For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हाथ से यूँ सरसराती सी निकाली जिंदगी
खूब कोशिश की मगर कैसे संभाली जिंदगी


लाख पटके पांव फिर भी जो लिखा था वो हुआ
हर तजुर्बे कर के देखे और खंगाली जिंदगी


जिंदगी की राह में चलते हुए ऐसा लगा
है मरासिम कुछ पुराना देखी भाली जिंदगी


है बड़ी बेबाक सी उज्जड गवारों सी लगी
अब मुझे कितना कचोटे एक गाली जिंदगी

.
मौलिक एवं अप्रकाशित
विजय कुमार मनु

Views: 650

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on February 1, 2015 at 11:57am

लाख पटके पांव फिर भी जो लिखा था वो हुआ
हर तजुर्बे कर के देखे और खंगाली जिंदगी ------ लाजवाब बात कही , आदरणीय विजय भाई , बधाई ॥

Comment by ram shiromani pathak on February 1, 2015 at 10:07am
बहुत प्यारी ग़ज़ल आदरणीय।।हार्दिक बधाई
भाई मिथिलेश जी से सहमत हूँ।।सादर

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on February 1, 2015 at 9:59am

बहुत बढ़िया आदरणीय विजयजी बहुत बहुत बधाई आपको।

मैं भी मिथिलेश जी से सहमत हूँ :-)

Comment by somesh kumar on January 30, 2015 at 11:36am

ज़िन्दगी गाली की तरह कचोटे यह बात नागवार लगी |गज़ल अच्छी पर इसमें लहजा पूरी तरह शिकायती क्यों ?

Comment by vijay on January 29, 2015 at 8:12am
मिथलेश जी आभार आपकी बेशकीमती राय के लिए

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 29, 2015 at 12:13am

बढ़िया अशआर ... सभी बह्र में है.... सिर्फ एक शेर और कह दे तो ग़ज़ल मुकम्मल हो जाए. अरुज के अनुसार ग़ज़ल में कम से कम पांच अशआर होने चाहिए. हरेक शेर में बह्र-ए-रमल के अरकान फाइलातुन-फाइलातुन-फाइलातुन-फाइलुन को क्या खूब निभाया है लगता है आदरणीय विजय जी आप बह्र को खूब जानते है. लग रहा है जैसे पिछली रचना, ग़ज़ल के नाम से  हमारी परीक्षा लेने के लिए पोस्ट की गई थी. भाई बहुत खूब. बधाई स्वीकार करे और में शेर-दर-शेर दिल से दाद कुबूल कीजिये. 

Comment by vijay on January 28, 2015 at 10:43pm
आभार सभी गुनीजनो का
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 28, 2015 at 9:57pm

बढ़िया गजल i

Comment by Hari Prakash Dubey on January 28, 2015 at 8:15pm

आदरणीय विजय कुमार जी सुन्दर रचना हार्दिक बधाई ! सादर  

Comment by Sushil Sarna on January 28, 2015 at 7:53pm

ज़िंदगी के दर्दीले पक्ष को दर्शाती सुंदर ग़ज़ल आदरणीय  … हार्दिक बधाई 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service