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Meena Pathak's Blog – September 2013 Archive (4)

जीवन के रेगिस्तान में

जाने कितने बसंत

शीत,पतझड़, सावन

आये गये

तपती,भीगती,ठिठुरती

मुरझाती पर फिर भी

चलती रही अनवरत

हाँफती,दौड़ती,पसीजती

डोर अपनी साँसों की पकड़े

कोलाहल अंतर का समेटे

मूक, निःशब्द बस्

अपने काफिले के साथ

बढ़ती ही गई

जीवन के पथ पर !!



अपनी साँसें संयत करने को

रुकी इक पल को

पीछे मुड़ कर देखा जो

छोड़ गये थे सभी मुझको

मेरे पीछे था अब सुनसान

आगे वियावान

नीचे तपती रेत

ऊपर सुलगता आसमान…

Continue

Added by Meena Pathak on September 28, 2013 at 4:08pm — 14 Comments

माँ तुम्हारा कर्ज चुकाना है

छन्द मुक्त रचना



नौ महीने

अपनी कोख में सम्भाला

पीड़ा सहकर

लायी मुझे दुनिया में

जानती हूँ

बहुत दुःख सह, ताने सुन

जन्म दिया मुझे



मैंने सुना था, माँ!

जब बाबा ने तुम्हें धमकाया था

कोख में ही मारने का

दबाव बनाया था

दादी ने क्या-क्या नही सुनाया!

पर तुम!

न डरी, न झुकी

मुझे जन्म दिया



हमारे होते भी

तुम निपूतनी कहलाई

पर तुम्हारे

प्यार में कमी न आई



तुम्हारे आँसुओं का

मोल चुकाना… Continue

Added by Meena Pathak on September 20, 2013 at 7:18pm — 22 Comments

एक कोमल एहसास

याद है !!

जब तुम्हारा जन्म हुआ था

एक नर्म तौलिये में लपेट

मुझे तुम्हारी एक

झलक दिखलाई थी

तुम्हे देखते ही

भूल गयी थी दर्द सारा

खों गयी थी

गुलाब की पंखुड़ियों जैसी सूरत में

कितना प्यारा था स्पर्श तुम्हारा

नर्म

बिलकुल रुई के फाहों जैसा

खुश थी छू के तुम्हे



तुम मद मस्त नींद में

लग रहा था

लम्बा सफ़र तय किया है तुमने

कितने दिनों के थके हो जैसे

 

जब तुमने

आँखें खोली पहली बार

इस नयी दुनिया को देखने की…

Continue

Added by Meena Pathak on September 5, 2013 at 8:27pm — 47 Comments

समय -- लघुकथा

अलार्म   की आवाज सुन कर अदिति की आँख खुल गयी | उसने मोबाइल उठा कर अलार्म बंद कर दिया और समय देखा सुबह के ५ बज गए थे  जल्दी से उठ कर काम में लग गई सफाई, नहाना, पूजा बेटे को स्कूल और पति को ऑफिस भेज कर एक लम्बी साँस ली | कमरे में नजर घुमा के देखा तो पूरा कमरा अस्त व्यस्त हो गया था, फिर से उसने आंचल को कमर में खोंसा और काम में जुट गई | काम समेटते समेटते दोपहर हो गयी और बेटे के स्कूल से आने का समय भी | वो दौड़ कर रसोई में जा गैस पर दाल गर्म होने के लिए रख देती है इतने में बेटा आ जाता है, आते ही…

Continue

Added by Meena Pathak on September 3, 2013 at 11:00am — 36 Comments

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