For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Rachna Bhatia's Blog – March 2021 Archive (6)

ग़ज़ल- ज़ार ज़ार रोते हैं

212 1222

1

ज़ार ज़ार रोते हैं

जब वो होश ख़ोते हैं

2

ख़्वान ए इश्क वाले ही

तो फ़कीर होते हैं

3

लोग क्यों अदावत में

हाथ खूँ से धोते हैं

4

डोरी में वो सांसों की

आरज़ू पिरोते हैं

5

चाहतों की गठरी सब

उम्र भर सँजोते हैं

6

क्यों अज़ीज़ अपने ही

अश्कों में डुबोते हैं

7

ख़्वाब देखने वाले

रात भर न सोते हैं

मौलिक व अप्रकाशित

रचना…

Continue

Added by Rachna Bhatia on March 30, 2021 at 8:30pm — 2 Comments

ग़ज़ल- उफ़ किया न करे

मुफ़ाइलुन फ़इलातुन मुफ़ाइलुन फ़ेलुन

1212 1122 1212 22

1

जो सह के ज़ुल्म हज़ारों भी उफ़ किया न करे

दुआ करो कि उसे ग़म कोई मिला न करे

2

मुझे बहार की रंगीनियाँ मिलें न मिलें

मगर ख़िज़ा ही रहे उम्र भर ख़ुदा न करे

3

मुझे वो बज़्म में चाहे मिले नहीं खुल कर

मगर मज़ाक में भी ग़ैर तो कहा न करे

4

मैं ज़र्द पत्ते सा घबरा के काँप जाता हूँ

कहे हवा से कोई तेज़ वो चला न करे

5

नशा किसी प महब्बत…

Continue

Added by Rachna Bhatia on March 21, 2021 at 8:30am — 7 Comments

जोगिरा सा रा रारा रा,..

16,11 मात्रा अंत मे गुरु लघु

1

ले राधा जैसी चंचलता, कृष्णा जैसा प्यार।

बरसाने में खेली जाए,होरी भी लठमार।

जोगिरा सा रा रारा रा,..

2

कृष्ण गए थे हँसी ठिठोली, करने राधा…

Continue

Added by Rachna Bhatia on March 19, 2021 at 3:00pm — 5 Comments

ग़ज़ल-मचलेंगे जज़्बात हमारे

221--1221--1221--122

1

कैसे न सनम मचलें'गे जज़्बात हमारे

महफ़िल में अगर गाएंगे नग़्मात हमारे

2

दुनिया का वतीरा भी निभा सकते हैं लेकिन

इन सबसे अलहदा हैं ख़यालात हमारे

3

ईमान की बाज़ार में कीमत नहीं कुछ भी

किस तर्ह से फिर सुधरेंगे हालात हमारे

4

जल जल के बुझी जाती है उम्मीदों की शम्मा

दम तोड़ते हैं साथ सवालात हमारे

5

माज़ी को सिरहाने तले रख सोचते हैं हम

क्यों एक से रहते नहीं दिन रात…

Continue

Added by Rachna Bhatia on March 13, 2021 at 9:00am — 8 Comments

ग़ज़ल-कूचे में बेवफ़ा के

221 2122 221 2122

1

दरिया है आँसुओं का कूचे में बेवफ़ा के

जाना वहाँ से यारा दामन ज़रा बचा के

2

इक बात ये बता दे मेरे हसीन क़ातिल

लेता है जान कैसे तू यार मुस्कुरा के

3

पूछेगी इक न इक दिन तुमसे भी ज़िन्दगानी 

हासिल हुआ तुम्हें क्या ईमान को गँवा के

4

उल्फ़त की वादियों से रूठे रहेंगे कब तक 

देखें तो आप इक दिन दिल इनसे भी लगा के

5

पूछा है आसमाँ से कल रात छत पे आ कर

जीता है किस तरह वो…

Continue

Added by Rachna Bhatia on March 10, 2021 at 1:30pm — 12 Comments

ग़ज़ल-क्या करे कोई

221 2121 1221 212

1

हमसे शगुफ़्तगी की तमन्ना करे कोई 

अब और दर्द देने न आया करे कोई

2

आकर क़रीब इश्क़ जताया करे कोई

सच्चा नहीं तो झूठा ही वादा करे कोई…

Continue

Added by Rachna Bhatia on March 2, 2021 at 7:08pm — 14 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
13 minutes ago
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service