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Dr. Chandresh Kumar Chhatlani's Blog – November 2012 Archive (4)

लरज़ते अश्कों को रोक लो तुम

छुपा के होठों से गम को अपने

लरज़ते अश्कों को रोक लो तुम |

बना लो गीतों को मेय का प्याला

छलकती बूंदों ही को कहो तुम |

 

ये गम की तड़पन से लिपट लो,

हवा दो आग को जितनी भी तुम |

सुख को हौले से फिर भी छू लो ,

लरज़ते अश्कों को रोक लो तुम |

 

मंजिल पे जख्मों को तो न देखो,

मंजिल को छू लो नयनों से अपने |

बसा के आँखों में कल के सपने,

लरज़ते अश्कों को रोक लो तुम |

 

आसान नहीं खुद को पहचान…

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Added by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on November 25, 2012 at 11:17pm — 6 Comments

भारत माता की आरती

तेरे नयनों में भर आये नीर तो, लहू मैं बहा दूं माँ,

न्योच्छार तुझपे जीवन करूँ, क्या जिस्म क्या है जाँ |

 

तू धीर गंभीर हिमाला को

मस्तक पे धारण करे |

तू चंचल गंगा जमुना का

प्रतिक्षण वरण करे |

विविध भी एक हैं , देख ले चाहे जहां |

 

जब उठा के लगा दें

हम मस्तक पे धूल |

बसंत है चारों तरफ

खिले मुस्कान के फूल |

नफरत भी बन जाती है, प्रेम का समाँ |

 

तेरे बेटों की ओ माँ

बस यही है आरजू…

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Added by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on November 25, 2012 at 11:16pm — 5 Comments

हर दुःख मुझे देता है प्रेरणा

हर दुःख मुझे देता है प्रेरणा

संघर्ष को और बढाने की |

हर हार मुझे देती है आशा

जय को करीब लाने की |

 

बिखर जाये जब मन मेरा

मैं उसके मोती चुन लेता हूँ |

निराशा के हर अंगारे को

मैं अमृत समझ के सहता हूँ |

 

ये निराशा मेरे प्रेम की भाषा

जल्दी ही बन जाने की |

हर दुःख मुझे देता है प्रेरणा.....

 

पतझर में जो झर गये पत्ते

आने पे सावन खिल जायेंगे |

मनुष्य यदि प्रयास करे तो

बिछड़े क्षण…

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Added by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on November 25, 2012 at 11:14pm — 4 Comments

जाने कब क्या हो जाये

इस ज़िंदगी के किस पल में

जाने कब क्या हो जाये |

मिल कर सारे जहाँ की ख़ुशी,

ज़िंदगी ही खो जाये |

 

खुशियों के दर्पण के पीछे,

हम दीवाने हो जाते हैं |

दीवानगी में ये ना सोचे,

अक्स ही हमें सुहाते हैं |

सुख के हर इक अक्षर को, दुःख जाने कब धो जाये |

 

सुख तो इक आज़ाद पंछी,

पिंजरे में न रह पायेगा |

दिल का सूना पिंजरा भरने,

दुःख ही फिर से आ जाएगा |

जाने कब गम का आंसू, दामन को भिगो जाये…

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Added by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on November 25, 2012 at 11:00pm — 6 Comments

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