For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नवधा भक्ति पर आधारित दोहे
*लक्ष्मण लडीवाला
मन प्रपंच में नहि लगे, व्याकुलता बढ जाय 
तब ही नवधा भक्ति की, प्रथम अवस्था आय

 भक्त परीक्षित सा सुने, प्यास नही लग पाय,
बिन कथा नहीं रह सके, सिद्धअवस्था आय ।
    
भगवन लीला धाम की, मधुर काव्य बतलाय,
कीर्तन उसको जानिए, मन न भटकने पाय ।

श्रवण करें,कीर्तन करें, मन में रख विश्वास, 
राम नाम का जप करें, व्यर्थ न निकले साँस

श्रवण कीर्तन स्मरण यही, तीन अवस्था ज्ञान ,
प्रथम निवृति अन्धकार, अपने मन में जान।
 
प्रथम निवृति अन्धकार,खुद के मन से होय,     
अन्य का अन्धकार भी, मिटा सके तब कोय।
 
याद जिसका उलट अर्थ, दया रूप समझाय,
माला जपत स्मरण करे, मन फेर न रह पाय ।

निज कल्याण के पथ है,मन में यह तू जान,          
शास्त्र सम्मत बात ये, सिद्ध अवस्था मान
 
आत्म कल्याण के मार्ग, जब कोई अपनाय,
पूज्य गुरु सब यही कहे, सिद्ध अवस्था आय ।  
 
-लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला

 

Views: 490

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 1, 2013 at 1:52pm

बहुत आभार आपका आरती शर्मा जी

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 1, 2013 at 10:38am

भक्ति भाव दोहे की सराहना कर मेरा उत्साह वर्धन करने की लिए आपका दिल से हार्दिक आभार भाई श्री अशोक रक्ताले जी,  प्राचीजी के पथप्रदर्शन का अनुसरण अवश्य करूँगा ।

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 1, 2013 at 10:31am

आपको दोहे पसंद आये, यह मेरा सौभाग्य है, उत्साहवर्धन की लिए हार्दिक आभार महिमा श्रीजी 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 1, 2013 at 10:29am

रचना सराहने के लिए हार्दिक आभार भाई संदीप कुमार पटेल जी । आदरणीया प्राचीजी की नेक सलाह का लाभ जरूर मिलता है, उनके प्रति आभारी हूँ ।

Comment by Aarti Sharma on January 31, 2013 at 10:10pm

बहुत बहुत बधाई सर ..

Comment by Ashok Kumar Raktale on January 31, 2013 at 9:44pm

राम नाम सत्काम से, तुरत ही सिद्धि पाय,

देवों से आशीष लें, जनम  सफल  हो  जाय/

आदरणीय लड़ीवाला साहब सादर, सुन्दर भक्तिपूर्ण दोहों के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें.बाकी मात्रा गणना पर आदरेया प्राची जी द्वारा नेक सलाह दी ही गयी है.सादर.

Comment by MAHIMA SHREE on January 31, 2013 at 9:01pm

आदरणीय लक्ष्मण सर .. बहुत ही सुंदर सात्विक दोहें .. बहुत-२ बधाईयाँ आपको

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on January 31, 2013 at 8:44pm

बहुत सुन्दर दोहे हुए हैं और उसमे आदरणीया डॉ प्राची जी की सलाह पे अमल करें तो सोने पे सुहागा हो जाएगा

बहुत बहुत बधाई आपको सर जी

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 31, 2013 at 12:17pm

 उचित सुझाव देने के लिए हार्दिक आभार अपका आदरणीय डॉ प्राची बहिन | आपके सुझावों से मुझे बहुत सीखने को मिलता है 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 31, 2013 at 11:27am
आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद लड़ीवाला जी,
दोहों पर आपके सतत प्रयास के साथ साथ जो भी त्रुटि युक्त दोहे हैं उनको भी सही करते चलें. सादर.
प्रपंच में मन नहि लगे, व्याकुलता बढ जाय .............................मन प्रपंच में नहि लगे, ऐसा कर के देखें गेयता प्रवाह को 
तब ही नवधा भक्ति की, प्रथम अवस्था आय

परीक्षित सा भक्त सुने, प्यास नहि लग पाय,...............भक्त परीक्षित सा सुने , इस तरह पड़ें , सम चरण की मात्रा जांच लें 
बिन कथा नहीं रह सके, सिद्धअवस्था आय ।
    
भगवन लीला धाम की, काव्य स्वर बतलाय,.................सम चरण की मात्रा पुनः देखें 
कीर्तन उसको जानिए, मन न भटकने पाय ।

श्रवण करे,कीर्तन करे, मन में कर विश्वास, .........करे को करें कर लें, व कर की जगह  रख  लिखें 
राम नाम का जप करे, व्यर्थ न निकले साँस।.........करे को करें लिखें 

श्रवण कीर्तन स्मरण ये, तीन अवस्था ज्ञान ,.......विषम चरण की मात्रा देखें 
प्रथम निवृति अन्धकार, अपने मन में जान।................विषम चरण की मात्रा देखें 
 
इसी तरह से बाकी  दोहों को भी पुनः देखें 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
22 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
22 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

बरसात

बरसात घन गरजे अंधियारी छाई,बिजली अम्बर पर इठलाई  बूँदें टपकी टप-टप भाईरिमझिम रिमझिम बारिश आई पत्ते…See More
yesterday
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"Dear respected Admin team: A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was…"
yesterday
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"..."
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Jun 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Jun 12
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Jun 12
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Jun 11

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service