For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Featured Blog Posts – May 2012 Archive (7)

धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई

आज 31 मई विश्व  तम्बाकू  विरोधी दिवस पर एक  विशेष रचना





सुट्टों ने सोखा जिस्म, सेहतमन्दगी गई

धुंए का शौक लग  गया तो  ज़िन्दगी गई



छुप छुप के पीना छोड़, खुल्लेआम पी रहे

माँ की  लिहाज़,  बाप से शरमिन्दगी गई



गुटखा चबाने वाले की…

Continue

Added by Albela Khatri on May 31, 2012 at 4:30pm — 40 Comments


सदस्य टीम प्रबंधन
तुमको अलख जगाना होगा…

साहित्य साधना इष्ट आराधना

पवित्रतम ह्रदय निस्सृत पूजा है,

निर्मल निर्झर भाव सरिता ये

उद्गम अन्तः मन जिसका है,…

Continue

Added by Dr.Prachi Singh on May 30, 2012 at 7:30pm — 34 Comments

"|| शुद्धगा छंद ||"

"|| "शुद्धगा छंद" ||" 

(२८ मात्रा "१ २ २ २   १ २ २ २   १ २ २ २   १ २ २ २ ")

------------------------------------------------------------------------

यहाँ पर प्रेम पूजा प्रेमियों की जानता हूँ मैं

जहाँ पर है सखी भगवान जैसी मानता हूँ मैं

मिले जब…

Continue

Added by SANDEEP KUMAR PATEL on May 21, 2012 at 2:00pm — 14 Comments


मुख्य प्रबंधक
लघुकथा :- चिंगारी

लघुकथा :- चिंगारी …

Continue

Added by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 19, 2012 at 1:00pm — 53 Comments


सदस्य टीम प्रबंधन
दोषारोपण

दोषारोपण
 
नन्हा
अबोध बाल मन,
साफ़ आइना
जिसमे बनते बिगड़ते हैं
नित नए बिम्ब
दुनिया के हर स्वरुप के.....
ज्ञानेन्द्रियों से सोख
निर्भेद हर ज्ञान अज्ञान,
बढ़ाता है
नन्हे कदम
नित नए प्रयोगों के लिए...
और
नन्हे हाथ
समेट लेने को पूरा नव्य संसार...
आखिर
क्यों हो जाता…
Continue

Added by Dr.Prachi Singh on May 16, 2012 at 12:00am — 24 Comments

कविता - बहती सी गंगा

 कविता - बहती सी…
Continue

Added by Abhinav Arun on May 15, 2012 at 4:25pm — 35 Comments

ज़िंदगी कर दी सनम तेरे हवाले अब तो

ज़िंदगी कर दी सनम तेरे हवाले अब तो।

तू भी बढ़के मुझे सीने से लगा ले अब तो॥

दूर रहता हूँ तो आँखों में नमी रहती है,

मैं भी हँस लूँ तू ज़रा पास बुला ले अब तो॥…

Continue

Added by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 7, 2012 at 9:30pm — 18 Comments

Featured Monthly Archives

2025

2023

2022

2021

2020

2019

2018

2017

2016

2015

2014

2013

2012

2011

2010

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
3 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
17 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service