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"किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"

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सुकूँ वो उम्र भर पाया नहीं करतें।
बड़ों की बात जो माना नहीं करतें।।

बुजुर्गों की नसीहत ये पुरानी है।
बिना सोचे कभी बोला नहीं करतें।।

सफल होते हमेशा लोग वो ही जो।
किसी की बात सुन बहका नहीं करतें।।

जिन्हें आदत हमेशा जीतने की हो।
वो मैदां छोड़ कर भागा नहीं करतें।।

हमेशा से रहा इक ही उसूल अपना।
किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें।।

मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by TEJ VEER SINGH on December 12, 2018 at 10:54am

हार्दिक बधाई आदरणीय सुरेंद्र इंसान जी।बेहतरीन गज़ल ।

हमेशा से रहा इक ही उसूल अपना।
किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें।।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on December 12, 2018 at 9:44am

आ. भाई सुरेंद्र जी , अच्छी गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।

करतें को - करते कर लें ।

Comment by surender insan on December 11, 2018 at 9:01pm

जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका। सादर नमन।

Comment by PHOOL SINGH on December 11, 2018 at 5:09pm

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