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क़मर जौनपुरी
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Balram Dhakar commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल ( इश्क़ उम्मीद है)
"जनाब क़मर साहब, अच्छी ग़ज़ल हुई है। शेर दर शेर के साथ मुबारक़बाद क़ुबूल फ़रमाएं। सादर।"
Feb 11
क़मर जौनपुरी's blog post was featured

गज़ल ( इश्क़ उम्मीद है)

2122, 1122, 1122, 22/112सुर्ख़रू शोख़ बहारों सा चहक जाओगे इश्क़ के बाग़ में आओ तो गमक जाओगेगर इरादे हुए हैं बर्फ़ से ख़ामोश तो क्या गर्मी-ए-इश्क़ में आ जाओ दहक जाओगेइश्क़ की ताब का अंदाज़ा भला है तुमको इसकी ज़द में ही फ़क़त आओ लहक जाओगेरौनक-ए-इश्क़ की ताक़त को न ललकारो तुम ख़ूब ज़ाहिद हो मगर तुम भी बहक जाओगेइश्क़ ख़ुश्बू है इसे बांधने की ज़िद न करो इसमें घुल जाओ तो दुनिया में महक जाओगेइश्क़ के रंग व ख़ुश्बू से मिलोगे जब तुम नर्म इक फूल की डाली सा लचक जाओगेइश्क़ उमीद है जलवे में सदा रहता है दिल में इस लौ को जगा लो तो…See More
Feb 6
क़मर जौनपुरी commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल ( इश्क़ उम्मीद है)
"बहुत बहुत शुक्रिया मोहतरम समर कबीर साहब और मोहतरम रवि शुक्ला साहब खूबसूरत इस्लाह और राय के लिए।"
Jan 31
क़मर जौनपुरी left a comment for jaan' gorakhpuri
"आदाब मोहतरम मोबाइल no देने की मेहरबानी करें"
Jan 28
Samar kabeer commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल ( इश्क़ उम्मीद है)
"मैं जनाब रवि जी से सहमत हूँ । बाक़ी सब ठीक है,न होता तो पहले ही लिख देता ।"
Jan 26
Ravi Shukla commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल ( इश्क़ उम्मीद है)
"आदरणीय कमर जौनपुरी साहब बहुत अच्छी गजल आपने कहीं दिली मुबारकबाद पेश करता हूं जब तक समर साहब पुनः इस ग़ज़ल पर हाजिर होते हैं मैं अपना नजरिया पेश करने की इजाजत चाहता हूं ग़ज़ल में मात्रा गिराना स्वीकार्य है यह सुविधा है जहां तक हो सके मिसरो में मात्रा…"
Jan 26
क़मर जौनपुरी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103
"ओ वक़्त के हकीम हूँ बीमारे इश्क़ मैंदीदार ए यार चाहूँ दवाएँ मुझे न दो l बेहतरीन शेर के साथ अच्छी ग़ज़ल जनाब तस्दीक़ साहब।"
Jan 25
क़मर जौनपुरी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103
"221, 2121,1221, 212 मैं आब से घिरा हूँ घटाएँ मुझे न दोमैं दर्द में हूँ और बलाएँ मुझे न दो मैं जम गया हूँ बर्फ़ से एहसास के तलेअब मौत की ये सर्द हवाएँ मुझे न दो उसकी जफ़ा की राह में बीमार हूँ पड़ाफ़ाके में हूँ वफ़ा की ग़िज़ाएँ मुझे न दो अब थक चुका हूँ दौड़…"
Jan 25
क़मर जौनपुरी commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल
"मोहतरम जनाब लक्ष्मण धामी साहब और मोहतरम जनाब अजय तिवारी साहब ग़ज़ल में शिरकत और हौसला आफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया।"
Jan 24
क़मर जौनपुरी commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल ( इश्क़ उम्मीद है)
"मोहतरम जनाब समर कबीर साहब आदाब। बहुत बहुत शुक्रिया इस्लाह के लिए। चहक की जगह महक कर लूं तो ठीक हो जाएगा? इस ग़ज़ल को बह्र में लाने के लिए बहुत मात्राओं को गिराना पड़ा, क्या यह क्षम्य हैं? इस पर भी रहनुमाई करने की मेहरबानी करें। सुर्खरू के इस्तेमाल में…"
Jan 24
Samar kabeer commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल ( इश्क़ उम्मीद है)
"जनाब क़मर जौनपुरी साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है ,बधाई स्वीकार करें । मतले के ऊला मिसरे में 'बहारें' महकती हैं,चहकती नहीं,ग़ौर करें ।"
Jan 24
Ajay Tiwari commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल
"आदरणीय कमर साहब, अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई."
Jan 24
क़मर जौनपुरी posted a blog post

गज़ल ( इश्क़ उम्मीद है)

2122, 1122, 1122, 22/112सुर्ख़रू शोख़ बहारों सा चहक जाओगे इश्क़ के बाग़ में आओ तो गमक जाओगेगर इरादे हुए हैं बर्फ़ से ख़ामोश तो क्या गर्मी-ए-इश्क़ में आ जाओ दहक जाओगेइश्क़ की ताब का अंदाज़ा भला है तुमको इसकी ज़द में ही फ़क़त आओ लहक जाओगेरौनक-ए-इश्क़ की ताक़त को न ललकारो तुम ख़ूब ज़ाहिद हो मगर तुम भी बहक जाओगेइश्क़ ख़ुश्बू है इसे बांधने की ज़िद न करो इसमें घुल जाओ तो दुनिया में महक जाओगेइश्क़ के रंग व ख़ुश्बू से मिलोगे जब तुम नर्म इक फूल की डाली सा लचक जाओगेइश्क़ उमीद है जलवे में सदा रहता है दिल में इस लौ को जगा लो तो…See More
Jan 24
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल
"आ. भाई कमर जौनपुरी जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 23
क़मर जौनपुरी commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल
"मोहतरम आसिफ जैदी साहब और मोहतरम आमोद श्रीवास्तव जी का बहुत बहुत शुक्रिया हौसला आफ़ज़ाई के लिए।"
Jan 23
क़मर जौनपुरी commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल
"मोहतरम जनाब समर कबीर साहब बहुत बहुत मेहरबानी इस्लाह के लिए। चश्म की जगह आंखों कर दिया हूँ। इसे को उसे कर दिया हूँ। बस ऐसे ही नज़रे इनायत बनाये रखें।"
Jan 23

Profile Information

Gender
Male
City State
Jhumri Tilaiya
Native Place
Jaunpur
Profession
Hindi Teacher
About me
Myself Hindi teacher since 21 years. Trying to compose kavita and gazal

क़मर जौनपुरी's Blog

गज़ल ( इश्क़ उम्मीद है)

2122, 1122, 1122, 22/112

सुर्ख़रू शोख़ बहारों सा चहक जाओगे

इश्क़ के बाग़ में आओ तो गमक जाओगे

गर इरादे हुए हैं बर्फ़ से ख़ामोश तो क्या

गर्मी-ए-इश्क़ में आ जाओ दहक जाओगे

इश्क़ की ताब का अंदाज़ा भला है तुमको

इसकी ज़द में ही फ़क़त आओ लहक जाओगे

रौनक-ए-इश्क़ की ताक़त को न ललकारो तुम

ख़ूब ज़ाहिद हो मगर तुम भी बहक जाओगे

इश्क़ ख़ुश्बू है इसे बांधने की ज़िद न करो

इसमें घुल जाओ तो दुनिया में महक जाओगे

इश्क़ के रंग व…

Continue

Posted on January 23, 2019 at 5:30pm — 6 Comments

गज़ल

122 122 122 122

ग़ज़ल

****

है दुनिया में कितनी रवानी न पूछो

महकती है कितनी कहानी न पूछो

इसे चाँद के पार जाना था मिलने

कहाँ रह गई ज़िंदगानी न पूछो

रहा दर बदर आशिक़ी का मैं मारा

गई बीत कैसे जवानी न पूछो

तेरे इश्क़ में मैंने गोता लगाया

मिली मुझको क्या क्या निशानी न पूछो

मुहब्बत की रस्में निभाते निभाते

रहा चश्म में कितना पानी न पूछो

कभी ग़म के बादल कभी सर्द आहें

पड़ीं कितनी बातें भुलानी न…

Continue

Posted on January 19, 2019 at 4:07pm — 8 Comments

ग़ज़ल: यही सवाल मेरे ज़ेह्न में उभरता है

1212,1122, 1212, 22/112

यही सवाल मेरे ज़ेह्न में उभरता है

वो ज़िंदगी के लिए कैसे रोज़ मरता है//१

चली है सर्द हवा पूस के महीने में

किसान खेत में रातों को आह भरता है//२

वो धीरे धीरे मेरे दिल मे यूँ उतर आया

कि जैसे चाँद किसी झील में उतरता है//३

अक़ीदा जोड़ के देखो किसी की उल्फ़त से

जहान सारा नई शक्ल में निखरता है//४

नया ज़माना है फ़ैशन का दौर है यारों

चमन में भौंर भी तितली सा अब सँवरता…

Continue

Posted on January 5, 2019 at 1:00pm — 2 Comments

गज़ल : जाम का मौजज़ा दिखा साक़ी

2122 1212 22

ग़ज़ल

*****

जाम आंखों से अब पिला साक़ी

होश मेरे तू अब उड़ा साक़ी//१

ज़िन्दगी भर रहा हूँ मैं काफ़िर

अपना कलमा तू अब पढ़ा साक़ी//२

इल्म के बोझ से परेशां हूँ

इल्म सारे मेरे भुला साक़ी//३

रंग मेरा उतर गया अब तो

रंग अपना तू अब चढ़ा साक़ी//४

बेख़ुदी ज़ीस्त में समा जाए

जाम ऐसा कोई पिला साक़ी//५

ख़्वाब आएं तो सिर्फ तेरे हों

ख़्वाब से ख़्वाब तू मिला साक़ी//६

हो गया मैं फ़ना…

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Posted on January 4, 2019 at 9:30pm — 6 Comments

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