For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कल्पना रामानी's Comments

Comment Wall (17 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:48pm on February 22, 2014, kalpna mishra bajpai said…

आप ने मुझे मित्र रूप में स्वीकार किया अहो भाग्य हमारे !! धन्यवाद कल्पना जी... 

At 7:25pm on December 12, 2013, Priyanka singh said…

शुक्रिया मैम .....

At 1:01pm on August 20, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

कल्पना जी , बहुत खूब !! रक्षा बन्धन पर आपकी गज़ल बहुत अच्छी लगी !!

At 10:49pm on August 19, 2013, annapurna bajpai said…
adarniya kalpana di apaka hardik abhar . apke sanidhy me bahut kuch sikhne ko milega . sadar .
At 4:01pm on August 10, 2013, SANDEEP KUMAR PATEL said…

आपका सादर स्वागत है आदरणीय 

स्नेह और आशीष बनाये रखिये 

At 11:01am on July 22, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari
said…

आदरणीया कल्पना जी मेरे मित्र समूह में आपका स्वागत है |

At 5:04pm on July 9, 2013, वेदिका said…

आदरणीया कल्पना जी! आपका बहुत बहुत शुक्रिया!

आपने मुझे खुश रहने को और लिखने की प्रेरणा दी!

आपका स्नेह और आशीष   बनाये रखिये!!  

At 11:12am on July 9, 2013, डॉ नूतन डिमरी गैरोला said…

कल्पना रमानी दी ... आपको हार्दिक धन्यवाद ... और जन्मदिन पर शुभकामनाएं 

At 8:23am on June 6, 2013,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

आदरणीया कल्पना जी, जन्मदिन की हार्दिक बधाइयाँ.. .

शुभ-शुभ

At 4:17pm on May 7, 2013, Abhinav Arun said…

आदरणीया कल्पना रामानी जी शीर्षक :- ग़ज़ल (कितनी भला कटुता लिखें)
रचना की उत्कृष्टता के दृष्टिगत आपको ओ बी ओ द्वारा 
 "महीने की सर्वश्रेष्ट रचना पुरस्कार" प्रदान किये जाने हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार करें !!

At 9:55pm on May 5, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 कल्पना रामानी जी, ’महीने की सर्वश्रेष्ट रचना पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर आपको तहेदिल से हार्दिक शुभकामनो सहित बहुत बहुत बधाई। सादर,

At 6:04pm on May 5, 2013, vijay nikore said…

कल्पना जी,

 

मैं यह सुखद समाचार पढ़ कर बहुत प्रसन्न हूँ।

आपको बधाई।

 

सादर,

विजय निकोर

At 5:43pm on May 5, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया कल्पना रामानी जी,
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की ग़ज़ल "कितनी भला कटुता लिखें" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना पुरस्कार के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको पुरस्कार राशि रु 1100 /- और प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस नामित कृपया आप अपना नाम (चेक / ड्राफ्ट निर्गत हेतु), तथा पत्राचार का पता व् फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |


शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी

संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 

ओपन बुक्स ऑनलाइन 

At 11:47am on April 28, 2013, shashi purwar said…

swagat hai kalpana di . yahan bhi ham saath hi hai :) anand aayega likhne padhne mme

At 8:34am on April 28, 2013, Ashok Kumar Raktale said…

सादर स्वागत है.

At 11:17pm on April 27, 2013,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

ओबीओ के मंच पर आपसी मित्रता सूची में आना सुखकर है. सादर

At 3:43pm on April 13, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ram Awadh VIshwakarma commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़़ज़़ल- फोकट में एक रोज की छुट्टी चली गई
"आदरणीय विनय कुमार जी शेर की तारीफ करने एवं हौसलाअफजाई के लिए तहेदिल से शुक्रिया"
9 minutes ago
Samar kabeer commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़़ज़़ल- फोकट में एक रोज की छुट्टी चली गई
"जनाब राम अवध जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,लेकिन रदीफ़ ग़लत हो गई वज़्न के लिहाज़ से,सहीह शब्द…"
1 hour ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted blog posts
1 hour ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post 'तुरंत' के दोहे ईद पर (१०६ )
"आदरणीय Samar kabeer  साहेब , आपकी इस सराहना से सृजन धन्य हुआ | सादर आभार एवं नमन | "
1 hour ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post 'तुरंत' के दोहे ईद पर (१०६ )
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब, वाह वाह, बहुत ख़ूब, आज के हालात पर बहुत उम्दा…"
1 hour ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post आपने मुझ पे न हरचंद  नज़रसानी की (१०५ )
"आदरणीय Samar kabeer साहेब , आदाब |  बे'पनाह, मुहब्बतों, नवाज़िशों का दिल से…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post ईद कैसी आई है!
"जनाब अमीरुद्दीन ख़ान 'अमीर' जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,लेकिन इसके क़वाफ़ी ग़लत हैं…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post आपने मुझ पे न हरचंद  नज़रसानी की (१०५ )
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें…"
1 hour ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " posted a blog post

उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।

उफ़ ! क्या किया ये तुम ने, वफ़ा को भुला दिया,  उस शख़्स ए बावफ़ा को, कहो क्या सिला दिया।  जो ले के…See More
2 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( नहीं था इतना भी सस्ता कभी मैं....)
"आदरणीय अमीरुद्दीन ख़ान साहब आदाब ग़ज़ल पर उपस्थिति एवं सराहना के लिए हृदय से आभार."
3 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( नहीं था इतना भी सस्ता कभी मैं....)
"आदरणीय समर कबीर साहब आदाब ग़ज़ल पर उपस्थिति एवं सराहना के लिए हृदय से आभार. जनाब क्या सस्ते और मंहगे…"
3 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़़ज़़ल- फोकट में एक रोज की छुट्टी चली गई
"जनाब राम अवध विश्वकर्मा जी, आदाब। ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है। बधाई स्वीकार करें। कुछ कमियों की तरफ़…"
3 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service