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धीर धरे चुप गहन कूप
होतीं हैं बेटियाँ ../
गंगा की जलधार सीं ,
अर्घ्य की पावनधार सीं ,
जीवन के आधार सीं .
भोर सजीली भक्ति रूप
होतीं हैं बेटियाँ ..!!
सुभग अल्पना द्वार कीं,
सजतीं वंदनवार सीं/
महकें हरसिंगार सीं ,
जीवन भर की छाँह -धूप
होतीं हैं बेटियाँ ..!!
बाबा के सत्कार सीं ,
मर्यादा परिवार कीं ,
बेमन हैं स्वीकार सीं ,
धीर धरे चुप गहन कूप
होतीं हैं बेटियाँ ...!!!

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Comment by अरुन शर्मा 'अनन्त' on January 17, 2013 at 11:01am

बेहद सुन्दर और सुखदाई गीत हार्दिक बधाई आदरणीया

Comment by VISHAAL CHARCHCHIT on January 16, 2013 at 9:25pm

अत्यन्त भावपूर्ण रचना.........भावना जी हार्दिक बधाई स्वीकारें !!!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on January 16, 2013 at 8:40am

बहुत सुन्दर भावपूर्ण शब्दों की लडियां पिरोई हैं बेटियों के लिए इस रचना में दिल को छू गई बहुत बहुत बधाई 

Comment by vijay nikore on January 15, 2013 at 6:16pm

मर्यादा परिवार कीं ,
बेमन हैं स्वीकार सीं ,
धीर धरे चुप गहन कूप
होतीं हैं बेटियाँ ...!!!

अत्युत्तम भाव हैं।

बधाई।

विजय निकोर

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on January 15, 2013 at 3:52pm

बहुत सुन्दर बात कही है आपने एकदम सरल शब्दों में बेटियों के लिए लिखी अनुपम रचना बधाई हो

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 15, 2013 at 10:58am

भावना जी, सुन्दर भाव, हार्दिक बधाई, दरअसल बेटी शब्द ही सुन्दर भाव का अहसास करता है 

सरिता सी बहती, बहती ही जाती 
पराये घर को भी सहेजती, अपनाती 
सीधी सरल, बल खाती भी चलती जाती 
पलती पोषण करती, न घबराती बेटियाँ 
मरकर भी देजाती दामिनी से ये बेटियाँ - लक्ष्मण लड़ीवाला 

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 15, 2013 at 9:50am

बहुत प्रेम पूर्वक, शब्द शब्द में अनुभूति को ढाल कर बेटियों के लिए लिखी गयी इस रचना के लिए हार्दिक बधाई डॉ भावना तिवारी जी 

Comment by Pankaj Trivedi on January 14, 2013 at 11:31pm

भावना, बेटियाँ .... मेरी दो-बेटियाँ है... बड़ी कोमल और संवेदनशील.... प्रत्येक शब्द महसूस करता हूँ .. सुंदर गीत


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 14, 2013 at 11:22pm

बेटियों के प्रति भावभरी पंक्तियों के लिए हार्दिक बधाई, भावनाजी, और इस प्रस्तुति हेतु अनेकानेक शुभकामनाएँ.. .

Comment by Ashok Kumar Raktale on January 14, 2013 at 10:29pm

बेटियों कि परिवार में स्थिति पर लिखी सुन्दर रचना के लिए बधाई स्वीकारें.

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