For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सौन्दर्य और स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक


        सौन्दर्य और स्वस्थ्य दोनो एक ही सिक्के के दो पहलू हैं लेकिन इसके बावजूद भी हम में से ज़्यादातर महिलाऐं सिक्के के एक ही पहलू यानि सिर्फ खूबसूरती पर ही ध्यान देती हैं । और स्वस्थ्य को जाने - अनजाने दरकिनार करती चली जाती हैं । बहुत सी महिलाओं की नज़र में खूबसूरती के मायने हैं आकर्षक मेकअप, खूबसूरत कपड़े, और मैचिंग जूलरी । लेकिन क्या सचमुच खूबसूरती के यही मायने हैं ? हम ये तो नहीं कहते कि आकर्षक कपड़े, ज़ेवर, और मेकअप खूबसूरती का हिस्सा नहीं हैं लेकिन यह आपके व्यक्तित्व को भी आकर्षक बनायेंगे यह ज़रूरी नहीं। सच तो यह है कि इन सब चीजों से एक महिला को सजाया संवारा तो जा सकता है लेकिन उसे सौन्दर्य नहीं मिल सकता । क्यों कि स्थाई सौन्दर्य का राज़ छिपा है अच्छे स्वास्थ्य में । जब तन स्वस्थ होगा तभी मन खुश होगा और जब मन प्रसन्न होगा तो तन भी सुन्दर लगेगा । इसलिऐ यदि आप सौन्दर्य की प्रतिमूर्ती बनना चाहती हैं तो अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिये । महिलाओं से जुड़ी ऐसी बहुत सी स्वास्थ्य सबंधी समस्याऐं होती हैं जो उनके सौन्दर्य पर सीधा असर डालती हैं । मसलन - समय पर महावारी न होना या फिर बहुत कम या बहुत अधिक रक्त स्त्राव होना, तनाव, डायबटीज़ (मधुमेह), हाई ब्लडप्रैशर, या थायराॅयड आदि जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त होना । यह कुछ ऐसी बीमारियाँ हैं जो बढ़ती उम्र के साथ ज़्यादातर महिलाओं को अपना शिकार बना लेती हैं । इसलिऐ ज़रूरी है कि पहले इन परेशानियों से निबटा जाये और जब बीमारियों पर नियंत्रण होगा तो तन में फुर्ती और मन में खुशी होगी जो हमें स्वतः ही सौंदर्यबोध का एहसास करा देगी । इसलिऐ यदि आप भी खूबसूरत दिखना चाहती हैं तो ध्यान रखिये कुछ खास बातों का -
      यदि आपकी माहवारी अनियमित है या महावारी के दौरान आपको बहुत अधिक या कम रक्त स्त्राव हो रहा है तो इसे कतई नज़र अन्दाज़ न करें । महावारी से जुड़ी समस्याओं को अधिकतर महिलायें टाल जाती हैं । वह इस बात को भूल जाती हैं कि महावारी की अनियमितता या इस दौरान कम या ज़्यादा रक्त स्त्राव होना किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है । पीरीयडस की अनियमितता और नारी सौन्दर्य पर जब हमने स्त्री रोग विशेषज्ञ शमां बत्रा से बात की तो उन्होने बताया कि ‘‘मासिक धर्म के दौरान रक्त स्त्राव होना और इसका हर महिने आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसका सीधा सबंध हमारे मस्तिष्क से है । प्रत्येक स्त्री फिर चाहे वह अविवाहित हो या विवाहित महिने के इन खास दिनों में उसके शरीर से इस्ट्रोजन और प्रोजोस्ट्रोन नाम के दो हार्मोनस निकलते हैं । मूल रूप से यह दोनो ही हार्मोन्स महिलाओं के मस्तिष्क से निकलते हैं और उसके बाद यह हमारी ओवरी से मासिक धर्म के रक्त स्त्राव के साथ बाहर निकल जाते हैं । किन्तु जिन महिलाओं का मासिक धर्म अनियमित होता है या इस दौरान उन्हें बहुत कम या ज़्यादा ब्लीडिंग होती है तो यह उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है । मसलन - शरीर में भारीपन, स्वभाव में चिड़चिड़ापन, डिप्रैशन में रहना, त्वचा पर रैशेस होना या बहुत अधिक सैन्सटिव हो जाना यह सभी लक्ष्ण हमारे स्वास्थ्य और सौन्दर्य दोनो पर ही असर डालते हैं ।’’ इसलिये महावारी से जुड़ी किसी भी समस्या को नज़रअन्दाज़ न करें और समय रहते अपनी डाॅक्टर से संपर्क करें ।
     महावारी की अनियमितता के अलावा स्त्रियों में थायराॅयड की समस्या भी बहुतायत में देखने को मिलती है । सामान्य सी कही जाने वाली यह समस्या स्त्रियों को अनेक परेशानियों में डाल देती है । इस बीमारी से महिलायें सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं खोती हैं बल्कि अपना रूप लावण्य और आकर्षण भी खो देती हैं । इस विषय में जब हमने थायराॅयड विशेषज्ञ डाॅ. कल्पना जैन से बात की तो उन्होंने बताया कि ‘‘हाइपोथयराॅयड हो या फिर हाइपरथायराॅयड हो दोनो ही परिस्थितियों में महिलायें मानसिक व शारीरिक रूप से कमज़ोर हो जाती हैं । क्यों कि हाइपोथयराॅयड में जहाँ एक ओर महिला का वज़न तेज़ी से बढ़ने लगता, बाल झड़ने लगते हैं, भूख बढ़ जाती, काॅन्सनट्रेशन की कमी होने लगती है, त्वचा का रूखा होना आदि परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो वहीं हाइपरथायराॅयड में वज़न का तेज़ी से कम होना, गले में सूजन आना, घबराहट होना, हाथों में कंपकंपी होना आदि जैसे लक्ष्णों से न सिर्फ महिलाओं का आत्मविश्वास कम होने लगता है बल्कि स्त्रियां अपनी कांति भी खोने लगती हैं । इसलिऐ यदि किसी भी महिला को इस तरह के लक्ष्ण अपने अन्दर दिखाई दें तो शीघ्र अपने डाॅक्टर से संपर्क करें जिससे समय रहते अपके स्वास्थ्य और सौन्दर्य को बचाया जा सके ।’’ यह बहुत ज़रूरी है कि बढ़ती उम्र के साथ आप नियमित रूप से अपना मेडिकल परिक्षण अवश्य कराती रहें । क्यों कि कई बार बेहद मामूली समझी जाने वाली बीमारी भी जी का जंजाल बन जाती है और हाईब्लडप्रैशर एक ऐसी ही बीमारी है । यह जिसे एक बार हो गई तो उम्र भर साथ नहीं छोड़ती । बदलते मौसम और बढ़ती उम्र में बेवजहों की चिंता और तनाव लेने से उच्च रक्तचाप की बीमारी हमारे स्वभाव को बेहद चिड़चिड़ा बना देती है जिससे हम छोटी छोटी बातों पर भी झगड़ा कर बैठते हैं या फिर बहस में पड़ कर अपनी सेहत तो खोते ही हैं साथ ही हम हमेशा के लिऐ अपने चेहरे पर झुर्रियों को दवात दे बैठते हैं । इसलिऐ बेहतर तो यही होगा कि हम अपनी बीमारी और हालात से गुत्थम गुत्था करने की जगह यदि खुद को खुश रखने और स्वस्थ रखने की ओर ध्यान देंगे तो हम खुद भी खुश रहेंगे और दूसरों को भी खुशी दे पायेंगे । साथ खुशी और मुस्कुराहट की चमक हमारे चेहरे को कांति देने के साथ - साथ हमारे सौन्दर्य में चार चाॅंद भी लगायेगी ।
        जीवन के प्रति एक सकारात्मक सोच के साथ - साथ यदि हम अपनी सेहत के अनुसार परहेज़ करते हुऐ अपनी दिनचर्या में संतुलित भोजन व व्यायाम को जगह दें और कुछ समय सिर्फ अपने लिऐ निकालें तो हाईब्लडप्रैशर ही नहीं बल्कि हम किसी भी समस्या और किसी भी परेशानी से उबर कर खुद को स्वस्थ और सांवला सलोना बनाये रख सकते हैं । बस ज़रूरत है अपने सौन्दर्य के साथ साथ अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की ।

 

आलेख - मोनिका जैन (एफ एम रेडियो और टी.वी. एकंर)

Views: 1253

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Ashok Kumar Raktale on May 22, 2012 at 9:07pm
 मोनिका जी, सही कहा आपने स्वास्थ से ही सौन्दर्य होता है. स्वास्थ ही सौन्दर्य में निखार लाता है. महिलाओं को स्वास्थ पर पुरुषों से अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है. सार्थक आलेख.
Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 21, 2012 at 10:54pm

बेहतर तो यही होगा कि हम अपनी बीमारी और हालात से गुत्थम गुत्था करने की जगह यदि खुद को खुश रखने और स्वस्थ रखने की ओर ध्यान देंगे तो हम खुद भी खुश रहेंगे और दूसरों को भी खुशी दे पायेंगे । साथ खुशी और मुस्कुराहट की चमक हमारे चेहरे को कांति देने के साथ - साथ हमारे सौन्दर्य में चार चाॅंद भी लगायेगी ।

मोनिका जी बहुत उपयोगी जानकारी दी आप ने ...बहुतों के काम आएगी ...हंसने मुस्कुराने से जिन्दगी संवर जाती है ...आभार . -भ्रमर ५ 

Comment by Rekha Joshi on May 21, 2012 at 9:39pm

मोनिका जी ,निस्संदेह सौन्दर्य और स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक है ,ज्ञानवर्धक लेख ,बधाई |

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on May 21, 2012 at 4:05pm

 जीवन के प्रति एक सकारात्मक सोच के साथ - साथ यदि हम अपनी सेहत के अनुसार परहेज़ करते हुऐ अपनी दिनचर्या में संतुलित भोजन व व्यायाम को जगह दें और कुछ समय सिर्फ अपने लिऐ निकालें तो हाईब्लडप्रैशर ही नहीं बल्कि हम किसी भी समस्या और किसी भी परेशानी से उबर कर खुद को स्वस्थ और सांवला सलोना बनाये रख सकते हैं । बस ज़रूरत है अपने सौन्दर्य के साथ साथ अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की ।

badhai banti hai, aage bhi aese lekh krpya. badhai 

 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 21, 2012 at 11:46am
समसामयिक आवश्यक आलेख हेतु आभार प्रिय मोनिका जी

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 21, 2012 at 10:09am

वाह मोनिका जी , आपकी पकड़ तो हर क्षेत्र में है, बहुत ही शिक्षाप्रद और उपयोगी लेख की प्रस्तुति बाई, बहुत बहुत आभार इस आलेख हेतु |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 20, 2012 at 5:01pm

इंग्लिश में भी सही कहावत है हेल्थ इज वेल्थ ...मोनिका जी बहुत महत्वपूर्ण बात कही है अच्छा स्वास्थ्य नहीं है तो चेहरे पर तो पहले ही बारह बजे होंगे मेक अप  से वो ढक नहीं जाएगा स्वास्थ्य अच्छा है तो तन मन दोनों सुन्दर बने रहेंगे 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 20, 2012 at 3:44pm

इस जानकारी भरे आलेख के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद, मोनिकाजी.

यह सही है कि स्वास्थ्य सौ नियामत है. स्वस्थ होना ही स्वस्थ मन और सुगढ़ तन का कारक होता है.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
7 hours ago
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
10 hours ago
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
22 hours ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ मंच से बहुत कुछ सीखने को मिला इसके बंद होने की खबर दुखद और पीड़ादाई लगी। अजय गुप्ता जी की…"
yesterday
Manjeet kaur commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .मंच

दोहा सप्तक. . . . . मंचअभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।यह जग…See More
yesterday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)

बह्र: 22 22 22 22 22 2 रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिएजंगल का कानून है पहला, चुप रहिएमँहगाई से…See More
Saturday
रोहित डोबरियाल "मल्हार" posted a blog post

दास्तां

एक हो दास्तां तो सुनाएं,लंबी है कहानी, फिर कभी।मिले थे जिस जगह इक उम्र पहले,वो धुंधली सी निशानी,…See More
Saturday
Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

समय

समय को दोष देना क्यूँ समय जीना सिखाता है समय की गति सुनिश्चित है समय ही तो विधाता है।। समय का खेल…See More
Saturday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय सौरभ जी"
Saturday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"उम्मीद है कि इस पटल से संबंधित कोई अच्छी खबर आएगी।"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"इस सुंदर बुनावट और कहन पर आज नजर पड़ी, आदरणीय धर्मेन्द्र जी.  हार्दिक बधाई   "
May 25

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service