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सीखना सिखाना जरुरी है
दिल को मिलाना जरुरी है


मिलने का वक़्त हो न हो
यादों  में  आना  जरुरी है


जो  गलतियां  करे कोई
आईना दिखाना जरुरी है


जुबाँ  भले  न  कह  पाए
एहसास जताना जरुरी है


भूलना इंसानी फितरत है
याद तो दिलाना जरुरी है !!

मौलिक एवम अप्रकाशित

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Comment by विनय कुमार on July 26, 2018 at 1:51pm

बहुत बहुत आभार आ बबिता गुप्ता जी

Comment by babitagupta on July 25, 2018 at 7:29pm

भूलना  इन्सानी फिदरत हैं,

याद दिलाना जरूरी हैं.

बेहतरीन पंक्तिया।हार्दिक बधाई स्वीकार कीजियेगा आदरणीय सरजी।

Comment by विनय कुमार on July 25, 2018 at 6:27pm

बहुत बहुत आभार आ श्याम नारायण वर्मा जी

Comment by विनय कुमार on July 25, 2018 at 6:26pm

बहुत बहुत आभार आ तेज वीर सिंह जी

Comment by विनय कुमार on July 25, 2018 at 6:26pm

बहुत बहुत आभार आ मोहतरम समर कबीर साहब, अभी बारीकियां सीख रहा हूँ, आगे प्रयास करूँगा

Comment by विनय कुमार on July 25, 2018 at 6:25pm

शुक्रिया आ नीलेश जी, प्रयास करूँगा

Comment by Shyam Narain Verma on July 25, 2018 at 2:43pm
वाह बेहतरीन ग़ज़ल .. बहुत बधाई..
Comment by TEJ VEER SINGH on July 25, 2018 at 12:31pm

हार्दिक बधाई आदरणीय विनय कुमार जी।बेहतरीन गज़ल।जो  गलतियां  करे कोई 
आईना दिखाना जरुरी है

Comment by Samar kabeer on July 25, 2018 at 11:58am

जनाब विनय कुमार जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें,ग़ज़ल के साथ अरकान भी लिख देते तो कुछ कहने में आसानी होती ।

Comment by Nilesh Shevgaonkar on July 25, 2018 at 11:54am

बहर पर काम कीजिये 
सादर 

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