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आप अंदाज रखें हँसने हँसाने वाला (ग़ज़ल)

अरकान- फ़ाइलातुन फ़इलातुन फ़इलातुन फ़ेलुन

आप अंदाज़ रखें हँसने हँसाने वाला

यही किरदार तो है साथ में जाने वाला।1।

आज क्या बात है, नफ़रत से मुझे देखता है

मेरी तस्वीर को सीने से लगाने वाला।2।

काटने वाले तो हर सिम्त नज़र आते हैं

पर न दिखता है कोई पेड़ लगाने वाला।3।

आख़िरी बार उसे देख ले तू जी भर के

फिर न आएगा कभी लौट के, जाने वाला।4।

आबरू की भी लगा देती है क़ीमत दुनिया

गर चला जाये किसी घर का कमाने वाला।5।

दाग़ दामन पे कभी लग न सकेगा तेरे

साथ हो गर कोई आईना दिखाने वाला।6।

(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment by Kalipad Prasad Mandal on December 23, 2017 at 7:31pm

आ सुरेन्द्र नाथ सिंह जी बहुत उम्दा ग़ज़ल केलिए मुबारकबाद  कुबूल करें 

Comment by Samar kabeer on December 21, 2017 at 3:00pm

जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।

Comment by नाथ सोनांचली on December 21, 2017 at 1:55pm

आद0 लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल पर आपकी सुखनवाजी का बहुत बहुत आभार।

Comment by नाथ सोनांचली on December 21, 2017 at 1:54pm

आद0 ब्रजेश कुमार ब्रज जी सादर अभिवादन। आपका ग़ज़ल पर सुखनवाजी का बहुत बहुत शुक्रिया। सादर

Comment by नाथ सोनांचली on December 21, 2017 at 1:51pm

आद0 कल्पना भट्ट जी सादर अभिवादन। आपकी ग़ज़ल पर उपस्थिति औरऔर हौसला अफजाई के लिए हृदय तल से आभार। ग़ज़ल पसन्द आयी। कहना सार्थक हुआ।

Comment by नाथ सोनांचली on December 21, 2017 at 1:50pm

आद0 अजय तिवारी जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल पर गहराई से शिरकत करने और हौसला अफजाई के लिए हृदय तल से आभार। आपका सुझाव उत्तम है। सादर

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on December 21, 2017 at 9:51am

आ. भाई सुरेंद्र जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on December 20, 2017 at 8:17pm

बहुत ही सुन्दर और सार्थक ग़ज़ल हुई आदरणीय ..सादर

Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on December 20, 2017 at 6:43pm

बहुत सुंदर ग़ज़ल | हर शेर उम्दा, हार्दिक बधाई आदरणीय सुरेन्द्र जी |

Comment by Ajay Tiwari on December 20, 2017 at 1:37pm

आदरणीय सुरेन्द्र जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है, हार्दिक बधाई. 

'पर न दिखता है कोई पेड़ लगाने वाला' की जगह 'पर कोई दिखता नहीं पेड़ लगाने वाला' भी एक विकल्प हो सकता है.

एक विकल्प 'पर यहाँ कोई नहीं पेड़ लगाने वाला' भी हो सकता है.

सादर  

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