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DEEP ZIRVI's Blog – June 2012 Archive (4)

आई मिस यू माई डैडी

 मेरे सर पर ,'सुख की छाया ' का पता , प्रभु आप थे .

उस रूप को शत शत नमन जब आप मेरे बाप थे .

सारा जग था आप से आरम्भ , और था आप तक .

आप आप आप प्रभु जी हर तरफ बस आप थे .

आप के सीने से आती वो पसीने की महक .

आप के सीने पे सर था मेरे सीने आप थे .

आपकी आई नही थी , आई बेशक थी मेरी .

मैं गया था इस…

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Added by DEEP ZIRVI on June 29, 2012 at 8:30am — No Comments

एक ग़ज़ल कहने की कोशिश ...

अब हवा न हो हमारे दरम्यां;
एक मन हैं ;एक तन हों ,एक जां.

तेरी जुल्फों में जो टांगा फूल तो ;
देर तक महकी हैं मेरी उंगलीयां .

तुम मिले होते न हम को गर सनम
मैं समझता जिंदगी है राए-गां.

एक नगमा बन गई हैं जिंदगी ;
कह रही मुझ को तू आ के गुनगुना .

पारसाई तेरी रास आने लगी ;
कर रही है तेरा मुझको निगेह -बाँ.

इश्क ने सब को सिखाई बन्दगी ;
वरना मेरी काविश गई थी राए -गां .

दीप जीरवी

Added by DEEP ZIRVI on June 29, 2012 at 12:00am — No Comments

कौन करेगा तुझे मुझसे जुदा जानम...

यूं तो

मिलते हैं

बिछड़ते हैं

कई लोग मुझसे ;

तेरी बात और है तुम ने

सिर्फ

मुझसे

हाँ मुझ से

मुहब्बत क़ी है

...मेरी झोली में डाले हैं

मुहब्बत के सच्चे मोती ...

...मेरी मुहब्बत क़ी देवी

तुम ने मुझ पे ये

ख़ास इनायत की है .

आती जाती हुई साँसों में

बसी तू तू तू ही ...

...तेरी नजरे करम ने

मेरी ये हालत क़ी है .

सौ जन्म लेकर भी

पा ना पाता हीरा तुम सा ...

... भर के अपनी मुहब्बत से

मेरी झोली

...इनायत क़ी है

. तू…

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Added by DEEP ZIRVI on June 28, 2012 at 11:30pm — No Comments

...पंजाब है .

{भाव निर्झर }



कितना भोला कितना सादा ;

देखिये पंजाब है .

कटता आया बंटता आया ,

देखिये पंजाब है.

भोलेपन की इंतिहा है ,

सोच के देखे कोई ;

लीडरों की घर की मुर्गी ,

देखिये पंजाब है.

अन्नदाता देस क़ा

खुद फांकता सल्फास है

डालरों की धौंस सहता ,

देखिये पंजाब है..

फिल्म टी वी में दिखे

जो हर चरित्र मसखरा

उनमें पागल दिखने वाला ;

देखिये पंजाब है.;

इन शहीदों की कभी लिखे

अगर कोई किताब

हर जगह पंजाबियों क़ा…

Continue

Added by DEEP ZIRVI on June 28, 2012 at 11:30pm — 1 Comment

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