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PHOOL SINGH's Blog – January 2016 Archive (3)

शायद मैंने पी ली मधुशाला

 सुन्दर सुन्दर शब्दों का

संग्रह मैंने तो कर डाला

उपयोग नहीं, प्रयोग न जानू

मैंने पी ली मधुशाला

 

कविता लिखने के चक्कर में

मैंने क्या क्या कर डाला

लय नहीं तो क्या हुआ

मैंने प्रयास कर डाला

 

कवि बनने की चाह नहीं

पर कविता लिखना चाहूँ मैं

गीत नहीं संगीत नहीं

पर कविता सुनना चाहूँ…

Continue

Added by PHOOL SINGH on January 19, 2016 at 9:56am — 10 Comments

दाँस्ता- आज के इंसान की

दाँस्ता- आज के इंसान की

 

मेरा व्यक्तित्व क्या है बोलो

स्वार्थी चाहे दम्भी बोलो

अहंकारी, कुकर्मी बोलो

जो भी बोलो सोच के बोलो

मेरा व्यक्तित्व क्या है बोलो

 

स्वार्थसिद्धि की, ताक की में रहता

क्षणभर की ना देरी करता

भिन्न भिन्न अपने वेश बदल के

जन भावना की बातें करता

कौन हूँ मैं, तुम कुछ तो बोलो

जो भी बोलो सोच के बोलो

 

 रोते को, मैं खूब…

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Added by PHOOL SINGH on January 15, 2016 at 9:55am — 2 Comments

मुक्तिदाता मृत्यु

मैं स्वछन्द घूमती रहती

जिसको चाहे उसे ले जाती

भनक भी न उसे लगाती

दुखो से मुक्ति झट दे जाती

मृत्यु मैं जो कहलाती

जीवन का दस्तूर बताती

लालसा को परिपूर्ण कराती

बर्बरस्ता को यूँ मिटाती

पूर्ण आनंद का अनुभव कराती

मृत्यु मैं जो कहलाती

खुले क्षितिज में तुम्हे घुमाती

जीवन- मरण का भेद कराती

रिस्तो का तुम्हे बोध करा

सत्यता की दुनिया दिखाती

मृत्यु मैं जो कहलाती

फल बुराई का तुझे दिखाती

अंत समय जब मैं…

Continue

Added by PHOOL SINGH on January 8, 2016 at 11:30am — 3 Comments

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"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर मेरी प्रस्तुति की सराहना के लिए आपका हार्दिक…"
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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"    आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी सादर, प्रस्तुत दोहों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार ।…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. प्रतिभा बहन, सादर अभिवादन। चित्रानुरूप सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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