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लघुकथा--कॉमेडियन

"माँ , आज तुमको बताना ही होगा ?" राजू बोला ।
"क्या ?" माँ बोली ।
"यही कि तुम मेरे आज तक के किसी भी एक्ट पर नहीं हँसी । मेरे एक्ट पर तुम्हें हँसी क्यों नहीं आती ? मेरे एक्ट से लोगों के पेट में बल पड़ जाते हैं । सारा शहर मुझे " राजू द ग्रेट
कॉमेडियन " कहता है ।"
" बेटा , जब हमारी भूख , गरीबी , अभाव , पीड़ा और तेरे पिता की कैंसर से मौत ने तुझे ग्रेट कॉमेडियन बना ही दिया है तो मुझे हँसने की क्या ज़रूरत है ।" राजू की आँखों से आँसू छलक पड़े ।
मौलिक एवं अप्रकाशित ।

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Comment by PHOOL SINGH on August 31, 2017 at 4:06pm

बेहतरीन रचना

Comment by Mohammed Arif on August 28, 2017 at 2:40pm
बहुत-बहुत आभार आदरणीय सुरेंद्रनाथ जी । लेखन सार्थक हो गया ।
Comment by नाथ सोनांचली on August 28, 2017 at 1:57pm
आद0 मोहम्मद आरिफ भाई कम शब्दों में बेहतरीन लघुकथा,वाह क्या कहने। दिल खोल कर बधाई लीजिये।
Comment by Mohammed Arif on August 28, 2017 at 8:21am
आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी लघुकथा पर अपनी प्रतिक्रिया देने और मान बढ़ाने का बहुत-बहुत शुक्रिया।
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on August 27, 2017 at 8:32pm
मुहतरम जनाब आरिफ साहिब आदाब, सीख देती हुई सुन्दर लघुकथा हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं
Comment by Mohammed Arif on August 27, 2017 at 5:10pm
आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब लघुकथा पर सटीक सारगर्भित टिप्पणी करने देने, हौसला अफ़ज़ाई का बहुत-बहुत आभार । लेखन सार्थक हो गया ।
Comment by Samar kabeer on August 27, 2017 at 3:40pm
जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब आदाब,कम शब्दों में बहुत उम्दा और सार्थक लघुकथा लिखी आपने,काश और लोग भी कम शब्दों में बड़ी बात कहने की तरफ़ तवज्जो करें ।
इस शानदार प्रस्तुति पर दिल से ढेरों बधाई स्वीकार करें ।
Comment by Mohammed Arif on August 26, 2017 at 10:49am
आदरणीया कल्पना भट्ट जी लघुकथा के मर्म को समझने और निरपेक्ष टिप्पणी देने का बहुत-बहुत शुक्रिया । लेखन सार्थक हो गया ।
Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on August 25, 2017 at 10:15pm

उम्दा कथा हुई है आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब , अपने बेटे को कॉमेडियन बन जाने की मजबूरी को माँ ही समझ सकती है | मार्मिक कथा हुई है ,अक्सर हंसी के पीछे से आंसूं दिखाई नहीं देते | हार्दिक बधाई आपको इस कथा के लिए |

Comment by Mohammed Arif on August 25, 2017 at 9:55pm
लघुकथा के मर्म को समझने और प्रतिक्रिया देकर मान बढ़ाने का बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया नीता कसार जी । मेरा नाम मोहम्मद आरिफ़ है ।

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