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रोज नया त्यौहार (दोहे)- लक्ष्मण लडीवाला

सभी सहह्रदयी सदस्यों को नव वर्ष की हार्दिक मंगल कामनाएँ

 

स्वागत हो नव वर्ष का, दे सुन्दर उपहार,
मधुर गीत रच दे सके, शब्द सुमन मनुहार |
 
नए वर्ष की प्रथम किरण, दे सुन्दर अहसास,
नया जोश संचित करे, रचे नया इतिहास |
 
नवजीवन श्रृंगार से, रच नूतन संगीत,
नयी चेतना दे सके, नया सुगम नवगीत | 
 
सात्विक मन की सोच से,नित नूतन आकार 
नए वर्ष की भोर का, सुधि मन से सत्कार |
 
जीवन में माने नहीं, कभी न मन की हार,
मन की बगिया में मने, रोज नया त्यौहार |
 
सिद्धि मिले नव वर्ष में,सद्कर्मों का साथ,
स्वच्छ  ह्रदय मन भाव हो, पाँव पड़े सद्पाथ |
 
मन में नित नव कल्पना, समय जाय न व्यर्थ,  
सोच समझ कर धैर्य से, निर्णय लेता अर्थ |
(मौलिक व् अप्रकाशित)

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Comment

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Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 8, 2014 at 6:38pm

आपकी टिपण्णी से मन सचमुच जीवंत हो उठता है, मन को संतोष मिलता है  आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी | 

तहे दिल से नव वर्ष का सादर अभिवादन 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 7, 2014 at 8:41pm

लक्ष्मण जी के दोहरे, अति जीवंत सुप्राण  
मंगलमय हो वर्ष नव, आदरणीय प्रणाम

हृदय से बधाई, आदरणीय

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 5, 2014 at 11:10am

दोहावली आपको रुचिकर लगी यह मेरा सौभाग्य है | आपका हार्दिक आभार आदरणीया वन्दना जी 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 4, 2014 at 10:51am

दोहावली आपको अच्छी लगी, यह जानकर संतोष हुआ भाई श्री अरुण शर्मा "अनंत" जी | नव वर्ष आपको मंगल मय हो 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 4, 2014 at 10:48am

नव वर्ष की मंगल कामनाओं के साथ ही हार्दिक आभार स्वीकारे आदरणीय विजय निकोरे जी,श्री विन्ध्येश्वरी त्रिपाठी विनय जी और श्री लक्ष्मण धामी जी 

Comment by vandana on January 4, 2014 at 5:43am
मन में नित नव कल्पना, समय जाय न व्यर्थ,  
सोच समझ कर धैर्य से, निर्णय लेता अर्थ |
बहुत सुन्दर दोहावली आदरणीय लक्ष्मण सर 
Comment by अरुन 'अनन्त' on January 3, 2014 at 12:13pm

आदरणीय सर जी नव वर्ष आपको भी सपरिवार सहित मंगलमय हो बहुत ही सटीक संदेशात्मक दोहावली रची है आपने बहुत बहुत बधाई स्वीकारें.

Comment by vijay nikore on January 2, 2014 at 8:32am

दोहों के लिए बधाई और नव वर्ष की शुभकामनाएँ, आदरणीय।

 

सादर,

विजय निकोर

 

 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 2, 2014 at 7:38am

आदरणीय हमनाम भाई जी!

नववर्ष की  शुभकामनाओं के साथ सुन्दर दोहावली के लिये बधाई। वर्ष २०१४ का आपका हर दिन आपको उर्जावान रख प्रगति पथ पर अग्रसर करे.

Comment by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी on January 1, 2014 at 6:17pm
आदरणीय लक्ष्मण जी! नववर्ष की अनेकश: शुभकामनाओं के साथ सुन्दर दोहावली के लिये बधाई।
लेकिन ये दोहे थोड़ा और मशक्कत माँग रहे हैं।

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