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Tasdiq Ahmed Khan
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Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-107
"कैफ साहिब के दिए मिसरा की गज़ल में यही काफिये लिए गए हैं "
6 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-107
"गज़ल  गली में महशर सा नज़ारा लगता है ।हर कोई दिलबर का मारा लगता है । ओज पे मेरे इश्क का तारा लगता है ।मैं उसको वो मुझको प्यारा लगता है । गिरी नहीँ यूँ बिजली मेरे नशेमन पर किया किसी ने उसको इशारा लगता है । होटों पर मुस्कान नमीं है आखों में…"
12 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - दिल मे भगवान का डर पैदा कर
"जनाब नवीन साहिब, अच्छी ग़ज़ल हुई है,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं  शेर 1_उला मिसरे में आपने की जगह अपने करलें शेर 4_ ऊला मिसरा लय में नहीं है, यूँ कर सकते हैं "जिंदगी मांगेगी हर एक सद‌फ" शेर 6_ऊला मिसरा बहर में नहीं है, यूँ कर सकते हैं…"
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"जनाब हरिओम साहिब, सुंदर कुंडली छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"मुहतरमा अनामिका साहिबा, सुंदर गीत हुआ है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on TEJ VEER SINGH's blog post बौना आदमी - लघुकथा -
"मुह तरम तेजवीर सिंह साहिब, संदेश प्रद लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब भाई लक्ष्मण धा मी साहिब, उम्दा दोहे हुए हैं मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post अथ अभिकल्पित-आचार-संहिता (आलेख)
"जनाब शाहेज़ाद उस्मानी साहिब आ दाब, बहुत ही सुंदर आलेख हुआ है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Sushil Sarna's blog post शृंगारिक दोहे :
"जनाब भाई सुशील सरना साहिब, सुंदर दोहे हुए हैं मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on विनय कुमार's blog post ग़लतफ़हमी-लघुकथा
"जनाब विनय कुमार साहिब, अच्छी लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on TEJ VEER SINGH's blog post मेरा भारत महान - लघुकथा -
"मुहत रम तेजवीर सिंह साहिब,, आज के हालात पर अच्छी लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा
"जनाब भाई लक्ष्मण धा मी साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा
"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुयी है । हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा
"जनाब भाई सुरेंद्र नाथ साहिब, ग़ज़ल पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया l"
Monday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा
"आद0 तस्दीक अहमद खान साहब सादर अभिवादन। बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने। वाह वाह वाह। बहुत बहुत बधाई आपको। इस शैर पर अतिरिक्त तालियां किसी की पड़ गई तारीफ़ दोस्तों मंहगी दिया है उसने नज़र से उतार ख़ैर ख़ुदा"
Monday
Tasdiq Ahmed Khan posted a blog post

ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा

ग़ज़ल( मफाइलुन_फ इ लातुन_मफाइलुन_फेलुन) किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदाकरे वो तीर से दो दो शिकार ख़ैर ख़ुदाअलम छुपाने की कोशिश तो हँस के की लेकिननिगाहे नम ने किया आश कार ख़ैर ख़ुदानज़र पे पहरा है दीवाना फ़िर भी कूचे में सनम को अपने रहा है पुकार ख़ैर ख़ुदातवक्को उनसे है फैसल की, कर रहे हैं जो फरेबियों में हमारा शुमार ख़ैर ख़ुदालगा ये देख के उनको उदास महफ़िल में खिज़ा के साथ है आई बहार ख़ैर ख़ुदाकिसी की पड़ गई तारीफ़ दोस्तों मंहगी दिया है उसने नज़र से उतार ख़ैर ख़ुदाउसी ने की दगा तस्दीक…See More
Saturday

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i have interest in writing urdu/hindi gazal &geet etc.

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ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा

ग़ज़ल

( मफाइलुन_फ इ लातुन_मफाइलुन_फेलुन) 

किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा

करे वो तीर से दो दो शिकार ख़ैर ख़ुदा

अलम छुपाने की कोशिश तो हँस के की लेकिन

निगाहे नम ने किया आश कार ख़ैर ख़ुदा

नज़र पे पहरा है दीवाना फ़िर भी कूचे में

सनम को अपने रहा है पुकार ख़ैर ख़ुदा

तवक्को उनसे है फैसल की, कर रहे हैं जो

फरेबियों में हमारा शुमार ख़ैर ख़ुदा

लगा ये देख के उनको उदास महफ़िल में

खिज़ा के साथ…

Continue

Posted on May 18, 2019 at 12:34pm — 4 Comments

ग़ज़ल _वो कुछ न इसके सिवा करेंगे

ग़ज़ल _(वो कुछ न इसके सिवा करेंगे)

(मफा इला तुन _मफा इला तुन)

वो कुछ न इसके सिवा करेंगे l

बना के अपना दगा करेंगे l

किसी से हो जाए उनको उलफत

यही ख़ुदा से दुआ करेंगे l

सितम जफ़ा जिनकी ख़ास फितरत

वो कह रहे हैं वफ़ा करेंगे l

कभी हमें आज़मा के देखो

ये दिल है क्या जाँ फिदा करेंगे l

नज़र पे पहरे अगर लगे तो

खयाल में हम मिला करेंगे l

लगा के इलज़ामे बे…

Continue

Posted on April 30, 2019 at 1:14pm — 6 Comments

ग़ज़ल _(रहबरी उनकी मुझको हासिल है)

(फाइ ला तुन _मफा इलुन _फ़ेलुन)

रहबरी उनकी मुझको हासिल है l

अब भला किसको फिकरे मंज़िल है l

दे सफ़ाई न क़त्ल पर वर्ना

लोग समझेंगे तू ही क़ातिल है l

उस हसीं से गिला है सिर्फ यही

वो वफ़ाओं से मेरी गाफिल है l

दोस्तों से वो राय लेते हैं

सिर्फ़ उलफत में ये ही मुश्किल है l

ढूँढ कर लाए तो कोई ऎसा

मेरा महबूब माहे कामिल है l

जो बचाता है बदनज़र से उन्हें

उनके रुखसार का ही वो तिल है…

Continue

Posted on April 15, 2019 at 12:00pm — 11 Comments

ओ बी ओ को 9वीं सालगिरह की सौगात

ओ बी ओ को 9वीं सालगिरह की सौगात

ग़ज़ल (फाइलुन _फाइलुन _फाइलुन _फाइलुन /फाइलात)

मेरा दिल दे रहा है दुआ ओ बी ओ l

तू फले फूले यूँ ही सदा ओ बी ओ l

कोई सीखे कथा, छंद या शायरी

इन सभी का है तू रहनुमा ओ बी ओ l

भाई सौरभ हों राना या मिथलेश हों

इनके दम से तू आगे बढ़ा ओ बी ओ l

सीखने का दिया मंच तूने हमें

क्यूँ न तेरा करूँ शुक्रिया ओ बी ओ l

आज ख़ुश हैं बहुत यूँ नहीं योगराज

गोद में इनकी फूला फला ओ बी…

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Posted on April 2, 2019 at 12:01pm — 10 Comments

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At 5:33pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब आदाब
मैं बहुत आभारी हूँ कि आपने मेरी ग़ज़ल पढ़ी शुक्रिया
मुझमें अभी बहुत कमी है मैं जानता हूँ लेकिन आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख पाउँगा ऐसी आशा करता हूँ आपका बहुत बहुत आभार और शुक्रिया
At 9:21pm on September 3, 2017, SALIM RAZA REWA said…
जनाब तस्दीक साहब अपना मोबाइल नंबर देने की मेहरबानी करें
At 3:51pm on February 17, 2016, Sushil Sarna said…

आदरणीय तस्दीक अहमद खान जी,माह के सक्रिय सदस्य के रूप में ओ बी ओ द्वारा चयनित होने पर आपको हार्दिक बधाई। 

At 11:43pm on February 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तस्दीक अहमद खान जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:11pm on October 22, 2015, Ganga Dhar Sharma 'Hindustan' said…
आपका इस बज्म में तहेदिल से इस्तक़बाल है......|
At 6:28pm on October 20, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है।
 
 
 

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