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Gyanendra Nath Tripathi
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Male
City State
Siddhartha Nagar/ Gurgaon
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Siddhartha Nagar
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Research
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A learner

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Gyanendra Nath Tripathi's Blog

मेरे कातिल

पास आ कातिल मेरे मुझमें जान आने दे,

जान ले लेना पर थोडा तो संभल जाने दे।

 

तूँ तसव्वुर में मेरे रहा है बरसों से,

खुद को नजरों से सीने में उतर जाने दे।

 

कुछ ठहर जा कि छुपा लूँ मैं दर्द सीने का,

या तेरे सीने से लिपट कर बिफर जाने दे।

 

तुझको पाना नहीं है मेरी मंजिल,

तूँ जरा खुद में मुझको समां जाने…

Continue

Posted on August 18, 2011 at 1:30pm — 2 Comments

Comment Wall (7 comments)

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At 11:47pm on April 15, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

कुछ ठहर जा कि छुपा लूँ मैं दर्द सीने का,

या तेरे सीने से लिपट कर बिफर जाने दे।

 प्रिय त्रिपाठी जी ..  जान ले लेना पर थोडा तो संभल जाने दे ,,बहुत खूब ..प्रेम के कितने रंग  ...जय श्री राधे 


भ्रमर ५ 

At 6:26pm on April 4, 2012, अरुण कान्त शुक्ला said…

मित्र बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञानेंद्र जी .

At 12:39pm on April 3, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

aadarniya tripathi ji, sadar abhivadan ke sath apka hardik swagat hai.

At 9:08am on July 1, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 10:43am on June 22, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 10:27am on June 22, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 5:55pm on June 19, 2011, Admin said…
 
 
 

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