For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मेरे शहर की बारिश

मेरे शहर की बारिश
लेकर आती है
ठंडी हवा के झोंकों में लिपटी 
माटी की सोंधी खुशबू 
बेसाख्ता बरसती बूँदें
समेटे प्यार दुलार भरी ठंडक
और तन बदन भिगोती
मन तक भिगो जाती है
लेकिन किसी को ये सब झूठ लगता है
क्यूंकि ये लेकर आती है
घरों की टपकती
छत की टप-टप
तेज़ हवा के झोंको से सरसराहट
दरवाजों पे आहट
बिरह की आग
सखी की याद
धुत्कार भरी तपिश
भिगोती है तन बदन संग मन
बचपन का अल्हड़पन समेटे
मेरे शहर की बारिश

संदीप पटेल "दीप"

Views: 534

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by AVINASH S BAGDE on June 21, 2012 at 3:44pm

sachchai se rubaroo......Deep ji.

Comment by Yogi Saraswat on June 21, 2012 at 3:08pm

दरवाजों पे आहट
बिरह की आग
सखी की याद
धुत्कार भरी तपिश
भिगोती है तन बदन संग मन
बचपन का अल्हड़पन समेटे
मेरे शहर की बारिश

sundar shabd , sandeep ji

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on June 21, 2012 at 11:17am

aap sabhi kaa hriday se shukriya ...............aadarneey डॉ. सूर्या बाली "सूरज sir ji , @PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA sir ji ..@SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR sir ji @Albela Khatri sir ji ......aadarneeya rajesh kumari ji ..@Rekha Joshi ji .....aap sabhi kaa saadar aabhar ......samyaabhaav se grasit hun abhi main ..........aap sabhi vigy jan mujhe kshma karenge aisee aasha hai

Comment by Albela Khatri on June 21, 2012 at 8:44am

गज़ब है  संदीप जी आपके शहर की  बारिश........
ख़ूब भिगोती  है आपको..........
भीगते रहिये
और ऐसे ही  सृजन करते रहिये,,,,,,,,,
__सादर !

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on June 20, 2012 at 8:55pm
प्रिय संदीप 'दीप' जी बारिस के बिभिन्न रूप रंगों को आप ने दिखाया ...अच्छा लगा ..एक ही सिक्के के अलग पहलू हैं हर मन में ये बारिस अपना अलग प्रभाव छोड़ ..कभी जलाती है कभी शीतल ....सुन्दर 
भ्रमर ५ 
Comment by Rekha Joshi on June 20, 2012 at 7:42pm

वाह संदीप जी ,क्या कविता लिखी है ,बहुत खूब ,बहुत बहुत बधाई 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on June 20, 2012 at 1:42pm

आपके शहर  का मौसम कुछ अजीज है 

आपका ये भाव हर दिल अजीज है 

है तपन यहाँ मगर मगन संदीप है 

खुश है प्रदीप बारिश का मौसम करीब है.

बधाई. 

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on June 20, 2012 at 1:13pm

अच्छी कविता संदीप भाई !! बधाई हो !


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on June 20, 2012 at 11:46am

बहुत सुन्दर भावों को संजोया है रचना में 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Tuesday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service