छी रचनायें पढ़ने को मिलेंगी।

चौपई छंद

 

 

कारें ढेरों पर बेकार, शहर ले रहा है विस्तार |

मिलती राहें यहाँ अनेक, चुनना है पर केवल एक ||

 

आवाजाही है कुछ मंद, सिग्नल भी लगते हैं बंद |

लोग हो रहे यूँ ही पास, नहीं बने हैं जेब्रा क्रास ||

 

विज्ञापन की हो दरकार , फ़ोन घुमाओ करो प्रचार |

कुछ अच्छा तो कुछ है बेड, मिलता पर सब रेडीमेड ||

 

मुरझाया सा दिखे विहान, बढ़ा धुआँ ली चादर तान |

खूब प्रदूषण करता वार , हरियाली सहती नित मार ||

 

चिकनी सड़कें अपनी शान, थोडा दो इन पर भी ध्यान |

रखो हमेशा इनको साफ़, कौन करेगा वरना माफ़ ||

 

मौलिक/अप्रकाशित.

जनाब अशोक कुमार रक्ताले जी आदाब, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करते बहुत उम्दा चौपाई छन्द से आयोजन का आग़ाज़ किया आपने,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।

आदरणीय समर कबीर साहब सादर नमस्कार, चौपई छंद की प्रस्तुति को सराहने  और मेरा उत्साहवर्धन करने के लिए आपका हृदयतल से आभार. सादर. 

बहुत अच्छा लिखा अशोक जी.

तस्वीर का हर रुख स्पष्ट हुआ है. बहुत बढ़िया.

बस बैड से मेड का तुक देखिएगा 

आदरणीय अजय गुप्ता जी सादर, प्रस्तुत छंदों को सराहने केलिए आपका दिल से आभार. अच्छा मने बेड बिस्तर का हुआ और बैड बुरे का हुआ. ठीक है आपके इंगित पर ध्यान देकर कुछ बदलाव का प्रयास रहेगा. सादर. 

जनाब अशोक भाई साहिब, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करते सुंदर चौपई छंद हुए हैं , मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं | सही शब्द "मुआफ़ " है देखिएगा 

आदरणीय भाई तसदीक एहमद खान साहब सादर, जी ! सही कहा है आपने. माफ़ मुआफ़ से ही बना है. किन्तु हिंदी में माफ़ ही स्वीकार शब्द है. प्रस्तुत छंद आपको पसंद आये मेरा रचनाकर्म सफल हुआ. सादर आभार. 

आदरणीय अशोक रक्ताले जी आदाब,

                    सर्वप्रथम आयोजन का आगाज़ करने के लिए बधाई । प्रदत्त विषय का बेहतरीन और लाजवाब चित्रण । पूरे चित्र को शब्दों से जीवंत कर दिया । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ साहब सादर नमस्कार, प्रस्तुत चौपई छंद आपको चित्र पर अच्छे लगे मुझे संतोष हुआ.आपका हृदयातल से आभार. सादर. 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल: वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं।
"जनाब बलराम धाकड़ जी आदाब,बहुत उम्द: ग़ज़ल हुई है, दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । 'वक़्त की…"
2 hours ago
Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल: वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं।
"हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया, आदरणीय लक्ष्मण जी।  सादर। "
2 hours ago
Samar kabeer commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद
"जनाब विमल शर्मा 'विमल' जी आदाब,अच्छी कविता हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on vijay nikore's blog post स्वप्न-सृष्टि
"प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब,बहुत उम्द:,बहुत ख़ूब, हमेशा की तरह एक गम्भीर और प्रभावशाली सृजन, इस…"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'सबको दिल को हाल बताकर दिल…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल: वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं।
"आ. भाई बलराम जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
4 hours ago
Balram Dhakar posted a blog post

ग़ज़ल: वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं।

2122 2122 2122 212.वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं। ज़िंदगी इतना भी ख़ुश मत हो, अभी…See More
4 hours ago
Balram Dhakar and प्रशांत दीक्षित 'सागर' are now friends
16 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post जाते हो बाजार पिया (नवगीत)
"आ. भाई धर्मेन्द्र जी, बेहतरीन नवगीत हुआ है । हार्दिक बधाई।"
18 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल..डरावनी सी रात थी बड़ा अजीब ख्वाब था-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आ. भाई ब्रिजेश जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
18 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on dandpani nahak's blog post गज़ल
"आ. भाई दण्डपाणि जी, हार्दिक धन्यवाद।"
18 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post विजयदशमी पर कुछ दोहे :
"आ. भाई सुशील जी, उत्तम दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई ।"
18 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service