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दीवाली के दोहरे

होती है हर एक को, रिद्धि सिद्धि की चाह।

दीप पर्व दिखला रहा, अंतर मन को राह।१।

 

उनका जीवन पथ चुनें, करें आत्म उत्थान।

जिनके जीवन में मिला, यश कीरत सन्मान।२।

 

दीपक बाती ज्योति की, सुख समृद्धि का ठांव।

दीप तीर्थ है ज्योति का, आशीषों का गांव ।३।

 

हमें सदा तत्पर रखे, सत्कर्मो के संग।

दीवाली का दीप हर, मन में भरे उमंग।४।

 

मिला जिसे हर पर्व पे, रानी जैसा मान।

पटरानी सी राजती, दीवाली दिल जान।५।

 

             -सत्यनारायण सिंह

              मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by Satyanarayan Singh on November 16, 2013 at 5:36pm

परम आदरणीय सौरभ जी उत्साहवर्धन हेतु आपका ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ.

 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on November 12, 2013 at 10:50pm

बहुत खूब !

बधाई भाईजी

Comment by Satyanarayan Singh on November 10, 2013 at 12:26pm
उत्साहवर्धन हेतु आपका आभारी हूँ आदरणीय सुशिल जोशी जी .....सादर धन्यवाद |
Comment by Sushil.Joshi on November 9, 2013 at 12:06pm

वाह वाह..... अति सुंदर आ0 सत्यनाराण जी..... इस खूबसूरत प्रकाशमयी दोहावली के लिए बधाई हो....

Comment by Satyanarayan Singh on November 8, 2013 at 10:36am

दोहावाली के भावों  को पसंद करने तथा कथ्य के सन्दर्भ में आपके सुझावों हेतु बहुत बहुत आभार आदरणीया  डॉ प्राची जी …सादर


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 8, 2013 at 9:17am

सुन्दर भाव प्रस्तुत किये हैं दोहावाली में आ० सत्यनारायण जी,

लेकिन, कुछ दोहों में कथ्य को थोड़ा सा और कसे जाने की ज़रुरत महसूस हुई..

सादर शुभकामनाएं 

 

Comment by Satyanarayan Singh on November 7, 2013 at 6:05pm

आ. अरुण जी, गोपाल नारायण जी, बृजेश जी एवं सचिन देव जी रचना को सराहने हेतु आपका आभारी हूँ  आप सबको भी दीप पर्व एवं नूतन वर्ष की ढेरों शुभ कामनाएं. धन्यवाद.

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on November 7, 2013 at 4:59pm

DEEP PARV DIKHLA RAHA ANTARMAN KO RAH .

VAH  VAH  JI  VAH  JI,             VAH  VAH  JI  VAH.

Comment by Sachin Dev on November 6, 2013 at 6:47pm

दीपावली और उस पर अच्छी रचना की हार्दिक शुभकामनाएं आपको ! 

Comment by बृजेश नीरज on November 6, 2013 at 5:17pm

वाह! बहुत ही सुन्दर! आपको हार्दिक बधाई और दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें!

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