For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आशीष यादव
  • 27, Male
  • ghazipur, uttarpradesh
  • India
Share

आशीष यादव's Friends

  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • Samar kabeer
  • Tushar Raj Rastogi
  • वेदिका
  • ram shiromani pathak
  • vijay nikore
  • Pradeep Patel
  • Ashish Srivastava
  • Preeti
  • savi
  • Pradeep Kumar Kesarwani
  • अरुन शर्मा 'अनन्त'
  • yogesh shivhare
  • deepti sharma
  • Albela Khatri

आशीष यादव's Discussions

क्या भारत मेँ अन्तर्माध्यमिक तक हिन्दी एक अनिवार्य विषय नही होनी चाहिए
15 Replies

आज जहाँ सुनिये वहीँ भाषा का बिगड़ा स्वरूप सुनाई देता है। किस पुरुष का कर्ता है और कौन सी क्रिया लग गई पता ही नही। यह भी नही की यह युवा पीढ़ी ढंग से आंग्ल भाषा ही जानती हो। तो क्या हमारी और सरकार की यह…Continue

Started this discussion. Last reply by आशीष यादव Jul 28, 2012.

 

Welcome, आशीष यादव!

Latest Activity

आशीष यादव and vijay nikore are now friends
Sep 20, 2017
आशीष यादव commented on Ravi Shukla's blog post गीत : एक भारत श्रेष्ठ भारत
"आदरणीय रवि शुक्ला जी सुंदर एवं संदेशपरक गीत पर बहुत बहुत बधाई।"
Jul 30, 2017
आशीष यादव commented on Arpana Sharma's blog post " यवनिका" -एक क्षणिका /अर्पणा शर्मा
"जीवन का अंतिम सत्य।  सुन्दर कृति। "
Jun 5, 2017
आशीष यादव commented on VIRENDER VEER MEHTA's blog post 'डोम' (एक लघु-कथा )
"अत्यंत मार्मिक कथा।  सब कुछ स्पष्ट। "
Jun 5, 2017
आशीष यादव commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल -और हम भी प्यार की जागीर को समझे नहीं - ( गिरिराज )
"बहुत बढ़ियाँ गज़ल। खूबसूरत।"
Apr 6, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on आशीष यादव's blog post हम तुम, दो तट नदी के
"आदरणीय आशीष भाई , गंगा जमनी तहज़ीब पर अच्छी कविता रची आपने , हार्दिक बधाइयाँ ।"
Apr 5, 2017
Samar kabeer and आशीष यादव are now friends
Apr 5, 2017
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on आशीष यादव's blog post हम तुम, दो तट नदी के
"बहुत ही सुन्दर कविता हुई"
Apr 3, 2017
Samar kabeer commented on आशीष यादव's blog post हम तुम, दो तट नदी के
"जनाब आशीष यादव जी आदाब,बहुत सुंदर कविता लिखी,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।"
Apr 1, 2017
आशीष यादव commented on विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी's blog post कुछ मुक्तक (भाग-३)
"बहुत सुंदर । एक दूसरे से बँधे से और मुक्तक भी। बहुत बहुत बधाई"
Apr 1, 2017
आशीष यादव commented on Ravi Shukla's blog post तरही गजल : दिन सुहाने हो गये राते सुहीनी हा गईं
"बहुत खूब। बधाई कुबूल करें।"
Apr 1, 2017
आशीष यादव posted blog posts
Apr 1, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on आशीष यादव's blog post यह सियासत आप पर हम पर कहर होने को है
"आदरणीय आशीष भाई , बहुत अच्छी ग़ज़ल कही है , हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार कीजिये ।"
Mar 7, 2017
Mahendra Kumar commented on आशीष यादव's blog post यह सियासत आप पर हम पर कहर होने को है
"आदरणीय आशीष जी, बढ़िया ग़ज़ल लिखी गई आपने। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। "हो भयावह रात कितनी भी सहर होने को है", मेरी समझ से यह मिसरा ठीक है। सादर"
Mar 6, 2017
आशीष यादव posted a blog post

यह सियासत आप पर हम पर कहर होने को है

2122 2122 2122 212 पग सियासी आँच पर मधु भी जहर होने को है। बच गया ईमान जो कुछ दर-ब-दर होने को है।। मुफलिसों को छोड़कर गायों गधों पर आ गई। यह सियासत आप पर हम पर कहर होने को है।। उड़ रहा है जो हकीकत की धरा को छोड़ कर। बेखबर वो जल्द ही अब बाखबर होने को है।। वो जो बल खा के चलें इतरा के घूमें कू-ब-कू। खत्म उनके हुस्न की भी दोपहर होने को है।। जुल्म से घबरा के थक के हार के बैठो न तुम।"हो भयावह रात कितनी भी सहर होने को है॥" आशीष यादवमौलिक एवम् अप्रकाशितSee More
Mar 6, 2017
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post यह सियासत आप पर हम पर कहर होने को है
"आदरणीय विद्वजन अंतिम बेबहर मिसरे ( इस भयावह रात की भी सहर होने को है।। ) के स्थान पर क्या यह मिसरा उचित रहेगा? "हो भयावह रात कितनी भी सहर होने को है॥"कृपया उचित सुझाव दीजिये।"
Mar 4, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
GHAZIPUR, U.P.
Native Place
GHAZIPUR
Profession
work in defence
About me
एक सीधा-सादा इन्सान जो जीवन एवँ मानव की सच्चाईयों को जानने मे लगा हुआ है।

आशीष यादव's Photos

  • Add Photos
  • View All

आशीष यादव's Blog

हम तुम, दो तट नदी के

हम तुम

दो तट नदी के

उद्गम से ही साथ रहें हैं

जलधारा के साथ बहे हैं

किन्तु हमारे किस्से कैसे, हिस्से कैसे

सबने देखा, सबने जाना,

रीति-कुरीति, रस्म-रिवाज, अपने-पराये

सब हमारे बीच आये

एक छोर तुम एक छोर मैं

इनकी बस हम दो ही सीमाएं

जब इनमे अलगाव हुआ दुराव हुआ

धर्म-जाति का भेदभाव हुआ

क्षेत्रवाद और ऊँच-नीच का पतितं आविर्भाव हुआ

तब हम तुम

इस जघन्य विस्तार से और दूर हुए

तब भी इन्हें हमने ही हदों…

Continue

Posted on April 1, 2017 at 1:30pm — 3 Comments

यह सियासत आप पर हम पर कहर होने को है

2122 2122 2122 212



पग सियासी आँच पर मधु भी जहर होने को है।

बच गया ईमान जो कुछ दर-ब-दर होने को है।।



मुफलिसों को छोड़कर गायों गधों पर आ गई।

यह सियासत आप पर हम पर कहर होने को है।।



उड़ रहा है जो हकीकत की धरा को छोड़ कर।

बेखबर वो जल्द ही अब बाखबर होने को है।।



वो जो बल खा के चलें इतरा के घूमें कू-ब-कू।

खत्म उनके हुस्न की भी दोपहर होने को है।।



जुल्म से घबरा के थक के हार के बैठो न तुम।

"हो भयावह रात कितनी भी सहर होने…

Continue

Posted on March 3, 2017 at 12:00pm — 16 Comments

वीर अब्दुल हमीद

हम मजा लूटते कितने सुख चैन से

कुछ तो सोचो, मजा पे क्या अधिकार है ?

जो शहादत दिए हैं हमारे लिए

याद उनको करो, ना तो धिक्कार है



अपना कर्तव्य क्या है धरा के लिए

फ़र्ज़ कितना चुकाया है हमने यहाँ

मैं कहानी सुनाता हूँ उस वीर की

खो गया आज है जो न जाने कहाँ



वीरता हरदम ही दुनिया में पूजी जाती है

बन के ज्वाला दुष्टों के हौसले जलाती है

ऐसे ही वीरता की गाथा आज गाता हूँ

वीर अब्दुल हमीद की कथा…

Continue

Posted on January 19, 2017 at 2:30pm — 4 Comments

हाँ तुम सपने में आई थी

हाँ तुम सपने में आई थी



होठों पर मुस्कान सजाये

बालों में बादल लहराए

गालों पर थी सुबह लालिमा

माथे पर बिंदिया चमकाए

जब तुमको मैंने देखा था

पास खड़ी तुम मुस्काई थी

हाँ तुम सपने में आई थी…

Continue

Posted on January 19, 2017 at 1:45pm — 9 Comments

Comment Wall (45 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:15pm on August 6, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

प्रिय आशीष जी.....मेरी कविता को पसंद करने के लिए आपका हार्दिक आभार.....

At 12:51am on July 13, 2012, Sachchidanand Pandey said…
 शुक्रिया आशीष जी
At 11:26pm on July 2, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आशीष जी, प्रोत्साहन हेतु आपका हार्दिक आभार.......

At 10:46am on June 25, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…
आशीष जी, मेरी रचना को पसंद करने के लिए आपका आभार।
At 10:03am on June 6, 2012, अरुण कान्त शुक्ला said…

आशीष जी मित्र बनने का अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद |

At 10:34am on June 1, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी शुभकमानयों और बधाइयों के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !

At 9:33pm on May 26, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी दाद के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ! अच्छा लिखते हो ! ऐसे ही लिखते रहो और सबका मनोरंजन करते रहो !!

At 8:21pm on May 19, 2012, MAHIMA SHREE said…

swagat hai

At 3:44pm on May 4, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

Dhanyavaad Ashish Bhai.

At 7:43pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

thanx ashish ji for liking my post...

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

suraj pratap verma joined Admin's group
Thumbnail

हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सतविन्द्र कुमार राणा's discussion चन्द बाल कविताएं ( शक्ति छंद) in the group बाल साहित्य
"जीवन शैली में हमारी छोटी-बड़ी  ग़लतियों पर बेहतरीन विचारोत्तेजक, प्रेरक और प्रोत्साहक सृजन के…"
7 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion कोयल (बाल कविता) in the group बाल साहित्य
"बहुत बढ़िया शैली में रोचक और गुनगुनाने योग्य ताटंक छंदों के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और…"
7 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion बाल प्रार्थना (शक्ति छंद) in the group बाल साहित्य
"बेहतरीन प्रेरक और प्रोत्साहक प्रार्थना सृजन के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार…"
7 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion गौरैया (विश्व गौरेया दिवस पर बाल कविता) in the group बाल साहित्य
"बच्चों की प्रिय चिरैया पर बढ़िया रोचक और गेय कविता के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार…"
7 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Shyam Narain Verma's discussion तब ही मंज़िल पाओगे | in the group बाल साहित्य
"ग्रीष्मावकाश के दौरान बढ़िया प्रेरणा देती प्रोत्साहक रचना के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद…"
7 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"प्रिय कल्पना भट्ट जी आपका तहे दिल से शुक्रिया "
8 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"मोहतरम जनाब तस्दीक जी आपकी दाद और इस्स्लाह का तहे दिल से स्वागत है मूल पोस्ट में सुधार कर चुकी हूँ…"
8 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"आद० नरेन्द्र सिंह जी आपका तहे दिल से शुक्रिया "
8 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"आद० राज लाली बटाला जी ग़ज़ल पर शिरकत और सुखन नवाज़ी का बेहद शुक्रिया "
8 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Ganga Dhar Sharma 'Hindustan''s blog post ग़ज़ल : नौकरी है कहाँ बता भाई. (२१२२ १२१२ २२)
"अच्छी ग़ज़ल कही है आदरणीय | "
9 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post नंगापन (लघुकथा)
"शीर्षक पर विचार करियेगा आदरणीय शहजाद जी | कुछेक शब्दों को भी देख लें | सादर|"
9 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service