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आशीष यादव
  • 30, Male
  • ghazipur, uttarpradesh
  • India
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आशीष यादव's Discussions

क्या भारत मेँ अन्तर्माध्यमिक तक हिन्दी एक अनिवार्य विषय नही होनी चाहिए
15 Replies

आज जहाँ सुनिये वहीँ भाषा का बिगड़ा स्वरूप सुनाई देता है। किस पुरुष का कर्ता है और कौन सी क्रिया लग गई पता ही नही। यह भी नही की यह युवा पीढ़ी ढंग से आंग्ल भाषा ही जानती हो। तो क्या हमारी और सरकार की यह…Continue

Started this discussion. Last reply by आशीष यादव Jul 28, 2012.

 

Welcome, आशीष यादव!

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आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
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कवनो देश नाहीं सुघ्घर हिंदुस्तान से (पैरोडी)

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"आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत'तुरंत'जी प्रणाम, ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
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"आदरणीय सालिक गणवीर सर, ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
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आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-119
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Sep 12, 2020
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-119
"आदरणीय श्री बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी नमन। प्रदत्त विषय पर बहुत अच्छी रचना रची है आपने। बधाई स्वीकार कीजिए।"
Sep 12, 2020
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-119
"आदरणीया सुनंदा झा जी प्रणाम, प्रदत्त विषय पर शानदार तरीके से कलम चलाई है आपने। बधाई स्वीकार कीजिए।"
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आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post चिर-दिनों तक तुम हो मेरी
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी रचना पसंद करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
Sep 12, 2020
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post चिर-दिनों तक तुम हो मेरी
"आदरणीय श्री सुशील सरना सर रचना पसंद करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
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आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post तुम मुझको कितना भाती हो
"आदरणीय श्री महेंद्र कुमार साहब, हौसला अफजाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया।"
Sep 12, 2020
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post तुम मुझको कितना भाती हो
"आदरणीय श्री बृजेश कुमार ब्रज जी हौसला अफजाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
Sep 12, 2020
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post हाँ तुम सपने में आई थी
"आदरणीय श्री बृजेश कुमार ब्रज जी बहुत बहुत धन्यवाद।"
Sep 12, 2020
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post यह सियासत आप पर हम पर कहर होने को है
"आदरणीय श्री गिरिराज भंडारी जी गजल पर आपकी आमद एवं हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया।"
Sep 12, 2020

Profile Information

Gender
Male
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GHAZIPUR, U.P.
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GHAZIPUR
Profession
work in defence
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एक सीधा-सादा इन्सान जो जीवन एवँ मानव की सच्चाईयों को जानने मे लगा हुआ है।

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आशीष यादव's Blog

बोलो मैं कैसे बिकता

एक गजल तेरे होठों पर लिख सकता था

इसकी टपक रही लाली पर बिक सकता था

किंतु सामने जब शहीद की पीर पुकारे

जान वतन पर देने वाला वीर पुकारे

जिसने भाई, लाल, कंत कुर्बान किये हों

सूख चुकी उनकी आँखों का नीर पुकारे

कैसे उन क़ातिल मुस्कानों पर बिकता

कैसे कोमल नाजुक होठों पर लिखता



एक गजल तेरी आँखों पर लिख सकता था

चंचल चितवन सी कमान पर बिक सकता था

पर कौरव-पांडव दल आँखें मींच रहा हो

चीर दुःशासन द्रुपद-सुता की…

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Posted on September 6, 2020 at 8:30pm — 8 Comments

ये जिंदगी का हसीन लमहा

(12122)×4

ये ज़िंदगी का हसीन लमहा

गुजर गया फिर तो क्या करोगी

जो जिंदगी के इधर खड़ा है

उधर गया फिर तो क्या करोगी

तुम्हें सँवरने का हक दिया है

वो कोई पत्थर का तो नहीं है

लगाये फिरती हो जिसको ठोकर

बिखर गया फिर तो क्या करोगी

कि जिनकी शाखों पे तो गुमां है

मगर उन्हीं की जड़ों से नफरत

"वो आँधियों में  उखड़ जड़ों से"

शज़र गया फिर तो क्या करोगी

जिसे अनायास कोसती हो

छिपाए बैठा है पीर…

Continue

Posted on August 25, 2020 at 2:30am — 6 Comments

मगर हड़का रहा है (गजल)

उसकी ना है इतनी सी औकात मगर हड़का रहा है

झूठे में ही खा जाएगा लात मगर हड़का रहा है

औरों की बातों में आकर गाल बजाने वाला बच्चा

जिसके टूटे ना हैं दुधिया दाँत मगर हड़का रहा है

जिसके आधे खर्चे अपनी जेब कटाकर दे रहे हैं

अबकी ढँग से खा जायेगा मात मगर हड़का रहा है

आदर्शों मानवमूल्यों को छोड़ दिया तो राम जाने

कितने बदतर होंगे फिर हालात मगर हड़का रहा है

उल्फत की शमआ पर पर्दा डाल रहा है बदगुमानी

कटना मुश्किल है नफरत की रात…

Continue

Posted on August 10, 2020 at 6:36pm

उसने पी रखी है

2122 2122 2122 2122

वो न बोलेगा हसद की बात उसने पी रखी है

सिर्फ़ होगी प्यार की बरसात उसने पी रखी है

होश में दुनिया सिवा अपने कहाँ कुछ सोचती है

कर रहा है वो सभी की बात उसने पी रखी है

मुँह पे कह देता है कुछ भी दिल में वो रखता नहीं है

वो समझ पाता नहीं हालात उसने पी रखी है

झूठ मक्कारी फ़रेबी ज़ुल्म का तूफ़ाँ खड़ा है

क्या वो सह पायेगा झंझावात? उसने पी रखी है

जबकि सब दौर-ए-जहाँ में लूटकर घर भर रहे हों…

Continue

Posted on August 3, 2020 at 12:30pm — 4 Comments

Comment Wall (45 comments)

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At 11:15pm on August 6, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

प्रिय आशीष जी.....मेरी कविता को पसंद करने के लिए आपका हार्दिक आभार.....

At 12:51am on July 13, 2012, Sachchidanand Pandey said…
 शुक्रिया आशीष जी
At 11:26pm on July 2, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आशीष जी, प्रोत्साहन हेतु आपका हार्दिक आभार.......

At 10:46am on June 25, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…
आशीष जी, मेरी रचना को पसंद करने के लिए आपका आभार।
At 10:03am on June 6, 2012, अरुण कान्त शुक्ला said…

आशीष जी मित्र बनने का अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद |

At 10:34am on June 1, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी शुभकमानयों और बधाइयों के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !

At 9:33pm on May 26, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी दाद के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ! अच्छा लिखते हो ! ऐसे ही लिखते रहो और सबका मनोरंजन करते रहो !!

At 8:21pm on May 19, 2012, MAHIMA SHREE said…

swagat hai

At 3:44pm on May 4, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

Dhanyavaad Ashish Bhai.

At 7:43pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

thanx ashish ji for liking my post...

 
 
 

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