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विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी's Comments

Comment Wall (13 comments)

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At 11:54am on August 20, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी जी, 

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 12:34pm on May 3, 2013, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

सादर धन्यवाद 

स्नेही विनय जी 

आपने अपने व्यस्त समय से मुझे मार्गदर्शन किया. काफी विस्त्रत जानकारी दी. निराशा थी. प्रोत्साहन मिला .स्नेह बनाये रखिये. 

At 7:35pm on April 14, 2013, Kedia Chhirag said…

प्रिय बन्धु,आपका आभार किन शब्दों में व्यक्त करूँ ...शब्द नहीं हैं...आपने मुझको इस साईट से परिचित करवाकर मेरे लिए ज्ञान का महासागर समक्ष कर दिया है ....अब यह पूरी तरह मेरे ऊपर निर्भर है की मैं इस महासागर की कितनी गहराइयों में उतरकर अपने लिए ज्ञान के मोती चुनूँ...मेरा पूरा प्रयास रहेगा की हमेशा आप सबके स्नेहाशीष से आपकी अपेक्षाओं को पूरा कर सकने में समर्थ हो पाऊं .......अत्यंत आभार ....ह्रदय से ........

At 3:15pm on April 10, 2013, manoj shukla said…
आभार भाईसाहब त्रिपाठी जी
At 5:47pm on March 7, 2013, mrs manjari pandey said…

आदरणीय विन्ध्येश्वरी प्रसाद जी

 कल बहुतों का कल ले लेता .

कल को छीन  विकल कर देता।

पूरी रचना अच्छी लगी।

 

At 11:54pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 5:44pm on August 20, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…
आदरणीय विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठीजी, आपके जन्म दिन पर हार्दिक शुभकामनाए गुरुवर
इश्वर करे आप नयी उंचाइयां छुए और परिवार समाज और देश के विकास में योगदान करे |
हमारा आपका सदव्यवहार बना रहे  |
At 9:04am on April 29, 2012, Sanjay Mishra 'Habib' said…

प्रिय भाई विन्ध्येश्वरी जी, आपकी सहृदय संवेदनाओं से बड़ा संबल मिला है...

सादर नमन।

At 8:10pm on April 19, 2012, राकेश त्रिपाठी 'बस्तीवी' said…

Bhai Tripathi ji, Hamari Mitra mandali me aapka khule dil se svagat hai.

At 12:51pm on April 1, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

आदरणीय , श्री त्रिपाठी  जी.

सादर अभिवादन.
मैं सीखने आया हूँ. मार्गदर्शन और स्नेह अपेक्षित है. 
धन्यवाद.  स्नेह बनाये रखियेगा.
At 11:24am on March 28, 2012, MAHIMA SHREE said…
प्रिय विन्धेस्वरी भाई ,
आपको प्रतियोगिता में सफल होने के लिए बहुत-२ बधाइयाँ और ढेर सारी शुभकामनाये...
At 9:14pm on March 18, 2012, JAWAHAR LAL SINGH said…

बहुत  ही  सुन्दर  मोतियाँ  आपने  सीप  से  एकत्रित  की  है! बहुत  ही  सुन्दर!  कम  शब्द,  अर्थ  अधिक, मार्मिक, आत्मिक.

At 7:54pm on February 15, 2012, Admin said…

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